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गर्मियों में सत्तू पीने के 10 फायदे (Garmiyon Mein Sattu Peene Ke Fayde)

Fitness and Wellness | by Ms. Deepali Sharma on May 26, 2026 | Last Updated : Aug 8, 2026

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Table of Contents

  1. सत्तू क्या है? (Sattu Kya Hai)
    1. प्रति 100 ग्राम सत्तू में लगभग निम्न पोषक तत्व होते हैं –
  2. गर्मी में सत्तू पीने के फायदे (Garmi Mein Sattu Peene Ke Fayde)
    1. बॉडी टेम्परेचर को तुरंत कम करता है
    2. लू से अचूक सुरक्षा – Heat stroke
    3. एनर्जी का पावर हाउस
    4. पेट को रखे ठंडा और एसिडिटी से राहत
    5. वजन घटाने में बेहद मददगार
    6. डायबिटीज रोगियों के लिए वरदान
    7. आंतों की सेहत और कब्ज का खात्मा – Strong gut health
    8. त्वचा पर लाए प्राकृतिक निखार
    9. महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी
    10. मांसपेशियों की मजबूती
  3. खाली पेट सत्तू पीने के फायदे (Khali Pet Sattu Peene Ke Fayde)
  4. दूध में सत्तू पीने के फायदे (Doodh Mein Sattu Peene Ke Fayde)
    1. फायदे:
    2. सत्तू और दूध की सही रेसिपी:
  5. सत्तू पीने के तरीके (Sattu Peene Ke Tarike)
    1. नमकीन सत्तू शरबत
    2. मीठा सत्तू शरबत
    3. सत्तू का चोखा या हलवा
  6. निष्कर्ष

Summary

  • चने का सत्तू सिर्फ एक पारंपरिक ड्रिंक नहीं, बल्कि गर्मियों में लू (Heat Stroke), डिहाइड्रेशन और पेट की बीमारियों से बचने का सबसे अचूक और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित प्राकृतिक इलाज है।
  • अगर आप भीषण गर्मी में शरीर को तुरंत 5 डिग्री तक ठंडा रखना चाहते हैं, कब्ज-एसिडिटी को जड़ से मिटाना चाहते हैं, या बिना कमजोरी के वजन घटाना चाहते हैं, तो सुबह खाली पेट पानी या दूध में सत्तू मिलाकर पीना शुरू करें।
  • सत्तू एक बेहतरीन सुपरफूड है, लेकिन पुरानी किडनी की बीमारी, गंभीर गाउट (हाई यूरिक एसिड) या बार-बार पेट फूलने (Bloating) की समस्या से जूझ रहे लोगों को इसका सेवन सीमित मात्रा में या हमारे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श करने के बाद ही करना चाहिए।

भीषण गर्मी, तपती धूप और ऊपर से चलती गर्म हवाएं (लू); यह भारतीय गर्मियों का वो चेहरा है जो हर किसी को बेहाल कर देता है। इस मौसम में जैसे ही तापमान 40 डिग्री के पार जाता है, हमारे शरीर की ऊर्जा, पानी और जरूरी मिनरल्स पसीने के रास्ते बाहर बह जाते हैं। परिणामस्वरूप, थकान, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और पेट का खराब होना बेहद आम हो जाता है। ऐसे में हम अक्सर महंगे और केमिकल युक्त पैक्ड एनर्जी ड्रिंक्स या कोल्ड-ड्रिंक्स की तरफ भागते हैं, जो पल भर की ठंडक तो देते हैं, लेकिन शरीर को अंदर से खोखला और शुगर से भर देते हैं।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारी भारतीय संस्कृति के पास इसका एक ऐसा तोड़ है जिसे ‘गरीबों का प्रोटीन शेक’ या ‘देसी सुपरफूड’ कहा जाता है? जी हां, हम बात कर रहे हैं सत्तू (Sattu) की। चिकित्सा विज्ञान और आधुनिक न्यूट्रिशनिस्ट भी अब यह मानने लगे हैं कि गर्मियों में सत्तू का एक गिलास आपके शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह न केवल शरीर को अंदरूनी ठंडक देता है, बल्कि पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखता है।

अगर आप या आपके परिवार का कोई सदस्य इस गर्मी में लगातार थकान, हीट स्ट्रोक के लक्षणों या पेट की समस्याओं से परेशान है, तो नजरअंदाज न करें। आज हीसीके बिरला हॉस्पिटल (CK Birla Hospital) के अनुभवी डाइटीशियन और गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट से अपॉइंटमेंट बुक करें और अपनी सेहत के अनुसार सही डाइट चार्ट के बारे में विचार करें।

सत्तू क्या है? (Sattu Kya Hai)

बहुत से लोग सोचते हैं कि सत्तू और बेसन एक ही हैं, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। भुने हुए काले चने (Bengal Gram) को बालू में भूनकर, छिलके समेत या छिलका हटाकर जब पारंपरिक चक्की में पीसा जाता है, तो जो चमत्कारी आटा तैयार होता है, उसे सत्तू कहते हैं। कई जगहों पर चने के साथ भुने हुए जौ (Barley) को भी मिलाया जाता है।

NCBI (National Center for Biotechnology Information) की एक हालिया रिसर्च के अनुसार, भुने हुए चने के सत्तू में लगभग 19% से 22% तक हाई-क्वालिटी प्लांट-बेस्ड प्रोटीन पाया जाता है। इसके अलावा, इसमें डाइटरी फाइबर (लगभग 20-22%) की मात्रा बहुत अधिक होती है।

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प्रति 100 ग्राम सत्तू में लगभग निम्न पोषक तत्व होते हैं –

  • प्रोटीन: 18-20 ग्राम (मांसपेशियों की रिकवरी के लिए बेहतरीन)
  • डाइटरी फाइबर: 16-18 ग्राम (पाचन और कब्ज के लिए रामबाण)
  • कार्बोहाइड्रेट: 60-65 ग्राम (लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स के साथ कॉम्प्लेक्स कार्ब्स)
  • मिनरल्स: आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और मैंगनीज
  • सोडियम और पोटैशियम: प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स जो शरीर में पानी का स्तर बनाए रखते हैं।

गर्मी में सत्तू पीने के फायदे (Garmi Mein Sattu Peene Ke Fayde)

गर्मियों के दिनों में सत्तू पीने के फायदे अनगिनत हैं। आइए जानते हैं वे 10 मुख्य कारण जिनकी वजह से आपको इसे अपनी डेली डाइट का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए –

बॉडी टेम्परेचर को तुरंत कम करता है

सत्तू की तासीर अत्यधिक ठंडी होती है। जब आप दोपहर की धूप में बाहर निकलते हैं या घर वापस आते हैं, तो सत्तू का शरबत पीने से शरीर का आंतरिक तापमान तुरंत गिरता है। यह आपके हाइपोथैलेमस (मस्तिष्क का वो हिस्सा जो तापमान नियंत्रित करता है) को शांत रखता है।

लू से अचूक सुरक्षा – Heat stroke

उत्तर और मध्य भारत में गर्मियों में ‘लू’ लगना एक बड़ी मेडिकल इमरजेंसी बन जाती है। सत्तू शरीर में एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। यह खून के दौरे को संतुलित रखता है और त्वचा के जरिए होने वाले अत्यधिक पानी के नुकसान को रोकता है, जिससे लू लगने का खतरा न के बराबर हो जाता है।

एनर्जी का पावर हाउस

जब गर्मी के कारण शरीर बिल्कुल सुस्त और थका हुआ महसूस होने लगे, तो चाय या कॉफी पीने के बजाय सत्तू पिएं। इसमें मौजूद कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट्स शरीर को तुरंत और लंबे समय तक चलने वाली ऊर्जा प्रदान करते हैं।

पेट को रखे ठंडा और एसिडिटी से राहत

सत्तू में पाए जाने वाले अल्कलाइन गुण पेट के अत्यधिक एसिड (पित्त) को शांत करते हैं। गर्मियों में मसालेदार खाना खाने के बाद होने वाली जलन, खट्टी डकारें और ब्लोटिंग की समस्या में सत्तू का पानी अमृत समान है।

वजन घटाने में बेहद मददगार

यदि आप नेचुरल तरीके से फैट बर्न करना चाहते हैं, तो सत्तू के फायदे आपको हैरान कर देंगे। सत्तू में हाई फाइबर और हाई प्रोटीन होता है। इसे पीने के बाद ‘घ्रेलिन’ (भूख बढ़ाने वाला हार्मोन) शांत हो जाता है, जिससे आपको 3 से 4 घंटे तक भूख नहीं लगती और आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं।

डायबिटीज रोगियों के लिए वरदान

लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स और हाई फाइबर के कारण, सत्तू खून में ग्लूकोज के अवशोषण (Absorption) को बहुत धीमा कर देता है। टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों के लिए दोपहर के स्नैक्स के रूप में नमक और जीरे वाला सत्तू एक बेहतरीन विकल्प है।

आंतों की सेहत और कब्ज का खात्मा – Strong gut health

क्रोनिक कॉन्स्टिपेशन (पुरानी कब्ज) से परेशान मरीजों के लिए सत्तू एक प्राकृतिक लैक्सेटिव है। यह आंतों की दीवारों को साफ करता है, मल को नरम बनाता है और मल त्याग की प्रक्रिया को आसान करता है।

त्वचा पर लाए प्राकृतिक निखार

सत्तू में मौजूद आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को सुधारता है। जब शरीर अंदर से हाइड्रेटेड और टॉक्सिन-मुक्त रहता है, तो चेहरे पर गर्मी के कारण होने वाले कील-मुंहासे, पिंपल्स और डलनेस गायब होने लगती है।

महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी

गर्भावस्था (Pregnancy) और मासिक धर्म (Periods) के दौरान महिलाओं के शरीर से बहुत सारे पोषक तत्व कम हो जाते हैं। सत्तू का सेवन महिलाओं में कमजोरी, चक्कर आना और एनीमिया (खून की कमी) की समस्या को दूर करने में बहुत प्रभावी है।

मांसपेशियों की मजबूती

जो लोग जिम जाते हैं या हैवी वर्कआउट करते हैं, वे महंगे और सिंथेटिक व्हे प्रोटीन की जगह सत्तू को पोस्ट-वर्कआउट ड्रिंक के रूप में ले सकते हैं। यह जिम के बाद मांसपेशियों को रिपेयर करने में मदद कर सकता है।

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खाली पेट सत्तू पीने के फायदे (Khali Pet Sattu Peene Ke Fayde)

आयुर्वेद और आधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी दोनों ही इस बात से सहमत हैं कि सुबह के समय हमारा पाचन तंत्र सबसे अधिक सक्रिय होता है। सुबह खाली पेट सत्तू पीने के फायदे आपके पूरे दिन की कार्यप्रणाली को बदल सकते हैं –

  • सत्तू टॉक्सिन्स बाहर निकालता है और डिटॉक्सिफिकेशन के प्रोसेस को तेज करता है।
  • मेटाबॉलिज्म को किक-स्टार्ट करने के लिए सुबह-सुबह सत्तू पीना लाभकारी होगा।
  • कमजोरी दूर करने के लिए खाली पेट एक गिलास नमकीन सत्तू पिएं, जो आपके इलेक्ट्रोलाइट्स को तुरंत रिचार्ज कर देगा।

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दूध में सत्तू पीने के फायदे (Doodh Mein Sattu Peene Ke Fayde)

बहुत से लोग सत्तू को केवल पानी के साथ ही पीते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दूध में सत्तू पीने के फायदे आपकी हड्डियों और मांसपेशियों के लिए डबल बूस्टर का काम करते हैं? खासकर उन लोगों के लिए जिनका वजन नहीं बढ़ रहा या जो बहुत ज्यादा शारीरिक श्रम करते हैं।

फायदे:

  • कंप्लीट प्रोटीन: चने का सत्तू और दूध मिलकर एक संपूर्ण अमीनो एसिड प्रोफाइल बनाते हैं, जो शरीर के संपूर्ण विकास के लिए जरूरी है।
  • हड्डियों की मजबूती: दूध का कैल्शियम और सत्तू का मैग्नीशियम व फास्फोरस मिलकर ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का खोखलापन) के खतरे को कम करते हैं।

सत्तू और दूध की सही रेसिपी:

  • सामग्री: 1 गिलास ठंडा या सामान्य दूध, 2 बड़े चम्मच सत्तू पाउडर, 1 चम्मच गुड़ का पाउडर या शहद, और एक चुटकी इलायची पाउडर।
  • विधि: ब्लेंडर या एक बड़े गिलास में दूध लें। उसमें सत्तू और गुड़ डालें। चम्मच या मथानी से इसे अच्छी तरह मिलाएं ताकि कोई गांठ (Lumps) न रहे। ऊपर से इलायची पाउडर डालकर सुबह के नाश्ते में इसका आनंद लें।

सत्तू पीने के तरीके (Sattu Peene Ke Tarike)

सत्तू को बोरिंग समझने की भूल बिल्कुल न करें। आप अपनी पसंद के अनुसार इसे मीठा, नमकीन या गाढ़ा बनाकर खा-पी सकते हैं। यहाँ 3 सबसे लोकप्रिय तरीके दिए गए हैं –

नमकीन सत्तू शरबत

  • कैसे बनाएं: एक गिलास ठंडे पानी में 3 चम्मच सत्तू मिलाएं। इसमें आधा नींबू का रस, स्वादानुसार काला नमक, भुना हुआ जीरा पाउडर, बारीक कटा हुआ पुदीना और थोड़ी सी बारीक कटी हुई हरी मिर्च व प्याज मिलाएं।
  • कब पिएं: दोपहर में धूप से आने के बाद या लंच से एक घंटा पहले।

मीठा सत्तू शरबत

  • कैसे बनाएं: एक गिलास पानी में 3 चम्मच सत्तू, 1 से 2 चम्मच देसी गुड़ का पाउडर या मिश्री (चीनी से बचें) डालकर अच्छी तरह घोल लें।
  • कब पिएं: बच्चों को खेलकूद से आने के बाद या बुजुर्गों को सुबह के समय देना सबसे बेस्ट है।

सत्तू का चोखा या हलवा

  • कैसे बनाएं: सत्तू में थोड़ा सा पानी, सरसों का तेल, कटी हुई प्याज, हरी मिर्च, नमक और अचार का मसाला मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट या पेड़ा बना लें। इसे आप रोटी के साथ या ऐसे ही स्नैक्स के रूप में खा सकते हैं।

ये भी पढ़े: क्या रोज़ाना पपीता खा सकते है। इसके फायदे, नुकसान और पोषक तत्त्व।

निष्कर्ष

गर्मियों का मौसम हमारी सेहत की कड़ी परीक्षा लेता है, और इस परीक्षा में पास होने का सबसे आसान, सस्ता और प्रामाणिक तरीका है – सत्तू। इस गर्मी में बाजार के प्रिजर्वेटिव वाले जूस और कोल्ड-ड्रिंक्स को अलविदा कहें और सत्तू के पारंपरिक स्वास्थ्यवर्धक स्वाद को अपनाएं। स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें और अपनी सेहत को हमेशा पहली प्राथमिकता दें!

इस गर्मी में अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और यदि आपको समस्या अधिक महसूस हो रही है, तो बिना देर किए हमारे डॉक्टरों से मिलें और परामर्श लें।

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अधिकतर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

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Written and Verified by:

Postgraduate Diploma in Dietetics and Public Health Nutrition Ms. Deepali Sharma, an accomplished Assistant Manager at CK Birla, brings over 9+ years of specialised experience to the team. With profound expertise in nutritional science and diet management, she has consistently leveraged her skills to enhance wellness programs and optimize dietary strategies.