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कमर दर्द क्यों होता है — कारण और घरेलू इलाज (Back Pain in Hindi)

back pain in hindi
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कमर शरीर के मुख्य हिस्सों में से एक है। यह आपको चलने, दौड़ने, उठने, बैठने, सोने या दैनिक जीवन की दूसरी अनेको गतिविधियों को आसानी से पूरा करने में मदद करता है।

जब किसी कारणवश कमर में दर्द (Back Pain in Hindi) होता है तो उन गतिविधियों को करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आज से कुछ साल पहले, कमर दर्द या पीठ दर्द केवल बूढ़े लोगों में देखने को मिलता था।

निष्क्रिय जीवनशैली, कार्य संस्कृति (Work Culture), नौकरी की मांग और पोषण की कमी के कारण आज यह समस्या युवाओं में अधिक देखने को मिल रही है जिसमें लड़के और लड़कियां दोनों शामिल हैं।

कमर में दर्द Kamar Ke Nichle Hisse Me Dard Hona होना एक आम समस्या है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कमर दर्द का कारण कोइ गंभीर बीमारी नहीं है तो इसे कुछ ख़ास घरेलू नुस्खों की मदद से आसानी से दूर किया जा सकता है।

कमर दर्द से संबंधित कुछ मुख्य बिंदु 

  • पीठ के निचले हिस्से में दर्द की घटनाओं का अनुमान लगाना मुश्किल है, क्योंकि पीठ दर्द के पहले एपिसोड की घटनाएं शुरुआती वयस्कता में अधिक होती हैं और इसके लक्षण समय के साथ दोबारा आने शुरू हो जाते हैं।
  • जैसे-जैसे दुनिया की आबादी बढ़ रही है, वृद्ध लोगों में इंटरवर्टेब्रल डिस्क में गड़बड़ी होने के कारण कमर दर्द या पीठ के निचले हिस्से में दर्द की संभावना है।
  • कमर में दर्द (पीठ के निचले हिस्से में दर्द) दुनिया भर में गतिविधि की सीमा और काम की अनुपस्थिति का प्रमुख कारण है, जो व्यक्तियों, परिवारों, समुदायों, उद्योग और सरकारों पर एक उच्च आर्थिक बोझ डालता है।
  • कमर दर्द (पीठ के निचले हिस्से में दर्द) के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए यूरोप में कई अध्ययन किए गए हैं।
  • विटामिन D की कमी के कारण भी कमर में दर्द हो सकता है।

कमर दर्द क्या है — What is Back Pain In Hindi

कमर दर्द या पीठ के निचले हिस्से में दर्द (back bone pain in hindi) दुनिया भर में एक बहुत ही आम स्वास्थ्य समस्या है। यह विकलांगता का मुख्य कारण है जो काम में प्रदर्शन और सामान्य कल्याण को बुरी तरह प्रभावित करता है।

पीठ के निचले हिस्से का दर्द तीव्र, सूक्ष्म या जीर्ण हो सकता है। हालांकि, इसके कई जोखिम कारकों की पहचान की गई है जिसमें व्यावसायिक मुद्रा, अवसादग्रस्त मनोदशा, मोटापा, शरीर की ऊंचाई और उम्र ) आदि शामिल हैं।

कमर दर्द कोई बीमारी नहीं बल्कि लक्षणों का एक समूह है। इसके शुरुआती कारण आज भी स्पष्ट नहीं है और इसका निदान करना भी मुश्किल है। कमर दर्द (lower back pain in hindi) बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करता है और यह चिकित्सकीय परामर्श का एक बहुत ही सामान्य कारण है।

कमर दर्द के कारण Back Pain Reason in Hindi

Back Pain Reason in Hindi

कमर दर्द कई कारणों (reason of back pain in hindi) से होता है। अगर इसके कारणों को ध्यान में रखकर कुछ सावधानियां बरती जाएं तो इसे आसानी से रोका जा सकता है। कमर दर्द के मुख्य कारणों में निम्नलिखित शामिल हैं:-

  1. तनाव से कमर दर्द हो सकता है
  2. मॉडर्न टेक्नोलॉजी कमर दर्द का कारण बन सकता है
  3. नरम गद्दे पर सोने से कमर में दर्द हो सकता है
  4. अधिक समय तक हाई हील पहनने से कमर दर्द होता है
  5. वजन बढ़ने या मोटापे से कमर दर्द होता है
  6. शरीर में कैल्शियम की कमी से कमर दर्द होता है
  7. लंबे समय तक एक जगह बैठने से कमर दर्द होता है
  8. निष्क्रिय जीवनशैली जीने से कमर दर्द होता है
  9. मांसपेशियों का तालमेल बिगड़ने से कमर दर्द होता है
  10. डिस्क में गड़बड़ी के कारण कमर में दर्द होता है
  11. गंभीर बीमारियों के कारण कमर दर्द होता है
  12. गैस के कारण कमर में दर्द

01. तनाव से कमर दर्द हो सकता है — Stress Kamar Dard Ka Karan Ho Sakta Hai

विशेषज्ञों का मानना है कि तनाव कमर दर्द (पीठ के निचले हिस्से में दर्द) का मुख्य कारण हो सकता है। जब आप तनाव में होते हैं तो आपकी मांसपेशियां अकड़ जाती हैं। ऐसे में पीठ की मांसपेशियों के अकड़ने पर (back pain kyu hota hai in hindi) आपकी कमर यानि पीठ के नीचले हिस्से में दर्द होता है।

अगर आप किसी कारण हमेशा तनाव में रहते हैं तो आपको कमर दर्द की समस्या हो सकती है। इस परेशानी से बचने के लिए आपको तनाव से दूर रहने की कोशिश करनी चाहिए।

02. मॉडर्न टेक्नोलॉजी कमर दर्द का कारण बन सकता है — Modern Technology Kamar Ke Niche Dard Ka Karan Ban Sakta Hai

आज आप टेक्नोलॉजी से घिरे हुए हैं। बिना मोबाईल या लैपटॉप के कोई भी काम करना या अपना जीवन बिताना काफी मुश्किल है। आवश्यकतानुसार मोबाईल या लैपटॉप का इस्तेमाल करना ठीक है, लेकिन लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर इसपर समय बिताने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है।

रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ने और आपके बैठने का पोस्चर खराब होने के कारण कमर के नीचे (Kamar Ke Niche Dard) दर्द होता है। इससे बचने के लिए आपको अपने पोस्चर का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही साथ, यह कोशिश होनी चाहिए कि आप हर एक घंटे के बाद कुछ मिनट के लिए ब्रेक लेकर टहलें।

03. नरम गद्दे पर सोने से कमर में दर्द हो सकता है

कई बार बहुत नरम गद्दे पर सोने से पीठ की मांसपेशियां में खिंचाव पैदा होता है जिसके कारण कमर में दर्द हो सकता है। अगर आप नरम गद्दे पर सोते हैं तो आपको इसका विकल्प ढूँढना चाहिए।

04. अधिक समय तक हाई हील पहनने से कमर दर्द होता है

अधिक समय तक हाई हील पहनना भी कमर दर्द का कारण बन सकता है। अगर आप कमर या पीठ दर्द से परेशान हैं तो आपको कुछ दिनों के लिए हाई हील सैंडल नहीं पहनना चाहिए। इससे आपको काफी फायदा हो सकता है।

05. वजन बढ़ने या मोटापे से कमर दर्द होता है

वजन बढ़ने या मोटापा के कारण कई तरह की बीमारियां और समस्याएं पैदा होती हैं, कमर में दर्द होना भी उन्हीं में से एक है। वजन बढ़ने के कारण रीढ़ की हड्डी पर अधिक भार पड़ता है जिसके कारण कमर दर्द होता है।

06. शरीर में कैल्शियम की कमी से कमर दर्द होता है

डॉक्टर का कहना है कि शरीर में कैल्शियम की कमी के कारण कमर दर्द की शिकायत होती है। इस स्थिति में आपको डॉक्टर से परामर्श करने के बाद कैल्शियम से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए।

07. लंबे समय तक एक जगह बैठने से कमर दर्द होता है

लंबे समय तक एक ही जगह बैठने के कारण भी कमर दर्द की समस्या पैदा होती है। अगर एक जगह लंबे समय तक बैठने के कारण आपके कमर में दर्द होता है तो आपको थोड़े-थोड़े समय पर ब्रेक लेना चाहिए।

08. निष्क्रिय जीवनशैली जीने से कमर दर्द होता है

निष्क्रिय जीवनशैली जीने के कारण आधी से ज्यादा बीमारियां पैदा होती हैं। अगर आप सक्रीय जीवनशैली अपना लें तो आधे से ज्यादा बीमारियां पैदा नहीं होगीं और जो पैदा हो चुकी हैं वो दूर हो जाएंगी। निष्क्रिय जीवन जीने से शरीर की मांसपेशियां अकड़ जाती हैं। नतीजतन, कमर दर्द की शिकायत पैदा होती है।

09. मांसपेशियों का तालमेल बिगड़ने से कमर दर्द होता है 

आपके शरीर में लगभग 600 मांसपेशियां हैं और सभी एक दूसरे से जुडी हुई हैं। किसी एक मांसपेशी में समस्या पैदा होने पर वह दूसरी मांसपेशियों को प्रभावित करती है। यही कारण है कि हैमस्ट्रिंग्स में तनाव या पेट की मांसपेशियां कजोर होने पर कमर में दर्द होता है।

10. डिस्क में गड़बड़ी के कारण कमर में दर्द होता है

रीढ़ की हड्डी के बीच डिस्क मौजूद होता है जो रीढ़ में चोट या झटका लगने से रोकता है। लेकिन गलत पोस्चर में बैठने या किसी कारण इसमें गड़बड़ी आती है तो कमर दर्द की समस्या पैदा होती है। यही कारण है कि डॉक्टर हमेशा सही पोस्चर में बैठने का सुझाव देते हैं।

11. गंभीर बीमारियों के कारण कमर दर्द होता है

कई बार कमर दर्द का कारण कुछ गंभीर बीमारियां जैसे कि किडनी इंफेक्शन, अल्सर या पैन्क्रियाटाइटिस, रीढ़ की हड्डी का इंफेक्शन और ऑस्टियोमाइलाइटिस आदि भी हो सकती हैं। यही कारण है कि कमर दर्द होने पर आपको तुरंत डॉक्टर से मिलकर इसके सटीक कारण की पुष्टि करनी चाहिए।

इन सबके अलावा भी कमर दर्द के दूसरे अन्य कारण हो सकते हैं। डॉक्टर लक्षणों और जांच की मदद से इसके सटीक कारण की पुष्टि करते हैं। उसके बाद, इलाज की प्रक्रिया शुरू होती है।

12. गैस के कारण कमर में दर्द

कई बार गैस के कारण भी कमर में दर्द होता है। अगर आपके कमर दर्द का कारण गैस है तो डॉक्टर से परामर्श करने के बाद गैस की दवा का सेवन कर सकते हैं। सुबह खाली पेट हल्का गर्म पानी पीने से गैस यानी कब्ज की समस्या दूर होती है। आप इस उपाय को भी आजमा सकते हैं।

 और जाने:  प्रेगनेंसी में पीठ दर्द क्या होता हैं

कमर दर्द का घरेलू इलाज — Home Remedies For Back Pain in Hindi

अगर कमर दर्द का कारण कोई गंभीर चोट या बीमारी नहीं है तो कुछ ख़ास घरेलू नुस्खों से इसका इलाज किया जा सकता है। कमर दर्द के घरेलू उपायों में निम्नलिखित शामिल हैं:-

Home Remedies For Back Pain in Hindi

01. गर्म पानी की सिकाई से कमर दर्द का इलाज

हल्का गर्म पानी अनेको समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। इससे कमर दर्द में भी बहुत फायदा होता है। हल्का गर्म पानी में नमक मिलाएं और उस पानी में तैलीय को भिगोकर उसे निचोड़ दें और फिर उससे अपने कमर और पीठ की सिकाई करें।

इस बात का ध्यान रहे कि आप सीधे अपनी त्वचा पर गर्म पानी से सिकाई न करें। सिकाई करने से पहले अपनी कमर और पीठ पर एक सूती कपड़ा रख लें। फिर उसके ऊपर तौलिया से सिकाई करें। सीधा त्वचा पर गर्म पानी से सिकाई नहीं करना चाहिए। सूती कपडे की एक लेयर होना आवश्यक है।

02. नारियल तेल से कमर दर्द का इलाज 

नारियल तेल में 4-6 लहसुन की कलियां मिलाकर उसे आग पर अच्छी तरह पकाएं। पकाने के बाद जब तेल ठंडा हो जाए तो उससे अपनी कमर और पीठ की अच्छी तरह मालिश करें। यह तेल कमर के नीचे दर्द का बेहतर उपाय ( kamar ke niche dard ka upay) है।

लहसुन में अनेक गुण पाए जाते हैं जो कमर दर्द को कम करने में मददगार साबित होते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि तैयार किए गए तेल से मालिश करने के कम से कम 30 मिनट बाद नहाएं ताकि आपका शरीर तेल को अच्छी तरह सोख ले।

03. हर एक घंटे में 10-15 मिनट का ब्रेक लें

अगर आपके काम में लगातार लंबे समय तक बैठना शामिल है तो आपको हर एक घंटे में 10-15 मिनट का ब्रेक लेना चाहिए। ऐसा करने से आपके कमर और पीठ की मांसपेशियों को आराम मिलता है और अकड़न का खतरा ख़त्म हो जाता है।

04. अपनी पोस्चर को ठीक करें

ऑफिस, मेट्रो, बस, बाइक या ट्रेन में बैठते समय अपनी पोस्चर का ख़ास ध्यान रखें। सही पोस्चर में बैठने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है जिसके कारण मांसपेशियों में अकड़ने होने का खतरा कम होता है। सिटिंग पोस्चर सही नहीं होने के कारण अधिकतर लोगों को कमर दर्द की शिकायत होती है।

05. कैल्शियम से भरपूर डाइट लें

शरीर में कैल्शियम की कमी के कारण भी कमर दर्द या पीठ के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है। 30-35 वर्ष की उम्र के बाद शरीर में कैल्शियम की कमी आनी शुरू हो जाती है।

अगर आपके कमर दर्द का कारण कैल्शियम की कमी है तो आपको कैल्शियम युक्त चीजों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। डॉक्टर से परामर्श करने के बाद आप कैल्शियम सप्लीमेंट्स का भी सेवन कर सकते हैं।

06. डॉक्टर से परामर्श करें

अगर कमर दर्द का कारण कोई विशेष रोग है तो घरेलू उपाय से कोई फायदा नहीं होगा। इस स्थिति में आपको हड्डी रोग विशेषज्ञ से परामर्श कर समय पर उचित इलाज पाना चाहिए।

जांच की मदद से डॉक्टर दर्द के सटीक कारण की पुष्टि करते हैं। उसके बाद, कमर दर्द के कारण और गंभीरता के आधार पर इलाज की प्रक्रिया शुरू करते हैं।

कमर दर्द से बचने के उपाय

कुछ खास चीजों को अपने जीवन में लागू कर आप आसानी से कमर दर्द से बचाव कर सकते हैं। कमर दर्द से बचाव के निम्न तरीके हैं:-

  • सही पोस्चर में बैठें
  • लंबे समय तक लेटने से बचें
  • हेल्दी डाइट चार्ट को फॉलो करें
  • विटामिन डी से भरपूर चीजों को अपनी डाइट में शामिल करें
  • पर्याप्त मात्रा में पानी और जूस पीएं
  • हरी सब्जियों और फलों का सेवन करें
  • रोजाना हल्का-फुल्का व्यायाम करें
  • एक जगह लंबे समय तक बैठने से बचें
  • झटके से उठने, बैठने या सोने से बचें ताकि कमर पे अचानक प्रेशर न पड़े
  • रोजाना कम से कम 10-20 मिनट पैदल चलें इससे रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है

इन सबके अलावा, रोजाना सोने से पहले अपने कमर की हल्की मालिश कर सकते हैं। इस बात का भी ध्यान रखें कि आप अचानक से कोई भारी सामान न उठाएं, क्योंकि इससे कमर में दर्द हो सकता है।

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