
अक्सर लोग ओट्स को इसलिए अपने नाश्ते में जोड़ते हैं क्योंकि ये झटपट बन जाता है और खाने में भी ज्यादा समय नहीं लगता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके सेवन से आपके शरीर पर क्या असर पड़ता है?
हम अक्सर महंगे सप्लीमेंट्स और दवाओं के पीछे भागते हैं, जबकि सेहत का खजाना हमारी रसोई के एक छोटे से डिब्बे में छिपा होता है। ओट्स सिर्फ एक नाश्ता नहीं है, बल्कि यह आपके शरीर को अंदर से रिसेट करने का एक जरिया है। जब आप अपनी दिनचर्या में ओट्स को शामिल करते हैं, तो आप केवल अपना पेट नहीं भर रहे होते, बल्कि अपने दिल को मजबूती और अपनी आंतों को नई ऊर्जा दे रहे होते हैं। सीके बिरला अस्पताल के विशेषज्ञों का मानना है कि सही खान-पान ही आधी बीमारियों का इलाज है, और ओट्स इस सफर की पहली सीढ़ी हो सकता है।
ओट्स, जिसे हिंदी में ‘जई’ कहा जाता है, एक प्रकार का साबुत अनाज या होल ग्रेन्स है। इसका वैज्ञानिक नाम एवेना सैटिवा (Avena sativa) है। ओट्स दलिया के रूप में सबसे अधिक लोकप्रिय है, क्योंकि इन्हें पकाना बहुत आसान होता है। अन्य अनाजों की तुलना में ओट्स में ‘बीटा-ग्लूकन’ नामक एक विशेष घुलनशील फाइबर होता है, जो इसे स्वास्थ्य के नजरिए से सबसे अलग और खास बनाता है। आजकल बाजार में ओट्स का आटा और ओट्स बिस्कुट भी खूब मिलते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा पोषण इसके प्राकृतिक दानेदार रूप में ही होता है।
ओट्स का इतना इंट्रोडक्शन काफी है। चलिए अब इसकी खूबियों और खामियों और खाने के सही तरीके के बारे में बात करते हैं।
जब आप लगातार 30 दिनों तक ओट्स का सेवन करते हैं, तो आपके शरीर में ये बदलाव दिखने लगते हैं –
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अति हर चीज की बुरी होती है। यदि आप बिना सोचे-समझे बहुत अधिक मात्रा में ओट्स खाते हैं, तो ओट्स खाने के नुकसान भी हो सकते हैं –
पेट में गैस और सूजन: अचानक बहुत ज्यादा फाइबर खाने से शुरू में पेट फूलने या गैस की समस्या हो सकती है। इसे अपने आहार में धीरे-धीरे शामिल करें।
पोषक तत्वों की कमी: यदि आप दिन के हर मील में सिर्फ ओट्स खाएंगे, तो शरीर को अन्य जरूरी विटामिन नहीं मिल पाएंगे। इसलिए बैलेंस्ड डाइट के तौर पर ही इसे अपने आहार में शामिल करें।
प्रोसेस्ड ओट्स का खतरा: बाजार में मिलने वाले मसाला ओट्स खाने के फायदे कम और नुकसान ज्यादा हो सकते हैं, क्योंकि उनमें सोडियम और प्रिजर्वेटिव्स अधिक होते हैं।
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अक्सर लोग ओट्स और दलिया में अंतर को लेकर उलझन में रहते हैं। कुछ लोग दोनों को एक दूसरे के समान पर उपयोग में ले आते हैं। दलिया आमतौर पर टूटे हुए गेहूं से बनता है, जबकि ओट्स जई से। दलिया में फाइबर अच्छा होता है, लेकिन ओट्स में ‘प्रोटीन’ और ‘हेल्दी फैट्स’ की मात्रा थोड़ी ज्यादा होती है। स्वाद के मामले में दलिया देसी तड़के के साथ बेहतर लगता है, जबकि ओट्स दूध और फलों के साथ ज्यादा पसंद किया जाता है। चलिए दोनों में अंतर को इस टेबल की मदद से समझते हैं –
| विशेषता (Feature) | ओट्स (Oats) | दलिया (Dalia) |
| मुख्य स्रोत | यह जई (Oats grain) से तैयार किया जाता है। | यह आमतौर पर टूटे हुए गेहूं (Broken Wheat) से बनता है। |
| पोषक तत्व | इसमें प्रोटीन और हेल्दी फैट्स की मात्रा थोड़ी अधिक होती है। | इसमें फाइबर बहुत अच्छा होता है, जो पेट के लिए बेहतरीन है। |
| स्वाद | इसका स्वाद हल्का होता है, जो दूध और फलों के साथ मीठा ज्यादा अच्छा लगता है। | यह देसी तड़के, मसालों और सब्जियों के साथ नमकीन रूप में ज्यादा पसंद किया जाता है। |
| बनावट | यह पकने के बाद काफी क्रीमी और मुलायम हो जाता है। | यह दानेदार रहता है और इसे खाने के लिए चबाना पड़ता है। |
| उपयोग | स्मूदी, ओट्स पैनकेक या दूध के साथ नाश्ते के लिए बेस्ट है। | खिचड़ी, उपमा या नमकीन दलिया के रूप में लंच या डिनर के लिए बेस्ट है। |
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ओट्स खाने का सही समय सुबह का नाश्ता माना जाता है। सुबह इसे खाने से आपको पूरे दिन के लिए ऊर्जा मिलती है।
आप ओट्स पाउडर के फायदे लेने के लिए इसे स्मूदी में मिला सकते हैं। इसके सेवन से आपको बहुत लाभ मिलेगा और ये स्वादिष्ट भी बनता है। इसे रात भर दूध में भिगोकर (Overnight Oats) खाने से इसका पोषण और बढ़ जाता है। अगर आप नमकीन के शौकीन हैं, तो सब्जियों के साथ इसका उपमा बना सकते हैं।
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एक स्वस्थ वयस्क को दिन भर में 30 से 50 ग्राम (लगभग आधा कप कच्चे ओट्स) का सेवन करना चाहिए। इससे ज्यादा सेवन करने से पाचन तंत्र पर दबाव पड़ सकता है।
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पराठे या ब्रेड-बटर की तुलना में ओट्स कहीं अधिक बेहतर हैं। पराठे में सैचुरेटेड फैट ज्यादा होता है, जो सुस्ती लाता है, जबकि ओट्स ‘कॉम्प्लेक्स कार्ब्स’ प्रदान करते हैं, जो आपको एक्टिव रखते हैं। सीके बिरला अस्पताल की डाइटिशियन सलाह देते हैं कि नाश्ते में विविधता जरूरी है, लेकिन सप्ताह में 4 दिन ओट्स लेना एक बेहतरीन विकल्प है। सटीक परामर्श के लिए आप हमारे डाइटिशियन से भी मिल सकते हैं।
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ओट्स खाने के फायदे और नुकसान को समझने के बाद यह स्पष्ट है कि यह आधुनिक जीवनशैली के लिए एक अनिवार्य भोजन है। चाहे आप वजन घटाना चाहते हो या सिर्फ स्वस्थ रहना चाहते हो, ओट्स आपकी प्लेट में होने ही चाहिए। याद रखें, सेहत रातों-रात नहीं बनती, यह आपके द्वारा चुने गए हर निवाले का परिणाम है।
यदि आपको दिल की सेहत या डाइट प्लान से जुड़ी कोई गंभीर समस्या है, तो सीके बिरला अस्पताल के विशेषज्ञों से परामर्श लेने में संकोच न करें। आपकी सेहत ही हमारी प्राथमिकता है।
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क्या रोज़ ओट्स खाने से शरीर “आदत” डाल लेता है?
नहीं, ओट्स कोई दवा नहीं बल्कि एक प्राकृतिक अनाज है। शरीर को इसकी ‘आदत’ नहीं पड़ती, बल्कि इसे नियमित खाने से मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और शरीर स्वस्थ आदतों की ओर बढ़ता है।
क्या ओट्स खाली पेट खाना बेहतर है?
हां, सुबह खाली पेट ओट्स खाना बहुत फायदेमंद है। यह पेट को साफ करने में मदद करता है और शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे आप दिन भर सक्रिय रहते हैं।
क्या ओट्स खाने से स्किन पर असर पड़ता है?
बिल्कुल, ओट्स में जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो मुहांसों को कम करने और त्वचा को हाइड्रेटेड रखने में मदद करते हैं। इसका फेस पैक के रूप में इस्तेमाल भी रंगत निखारता है।
क्या रात में ओट्स खाना सही है?
रात में ओट्स खाना सुरक्षित है। इसमें मौजूद मेलाटोनिन और कॉम्प्लेक्स कार्ब्स अच्छी नींद लाने में मदद करते हैं। बस ध्यान रखें कि रात में मात्रा कम रखें और इसे सोने से 2 घंटे पहले खाएं।
वजन बढ़ाने के लिए ओट्स कैसे खाएं?
वजन बढ़ाने के लिए ओट्स को फुल क्रीम दूध, केला, शहद, पीनट बटर और ड्राई फ्रूट्स के साथ मिलाकर खाएं। यह एक हाई-कैलोरी लेकिन हेल्दी मील बन जाता है।
मसाला ओट्स सेहतमंद है या सादे ओट्स?
सादे या रोल्ड ओट्स सबसे बेहतर हैं। बाजार वाले मसाला ओट्स में नमक और कृत्रिम स्वाद (Flavours) ज्यादा होते हैं, इसलिए बेहतर है कि आप सादे ओट्स लाकर घर पर ताजी सब्जियां डालकर मसाला ओट्स बनाएं।
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