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खून की कमी के कारण, लक्षण और इलाज | Blood Deficiency in Hindi

Internal Medicine | by Dr Rajiva Gupta on Mar 20, 2023 | Last Updated : Aug 19, 2025

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शरीर में खून की कमी होने पर उसे मेडिकल भाषा में अनीमिया कहते हैं। यह एक स्वास्थ्य स्थिति है जिसमें शरीर में संख्यात्मक रूप से कम रक्त कोशिकाएं होती हैं जिससे शरीर को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। एनीमिया कई प्रकार की हो सकती हैं जैसे कि आयरन की कमी, फोलिक एसिड की कमी और विटामिन बी 12 की कमी इत्यादि।

खून की कमी के कारण (Reason for Blood Deficiency)

खून की कमी के कई कारण हो सकते हैं। इसके मुख्य कारणों में निम्न शामिल हो सकते हैं: 

  • आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी 12 जैसे पोषक तत्वों की कमी के कारण खून की कमी हो सकती है।
  • कुछ बीमारियां या अन्य स्थितियों में रक्तसंचार में बाधा हो सकती है, जो अलग-अलग कारणों से हो सकती है, जैसे अंगों में रक्त की कमी, कैंसर, थालस्सेमिया आदि।
  • जैसे कि चिकित्सा के दौरान अधिक रक्त निकाला जाता है, दुर्घटना, शल्य चिकित्सा, अनुवांशिक कारणों से रक्त की नष्ट हो सकती है।
  • अनेक संक्रमण खून की कमी के कारण बन सकते हैं। उदाहरण के लिए, मलेरिया, टाइफाइड, हेपेटाइटिस इत्यादि।

इन सबके अलावा, शरीर में खून की कमी होने के अन्य कारण भी हो सकते हैं जैसे कि ऑटोइम्यून विकार। कुछ ऑटोइम्यून विकार जैसे लुपस, रेक्टम अर्थराइटिस, सेलियक रोग आदि भी खून की कमी के कारण बन सकते हैं।

खून की कमी के लक्षण(Symptoms of Anemia)

खून की कमी होने पर आप खुद में कुछ लक्षणों को अनुभव कर सकते हैं जैसे कि:

  • थकान और कमजोरी महसूस करना
  • सांस लेने में दिक्कत होना
  • बुखार के साथ कपकपी होना
  • त्वचा में सूखापन और सूजन होना
  • सिरदर्द होने और नींद नहीं आना 
  • मांसपेशियों और नसों का दुर्बल होना
  • धड़कन तेज होना जिससे बेचैनी होती है
  • चक्कर आना और कभी-कभी उलटी होना
  • भूख का कम होना और खाने में कुछ खास स्वाद न होना

अगर आप ऊपर दिए गए किसी भी लक्षण को खुद में अनुभव करते हैं तो आपको जल्द से जल्द विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

खून की कमी का इलाज (Treatment of Anemia)

खून की कमी का इलाज उसके कारणों पर निर्भर करता है। खून की कमी के उपचार के लिए कुछ सामान्य उपाय निम्नलिखित हैं:

खून की कमी के उपचार के लिए आहार में आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन सी और विटामिन बी 12 के स्रोतों का सेवन बढ़ाया जा सकता है। अनाज, फल और सब्जियां, दूध और दूध से बनी चीजें, मांस आदि खाद्य पदार्थों के सेवन से आपको जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं।

आयुर्वेद में खून की कमी के लिए कई जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जाता है। ये जड़ी-बूटियां आयरन की अवधि को बढ़ाती हैं और खून की संरचना को बढ़ाती हैं।

शिलाजीत, अश्वगंधा आदि विशिष्ट आयुर्वेदिक आश्वासन खून की कमी में लाभकारी होते हैं। एलोपैथिक दवाओं का उपयोग भी खून की कमी के इलाज में किया जाता है। एलोपैथिक दवाएं खून की कमी से होने वाले खतरों की संभावना को कम करते हैं।

अगर आपके शरीर में खून की कमी है तो विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श करना आवश्यक है। डॉक्टर खून की कमी के कारण, लक्षण, पहले से चल रही आपकी दवा और संपूर्ण स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उपचार के प्रकार का चयन करते हैं।

खून की कमी से बचने के उपाय (Ways to avoid Blood Deficiency)

अपने आहार में आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन सी, विटामिन बी 12 और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्वों को शामिल करें। अपने आहार में पालक, अंडे, मांस, सूखी फलों, दालें, अनाज आदि शामिल करें।

नियमित रूप से व्यायाम करें और पर्याप्त नींद लें। समय पर खाना खाएं और विश्राम करें। डॉक्टर द्वारा सलाह दी गई विटामिन सुप्लीमेंट्स का सेवन करें। विटामिन बी 12 और डी के सप्लीमेंट का सेवन खून की कमी से बचने में मदद करता है।

नियमित चेकअप कराएं ताकि आप खून की कमी या किसी भी अन्य स्वास्थ्य समस्या का पता लगा सकें और उसे सही समय पर ठीक कर सकें। साथ ही, तंबाकू या अल्कोहल से दूर रहें और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें। आपके खून की कमी के पीछे अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं, इसलिए उन्हें भी ध्यान रखें।

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Written and Verified by:

MBBS, MD (Internal Medicine) Post- Graduate Programme in Diabetology (USA) Dr Rajiva Gupta is a senior consultant in the field of Internal Medicine and Diabetology in the Delhi-NCR region. He is an alumnus of Maulana Azad Medical College, New Delhi and Post Graduate Institute of Medical Education & Research, New Delhi (Dr R M L Hospital).   Dr Gupta has...