मई-जून की तेज दोपहर में बाहर से घर लौटें और आपको ऐसा लगे कि सिर फट रहा है।बहुत जाना-पहचाना एहसास है, है ना? गर्मी का मौसम आते ही सिरदर्द और माइग्रेन की शिकायतें तेजी से बढ़ जाती हैं और यह कोई सहयोग नहीं है।
सिनसिनाटी यूनिवर्सिटी के रिसर्चर ने 6,000 से ज्यादा माइग्रेन मरीजों की जांच करके पाया कि तापमान में हर 10 डिग्री की बढ़ोतरी पर सिरदर्द के मामले 6 प्रतिशत बढ़ जाते हैं। हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के एक अन्य रिसर्च में भी यह बात सामने आई कि गर्मी माइग्रेन को बढ़ाने वाले सबसे बड़े कारणों में से एक है।
तो अगर हर बार गर्मी में आपका सिर दर्द करने लगता है, तो यह ब्लॉग आपके लिए ही है। अगर यह दर्द बार-बार, बहुत तेज, या बेकाबू हो रहा है, तो सीके बिरला अस्पताल के अनुभवी न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ से अभी संपर्क करें क्योंकि माइग्रेन का सही इलाज जल्दी शुरू होना जरूरी है।
गर्मी में माइग्रेन और सिरदर्द के 6 मुख्य कारण
गर्मी में तेज सिरदर्द होने के पीछे कई कारण एक साथ काम करते हैं –
- पानी की कमी (डिहाइड्रेशन): गर्मी में पसीने के जरिए शरीर से पानी और जरूरी नमक तेजी से निकल जाते हैं। जब दिमाग के हिस्सों में पानी कम होता है, तो नसें प्रभावित होती हैं और दर्द होता है। इससे सिरदर्द अक्सर माथे और पूरे सिर में भारीपन जैसा महसूस होता है।
- तेज धूप और चमकदार रोशनी: धूप की तेज किरणें और चमक आंखों के जरिए दिमाग में बेचैनी पैदा करती हैं। माइग्रेन के मरीजों में रोशनी से होने वाली यह परेशानी और भी ज्यादा होती है। डॉक्टरों के अनुसार धूप और गर्मी का मेल माइग्रेन के मरीजों के लिए सबसे खतरनाक है।
- एसी से अचानक बाहर निकलना: ठंडे एसी कमरे से अचानक तेज धूप में जाना या इसका उल्टा करना, तापमान का यह अचानक बदलाव रक्त वाहिकाओं को तेजी से फैलाता या सिकोड़ता है। यह खिंचाव माइग्रेन और चक्कर आने का कारण बन सकता है।
- उमस और नमी: जब हवा में नमी ज्यादा होती है, तो शरीर का पसीना ठीक से नहीं सूखता। इससे शरीर का तापमान नियंत्रण बिगड़ जाता है। उमस में हवा का दबाव भी बदलता है, जो माइग्रेन को बढ़ाता है।
- पराग और वायु प्रदूषण: गर्मियों में हवा में धूल और छोटे कणों की मात्रा बढ़ती है। इससे शरीर में एलर्जी बढ़ती है, जो माइग्रेन को बढ़ावा दे सकती है। साथ ही वाहनों का धुआं भी सिरदर्द को बढ़ाता है।
- नींद की कमी और भोजन का गलत समय: गर्मी में रातें गर्म होने से नींद खराब होती है। नींद की कमी माइग्रेन का एक बड़ा कारण है। इसके अलावा खाना देर से खाना, चाय-कॉफी ज्यादा पीना और नाश्ता न करना भी सिरदर्द की वजह बनते हैं।
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सामान्य सिरदर्द या माइग्रेन? दोनों में फर्क जानें
बहुत से लोग सामान्य सिरदर्द और माइग्रेन के बीच उलझन में रहते हैं। दोनों में सिर दर्द होता है, लेकिन दोनों का व्यवहार और इलाज अलग होता है। चलिए दोनों के बीच के अंतर को इस टेबल की मदद से समझने का प्रयास करते हैं –

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गर्मी में माइग्रेन या सिरदर्द हो तो तुरंत यह करें
गर्मी में सिरदर्द का तुरंत इलाज करने के लिए ये उपाय घर पर ही आजमाए जा सकते हैं:
- तुरंत पानी और ओआरएस लें: धीरे-धीरे 2-3 गिलास ठंडा पानी पिएं। अगर पसीना ज्यादा आया हो तो ओआरएस या नींबू-पानी-नमक का घोल लें ताकि शरीर में नमक की कमी पूरी हो सके।
- ठंडे और अंधेरे कमरे में जाएं: रोशनी और आवाज माइग्रेन को बढ़ाती हैं। एसी या पंखे वाले शांत कमरे में लेट जाएं और माथे पर ठंडा गीला कपड़ा रखें।
- हल्की मालिश: उंगलियों से कान के पीछे पर गोल-गोल हल्का दबाव डालें। पुदीने का तेल या बाम लगाने से कई लोगों को राहत मिलती है।
- सीमित मात्रा में चाय या कॉफी: एक छोटी कड़क चाय या कॉफी कुछ लोगों में माइग्रेन की शुरुआत को रोकने में मदद करती है, लेकिन इसकी आदत न डालें।
- सोच-समझकर दवा लें: पेरासिटामोल जैसी दवाएं हल्के सिरदर्द में राहत दे सकती हैं। लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के बार-बार दर्द निवारक दवाएं न लें, इससे सिरदर्द और बढ़ सकता है।
- अदरक का उपयोग: अदरक में दर्द कम करने के गुण होते हैं। एक छोटा टुकड़ा अदरक उबाले हुए पानी में डालकर पिएं।
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गर्मी में माइग्रेन से बचाव के 7 आसान उपाय
बचाव इलाज से बेहतर है, और गर्मी में माइग्रेन से बचने के उपाय बेहद आसान है:
- पानी की आदत बनाएं: सुबह उठते ही 2 गिलास पानी पिएं। दिन में हर घंटे थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। रोज़ कुल 3-4 लीटर पानी पीने का नियम बनाएं।
- धूप में तैयारी के साथ जाएं: चौड़े किनारे वाली टोपी, धूप का चश्मा और सूती कपड़े, यह तीनों जरूरी है। दोपहर 11 बजे से 4 बजे के बीच बहुत जरूरी होने पर ही बाहर निकलें।
- एसी से बाहर निकलने में सावधानी: पहले पंखे वाले सामान्य कमरे में जाएं, फिर बाहर निकलें। इससे शरीर को तापमान का झटका कम लगेगा।
- खान-पान पर ध्यान: पुराना पनीर, चॉकलेट, डिब्बाबंद खाना और बहुत ज्यादा कैफीन जैसी चीजों से दूरी बनाएं, क्योंकि ये गर्मी में माइग्रेन बढ़ा सकते हैं।
- समय पर खाना खाएं: खाली पेट रहने से खून में शुगर का स्तर गिरता है और माइग्रेन बढ़ जाता है। इसलिए हल्का और समय पर खाना सबसे सुरक्षित है।
- ठंडी चीजों का सेवन: तरबूज, खीरा, नारियल पानी और छाछ जैसी चीजें शरीर को ठंडा रखती हैं और पानी की कमी पूरी करती हैं।
- डायरी बनाएं: कब दर्द हुआ, उस समय क्या खाया था और मौसम कैसा था, यह सब नोट करें। इससे आपको अपने सिरदर्द की वजह समझने में आसानी होगी।
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इन संकेतों पर तुरंत डॉक्टर से मिलें
गर्मी का सिरदर्द अक्सर घर पर ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ लक्षणों में बिल्कुल लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए:
- अचानक होने वाला बहुत तेज दर्द, जो जिंदगी का सबसे खराब सिरदर्द महसूस हो।
- सिरदर्द के साथ बुखार आना या गर्दन में अकड़न होना।
- बोलने, देखने, या हाथ-पैर हिलाने में अचानक दिक्कत होना।
- सिरदर्द के साथ उल्टी होना और बेहोशी महसूस होना।
- माइग्रेन का दर्द 72 घंटे से ज्यादा समय तक बना रहे।
- बच्चों या बुजुर्गों में तेज सिरदर्द होना।
ये लक्षण किसी गंभीर दिमागी समस्या के संकेत हो सकते हैं। इन्हें केवल सामान्य सिरदर्द कहकर नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
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निष्कर्ष
गर्मी में सिरदर्द और माइग्रेन बढ़ना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसे हर बार मामूली समझकर टालना ठीक नहीं। पानी पीते रहें, धूप से बचें, खाना समय पर खाएं और अपनी सेहत का ध्यान रखें। अगर दर्द बार-बार आता है या तेज होता जा रहा है, तो सीके बिरला अस्पताल के विशेषज्ञ से आज ही परामर्श लें।
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