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डायबिटीज से बचाव के लिए जीवनशैली में अपनाएँ ये 8 बदलाव

Endocrinology | by Dr. Abhay Ahluwalia on Dec 24, 2025 | Last Updated : Jan 5, 2026

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  1. लाइफस्टाइल में आसान बदलाव डायबिटीज के खतरे को काफी कम कर सकते हैं।
  2. एक बैलेंस्ड डायबिटीज डाइट चार्ट ब्लड शुगर लेवल को नैचुरली कंट्रोल करने में मदद करता है।
  3. वज़न मैनेजमेंट, नींद और स्ट्रेस कम करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
  4. योग और रेगुलर एक्सरसाइज इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाते हैं।
  5. लंबे समय तक डायबिटीज से बचाव के लिए स्मोकिंग और शराब से बचना ज़रूरी है।
  6. प्री-डायबिटीज डाइट प्लान से शुरुआती ब्लड शुगर बढ़ने को रोका जा सकता है।

डायबिटीज दुनिया में तेजी से बढ़ने वाली हेल्थ प्रॉब्लम है, जिसका मुख्य कारण खराब खानपान, कम एक्टिविटी, स्ट्रेस और नींद की कमी है। अच्छी बात यह है कि सही समय पर लाइफस्टाइल में बदलाव करके टाइप 2 डायबिटीज को काफी हद तक रोका जा सकता है। चाहे परिवार में डायबिटीज रही हो या आप प्री-डायबिटीज में हों, सही चुनाव करके इसे कंट्रोल में रखना बिल्कुल संभव है।

इस ब्लॉग में आप जानेंगे: डायबिटीज क्या है, बचाव क्यों ज़रूरी है, डायबिटीज रोकने के 8 असरदार लाइफस्टाइल टिप्स, साथ ही डायबिटीज में क्या खाएं और क्या न खाएं, तथा स्मोकिंग और शराब के प्रभाव।

डायबिटीज क्या है?

डायबिटीज एक मेटाबोलिक कंडीशन है जिसमें शरीर इंसुलिन का ठीक से इस्तेमाल या प्रोडक्शन नहीं कर पाता, जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है।

इसके मुख्य रूप से दो प्रकार होते हैं:

  • टाइप 1 डायबिटीज – एक ऑटोइम्यून कंडीशन जिसमें शरीर इंसुलिन बनाना बंद कर देता है।
  • टाइप 2 डायबिटीज – शरीर इंसुलिन के लिए रेसिस्टेंट हो जाता है या कम इंसुलिन बनाता है। यह लाइफस्टाइल फैक्टर्स से बहुत प्रभावित होता है।

नॉर्मल ब्लड शुगर लेवल होना चाहिए:

  • फास्टिंग: 70–99 mg/dL
  • खाने के बाद (2 घंटे): 140 mg/dL से कम

(ये वैल्यू इस आम सवाल का जवाब देती हैं—डायबिटीज कितनी होनी चाहिए?)

डायबिटीज से बचाव क्यों ज़रूरी है?

अनकंट्रोल्ड डायबिटीज दिल, किडनी, आंखें और नसों सहित लगभग हर अंग को नुकसान पहुंचा सकती है। जल्दी बचाव:

  • मेटाबॉलिज्म को हेल्दी रखता है
  • स्ट्रोक और दिल की बीमारी का खतरा कम करता है
  • एक्टिव और लंबी ज़िंदगी जीने में मदद करता है
  • न्यूरोपैथी (Neuropathy), अंधापन और किडनी फेलियर (kidney failure) जैसी दिक्कतों से बचाता है

डायबिटीज को बाद में मैनेज करने से रोकना कहीं ज़्यादा आसान है। एक प्रोएक्टिव तरीका सच में लंबे समय की सेहत को बदल सकता है।

यह भी पढ़े: डायबिटिक के मरीज के लिए कम्पलीट डाइट चार्ट

डायबिटीज से बचने के लिए ये 8 आसान लाइफस्टाइल टिप्स अपनाएं

1. हेल्दी वज़न बनाए रखें

शरीर का ज़्यादा फैट (खासकर पेट के आस-पास) इंसुलिन सेंसिटिविटी (Insulin sensitivity) को कम करता है। स्टडीज़ से पता चलता है कि 5–7% वज़न कम करने से भी ज़्यादा रिस्क वाले लोगों में डायबिटीज को रोका जा सकता है या उसे देर से होने दिया जा सकता है।

इसमें शामिल करें:

  • ज़्यादा सब्ज़ियां और फाइबर
  • कम मीठे स्नैक्स और फ्राइड फ़ूड
  • कम मात्रा में खाना

2. बैलेंस्ड डायबिटीज़ डाइट चार्ट अपनाएं

आपकी डाइट से ब्लड शुगर बढ़ना नहीं चाहिए, बल्कि उसे स्टेबल रखना चाहिए।

इसमें शामिल करें:

  • साबुत अनाज (बाजरा, ब्राउन राइस, ओट्स)
  • लीन प्रोटीन (दाल, अंडे, स्प्राउट्स)
  • हेल्दी फैट (नट्स, बीज)
  • हरी पत्तेदार सब्जियां
  • लो-GI फल (अमरूद, सेब, पपीता)

इनसे बचें:

  • इनसे बचें:
  • प्रोसेस्ड स्नैक्स
  • सफेद चावल, सफेद ब्रेड
  • ज़्यादा आलू
  • ट्रांस फैट

एक अच्छी तरह से बना डायबिटीज डाइट चार्ट ग्लूकोज को नैचुरली कंट्रोल करने में मदद करता है और लंबे समय के रिस्क को कम करता है।

3. अगर आपको रिस्क है तो प्री-डायबिटीज डाइट प्लान फॉलो करें

अगर आपका ब्लड शुगर बॉर्डरलाइन हाई है, तो एक सख्त प्री-डायबिटीज (Pre-diabetes) डाइट प्लान इस कंडीशन को ठीक कर सकता है। टिप्स:

  • हर दिन 25–30 ग्राम फाइबर खाएं
  • रिफाइंड कार्ब्स की जगह साबुत अनाज खाएं
  • काफी पानी पिएं
  • पैकेज्ड खाने की जगह घर का बना खाना चुनें

4. रोज़ाना 30–45 मिनट फिजिकली एक्टिव रहें

रेगुलर एक्सरसाइज सेल्स इंसुलिन के प्रति ज्यादा रिस्पॉन्सिव बनते हैं, आप इन्हें ट्राई करें:

  • वॉकिंग
  • साइकिलिंग
  • स्ट्रेंथ ट्रेनिंग
  • स्विमिंग

हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट की एक्टिविटी का टारगेट रखें।

5. डायबिटीज से बचाव के लिए योग करें

योग मन को शांत करता है, मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है और इंसुलिन के एक्शन को बढ़ाता है।

काम के आसन:

  • वज्रासन
  • सूर्य नमस्कार
  • मंडूकासन
  • धनुरासन
  • अनुलोम-विलोम और भ्रामरी जैसे प्राणायाम टेक्नीक

रेगुलर योग स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है, जो डायबिटीज के छिपे हुए ट्रिगर्स में से एक है।

6. रोज़ 7–8 घंटे सोएं

  • खराब नींद से भूख और इंसुलिन को कंट्रोल करने वाले हॉर्मोन बदल जाते हैं। देर रात तक जागने से क्रेविंग बढ़ती है और ब्लड शुगर लेवल बढ़ता है।
  • अपनी नींद का साइकिल ठीक करें और सोने से पहले स्क्रीन देखने से बचें।

7. स्ट्रेस कम करें

  • क्रोनिक स्ट्रेस से कोर्टिसोल (Cortisol) बढ़ता है, जिससे सीधे ब्लड शुगर बढ़ता है।
  • स्ट्रेस मैनेज करने के लिए हेल्दी तरीके अपनाएं जैसे मेडिटेशन, गहरी सांस लेना, या हॉबी।

8. मीठी चाय से बचें और कैफीन कम लें

बहुत से लोगों को यह पता नहीं होता कि चीनी वाली चाय से ब्लड शुगर तेज़ी से बढ़ सकता है। डायबिटीज पर चाय के नुकसानदायक असर:

  • अचानक ग्लूकोज स्पाइक्स का कारण बनता है
  • ज़्यादा कैफीन नींद पर असर डालता है
  • मीठे स्नैक्स की क्रेविंग बढ़ा सकता है

अगर आप चाय से बच नहीं सकते, तो इसकी जगह शुगर-फ्री या हर्बल चाय पिएं।

यह भी पढ़े: तिल के बीज (Sesame Seed) का स्वास्थ्य लाभ और साइड इफेक्ट

डायबिटीज में क्या खाएं और क्या न खाएं?

खाएं क्यों फायदेमंद न खाएं क्यों हानिकारक
साबुत अनाज (बाजरा, ओट्स) शुगर धीरे बढ़े मैदा, सफेद ब्रेड शुगर तुरंत बढ़े
हरी/बिना स्टार्च वाली सब्ज़ियाँ फाइबर ज्यादा आलू ज्यादा हाई GI
दाल, बीन्स, स्प्राउट्स शुगर कंट्रोल तली हुई दालें अनहेल्दी फैट
कम-GI फल (सेब, नाशपाती) कम शुगर आम, अंगूर, केला ज्यादा शुगर बढ़ाते हैं
दही, छाछ हल्का, पचने में आसान मीठा दही छिपी शुगर
नट्स, बीज हेल्दी फैट नमकीन/फ्राइड नट्स नमक/तेल ज्यादा
पानी, नींबू पानी बिना शुगर सॉफ्ट ड्रिंक, जूस चीनी बहुत

यह भी पढ़े: दिल के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक खाद्य पदार्थ

क्या डायबिटीज में नींबू खाना चाहिए?

हां। नींबू में कैलोरी कम और विटामिन C ज़्यादा होता है। यह डाइजेशन को बेहतर बनाता है और ब्लड शुगर को स्टेबल रखने में मदद कर सकता है। डायबिटीज और प्री-डायबिटीज वाले लोगों के लिए नींबू पानी एक आसान, सुरक्षित चीज़ है।

डायबिटीज के मरीज़ पर धूम्रपान और शराब का क्या असर होता है?

धूम्रपान

  • स्मोकिंग से सूजन बढ़ती है और शरीर इंसुलिन-रेसिस्टेंट (Insulin-resistant) हो जाता है। इससे डायबिटीज के मरीज़ों में दिल की बीमारी और नर्व डैमेज का खतरा भी बढ़ जाता है।
  • जो लोग स्मोकिंग करते हैं, उनमें टाइप 2 डायबिटीज़ होने की संभावना 30–40% ज़्यादा होती है।

शराब

  • ब्लड शुगर बैलेंस बिगाड़ सकती है
  • हाइपोग्लाइसीमिया यानि कम शुगर (Hypoglycemia) हो सकता है
  • लिवर पर स्ट्रेस बढ़ा सकती है
  • वज़न बढ़ा सकती है

यह भी पढ़े: प्रोटीन युक्त आहार लिस्ट: 15 हाई प्रोटीन फूड्स

निष्कर्ष

डायबिटीज को लाइफस्टाइल में छोटे लेकिन लगातार बदलावों से रोकना बिल्कुल मुमकिन है। हेल्दी वज़न बनाए रखना, बैलेंस्ड डाइट खाना, प्री-डायबिटीज़ डाइट प्लान फॉलो करना, रेगुलर एक्सरसाइज़ करना, योग करना, अच्छी नींद लेना और स्मोकिंग और शराब से बचना इस कंडीशन के होने के चांस को काफी कम कर सकता है।

आज ही अपनी आदतों पर कंट्रोल करके, आप अपनी लंबे समय की हेल्थ को बचा सकते हैं और ज़्यादा एक्टिव, एनर्जेटिक और बीमारी-मुक्त ज़िंदगी पक्की कर सकते हैं। इलाज से बचाव आसान है – और कहीं बेहतर भी।

FAQs

  1. क्या सिर्फ़ वज़न कम करके डायबिटीज़ को रोका जा सकता है?
    वज़न कम करने से काफ़ी मदद मिलती है, खासकर ज़्यादा वज़न वाले लोगों में, लेकिन रोकथाम के लिए बैलेंस्ड डाइट, एक्सरसाइज़ और अच्छी नींद भी ज़रूरी है।
  2. अगर फ़ैमिली में डायबिटीज़ की हिस्ट्री है तो क्या डायबिटीज़ को रोका जा सकता है?
    हाँ। लाइफ़स्टाइल की आदतें जेनेटिक्स पर हावी हो सकती हैं। हेल्दी वेट मैनेजमेंट और एक्टिव लाइफ़स्टाइल से रिस्क काफ़ी कम हो जाता है।
  3. क्या डायबिटीज़ की रोकथाम के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग फ़ायदेमंद है?
    इंटरमिटेंट फास्टिंग से इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर हो सकती है, लेकिन यह सभी के लिए सही नहीं है। धीरे-धीरे शुरू करें और बिना गाइडेंस के लंबे समय तक फास्टिंग करने से बचें।
  4. डायबिटीज़ को रोकने के लिए दिन में कितनी बार खाना चाहिए?
    3 बैलेंस्ड मील और 1-2 हेल्दी स्नैक्स अच्छे काम करते हैं। ज़्यादा खाने और खाने के बीच लंबे गैप से बचें।
  5. क्या देर तक जागने से डायबिटीज़ का रिस्क बढ़ सकता है?
    हाँ। खराब नींद इंसुलिन के काम में रुकावट डालती है और वज़न बढ़ने और हाई ब्लड शुगर की संभावना को बढ़ाती है।
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MBBS, MD (General Medicine), DNB (General Medicine), DM (Endocrinology) Dr. Abhay Ahluwalia an Endocrinologist of national repute having obtained the medical qualifications from the most reputed institutions in the country. His expertise and areas of interest include type 1 and type 2 diabetes, growth disorders, insulin PUMP therapy, paediatric endocrinology, PCOD & reproductive endocrinology and thyroid disorder treatment. He is...