
कल्पना कीजिए, आप एक तपती दोपहर में बाहर हैं या अपने ऑफिस के काम में इतने मशगूल हैं कि पानी पीना ही भूल गए। अचानक आपको हल्का सिरदर्द महसूस होता है और आप उसे काम का तनाव समझकर टाल देते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह तनाव नहीं, बल्कि आपके शरीर का एक “साइलेंट साइन” है? आपका शरीर आपसे कह रहा है कि उसके भीतर का ‘ईंधन’ यानी पानी खत्म हो रहा है।
डिहाइड्रेशन महज एक प्यास का अहसास नहीं है; यह एक ऐसी स्थिति है, जो आपकी किडनी, दिमाग और दिल पर सीधा असर डालती है। जब शरीर को अपनी सामान्य प्रक्रियाओं को चलाने के लिए पर्याप्त तरल पदार्थ नहीं मिलता, तो वह अंदरूनी रूप से ‘सूखने’ लगता है। सीके बिरला अस्पताल के विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल आने वाले कई मरीजों में थकान और कमजोरी का प्राथमिक कारण पानी की भारी कमी ही पाया जाता है। यदि आप भी अपनी सेहत को लेकर गंभीर हैं, तो डिहाइड्रेशन से बचने के उपाय जानना आपके लिए केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है। यदि इस ब्लॉग में मौजूद लक्षण आपको अपने शरीर में दिखते हैं, तो बिना देर किए हमारे अनुभवी विशेषज्ञों से मिलें और अपनी वर्तमान स्थिति के बारे में जानें।
आसान भाषा में समझें तो डिहाइड्रेशन का मतलब शरीर से बाहर निकलने वाले तरल पदार्थ (पसीना, पेशाब) की तुलना में पानी का सेवन कम होना है। हमारा शरीर लगभग 60-70% पानी से बना है। जब यह संतुलन बिगड़ता है, तो रक्त गाढ़ा होने लगता है और अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए हृदय को दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है। मेयो क्लीनिक के अनुसार, पुरुषों को रोजाना लगभग 3.7 लीटर और महिलाओं को 2.7 लीटर तरल पदार्थ की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि अक्सर लोगों के शरीर में पानी की कमी होने लगती है, क्योंकि इतना पानी भारत की लगभग 70% से अधिक आबादी पीती ही नहीं है।
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एक रिसर्च के अनुसार, दुनिया भर में लगभग 70% लोग ‘क्रोनिक डिहाइड्रेशन’ के शिकार हैं, जिसका अर्थ है कि वे पर्याप्त पानी नहीं पी रहे हैं और इसे सामान्य मान चुके हैं। शरीर में पानी की कमी को पहचानना मुश्किल नहीं है, बस आपको अपने शरीर के संकेतों के प्रति थोड़ा संवेदनशील होना होगा। आपको अपने शरीर में निम्न लक्षणों को समझना होगा और आवश्यकता के अनुसार परामर्श लेना होगा –
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सिर्फ पानी न पीना ही एकमात्र कारण नहीं है। कई बार आपकी जीवनशैली और बीमारियां भी इसके पीछे होती हैं –
यदि आप डिहाइड्रेशन के लक्षण और उपाय को नजरअंदाज करते हैं, तो यह निम्नलिखित समस्याओं को जन्म दे सकता है –
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डिहाइड्रेशन का इलाज उसकी गंभीरता पर निर्भर करता है।
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सीके बिरला अस्पताल में हमारे विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि डिहाइड्रेशन के उपाय के रूप में केवल सादा पानी ही काफी नहीं है, शरीर को सोडियम और पोटेशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स की भी जरूरत होती है। अपने फोन में ‘वॉटर रिमाइंडर’ ऐप इंस्टॉल करें या अपने वर्किंग डेस्क पर एक पारदर्शी बोतल रखें। जब आप पानी को अपनी आंखों के सामने देखते हैं, तो आपके मस्तिष्क को इसे पीने का संकेत मिलता रहता है। स्वस्थ रहें, हाइड्रेटेड रहें!
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अगर आपको निम्नलिखित में से कुछ भी महसूस हो, तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लें:
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पानी जीवन का आधार है। यह बात हम बचपन से सुनते आ रहे हैं। लेकिन इसे अमल में लाना हमारी जिम्मेदारी है। डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखने का इंतजार न करें। अपनी बोतल हमेशा साथ रखें और अपने शरीर को वह सम्मान दें जिसका वह हकदार है। याद रखें, आज का एक गिलास पानी कल की बड़ी बीमारी से आपको बचा सकता है।
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क्या सिर्फ प्यास लगना ही डिहाइड्रेशन का संकेत है?
नहीं, प्यास लगना एक देर से आने वाला संकेत है। जब तक आपको प्यास महसूस होती है, आपका शरीर पहले ही 1-2% पानी खो चुका होता है। थकान, सूखापन, सिरदर्द और प्यास से पहले आने वाले संकेत हो सकते हैं।
क्या ठंड के मौसम में भी डिहाइड्रेशन होता है?
हां, सर्दियों में हमें प्यास कम लगती है और शुष्क हवा शरीर की नमी को सोख लेती है। इसके अलावा, सर्दियों के कपड़ों में पसीना आने पर भी हमें पता नहीं चलता, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बना रहता है।
क्या बच्चों में डिहाइड्रेशन जल्दी होता है?
जी हां, बच्चों का वजन कम होता है और उनका चयापचय (मेटाबॉलिज्म) तेज होता है, जिससे उनके शरीर से तरल पदार्थ जल्दी खत्म होते हैं। दस्त या बुखार के दौरान बच्चों में यह स्थिति बहुत जल्दी गंभीर हो सकती है।
क्या डिहाइड्रेशन से स्किन खराब होती है?
निश्चित रूप से, पानी की कमी से त्वचा रूखी, बेजान और झुर्रियों वाली दिखने लगती है। पानी त्वचा को हाइड्रेटेड रखकर प्राकृतिक चमक (Glow) बनाए रखने में मदद करता है।
क्या सिर्फ पानी पीना ही पर्याप्त है?
ज्यादातर मामलों में हां, लेकिन अगर डिहाइड्रेशन ज्यादा पसीने या दस्त के कारण है, तो शरीर को नमक और खनिजों (इलेक्ट्रोलाइट्स) की भी जरूरत होती है। ऐसे में ओआरएस या नारियल पानी बेहतर विकल्प हैं।
क्या चाय या कॉफी से पानी की कमी पूरी हो सकती है?
नहीं, कैफीन युक्त पेय ‘मूत्रवर्धक’ (Diuretic) होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे आपको अधिक पेशाब कराते हैं, जिससे शरीर में पानी की कमी और बढ़ सकती है।
रोज़ कितना पानी पीना चाहिए?
एक सामान्य वयस्क को दिन में कम से कम 8-10 गिलास (लगभग 2.5 से 3 लीटर) पानी पीना चाहिए। हालांकि, यह आपकी उम्र, वजन और गतिविधि के स्तर पर निर्भर करता है। एक अच्छा नियम यह है कि आप अपनी प्यास का इंतजार न करें, बल्कि हर एक-दो घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।
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