
हम समझते हैं कि हर सुबह थका हुआ, जोड़ों के दर्द और रूखी त्वचा के साथ उठना कितना मुश्किल होता है। यदि आप भी उन्हीं में से एक हैं, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए, क्योंकि यह आपके शरीर की तरफ से एक संकेत हो सकता है। यह न ही बढ़ती उम्र का कोई संकेत है और न ही तनाव। इसका मुख्य कारण ओमेगा-3 (Omega-3) जैसे ‘सुपर-फूड’ की भारी कमी है।
हमारा शरीर एक ऐसी मशीन है जिसे चलाने के लिए इस ‘मैजिक न्यूट्रिएंट’ की सख्त जरूरत है, लेकिन अफसोस! आधुनिक खान-पान में हम पेट तो भर लेते हैं, पर दिल, दिमाग और लिवर को पोषण देना भूल जाते हैं। यदि आप भी सीने में भारीपन या याददाश्त में कमी महसूस कर रहे हैं, तो अब और इंतजार न करें।
हमारे अनुभवी विशेषज्ञ आपकी इस समस्या को जड़ से मिटाने के लिए तैयार हैं। सही समय पर लिया गया परामर्श आपको भविष्य की गंभीर बीमारियों से बचा सकता है।
सरल शब्दों में कहें तो हमारा शरीर एक मशीन है, जिसे सुचारू रूप से चलने के लिए अच्छे ‘ईंधन’ (Fats) की जरूरत होती है। हम अक्सर फैट या वसा का नाम सुनते ही डर जाते हैं कि इससे वजन बढ़ेगा या बीमारियां होंगी। लेकिन सभी फैट बुरे नहीं होते। ओमेगा-3 फैटी एसिड (omega-3 fatty acid) एक प्रकार का पॉलीअनसैचुरेटेड फैट (Polyunsaturated fat) है, जिसे ‘गुड फैट’ (Good Fat) कहा जाता है।
इसे ‘आवश्यक’ (Essential) फैटी एसिड इसलिए कहा जाता है, क्योंकि हमारा शरीर इसे स्वयं नहीं बना सकता। इसे हमें अपने दैनिक भोजन या सप्लीमेंट्स के जरिए ही लेना पड़ता है।
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मुख्य रूप से ओमेगा-3 के तीन प्रकार होते हैं –
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शायद आपने गौर किया हो कि आजकल डॉक्टर हर दूसरे व्यक्ति को ओमेगा-3 लेने की सलाह देते हैं। आखिर क्यों? अगर हम इस एसिड के उपयोग (uses of omega 3 fatty acids) की बात करें, तो इसके लाभ सिर के बालों से लेकर पैरों के नाखूनों तक फैले हुए हैं। आइए इसे विस्तार से समझते हैं –
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बीमारी तब तक समझ नहीं आती जब तक उसके लक्षण सामने न आए। कई बार हम समझ नहीं पाते कि शरीर में किस चीज की कमी हो रही है। यदि आपके शरीर में इस स्वस्थ फैट की कमी है, तो आपको निम्न लक्षणों का सामना करना पड़ सकता है –
यदि आप इनमें से एक या अधिक लक्षणों का सामना कर रहे हैं, तो तुरंत सीके बिरला अस्पताल के जनरल मेडिसिन विशेषज्ञों से सलाह लें, ताकि आपकी सटीक जांच हो सके।
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अब सवाल यह उठता है कि हम इस जरूरी पोषक तत्व को प्राप्त कहां से करें? अपनी सुविधा और खानपान की आदतों के अनुसार आप इन्हें चुन सकते हैं –
जो लोग सी-फूड खाते हैं, उनके लिए ओमेगा-3 प्राप्त करना सबसे आसान है।
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शाकाहारी लोगों को अक्सर चिंता होती है कि वे इसे कहाँ से प्राप्त करें। आप अपने आहार में निम्न खाद्य पदार्थों को शामिल करें –
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यदि आप आहार से पर्याप्त मात्रा नहीं ले पा रहे हैं, तो ओमेगा-3 कैप्सूल के फायदे लेना एक अच्छा विकल्प है। बाजार में फिश ऑयल कैप्सूल, क्रिल ऑयल और शाकाहारियों के लिए ‘एल्गी ऑयल’ आसानी से उपलब्ध हैं। हालांकि, कोई भी सप्लीमेंट शुरू करने से पहले एक बार डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
यदि आप ओमेगा-3 का सेवन लंबे समय से कर रहे हैं, या फिर अभी इस सप्लीमेंट को लेने का विचार कर रहे हैं, तो आपको नीचे बताए गए सावधानियों का खास ध्यान रखना चाहिए –
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समुद्र में बढ़ते प्रदूषण के कारण कुछ मछलियों में पारा (Mercury) और अन्य भारी धातुओं की मात्रा अधिक हो सकती है, जो शरीर के लिए हानिकारक है। इसलिए, फिश ऑयल सप्लीमेंट खरीदते समय हमेशा यह चेक करें कि वह ‘Molecularly Distilled’ हो यानी उनमें किसी भी प्रकार का धातु न हो। इससे बचने के लिए आप अपने डॉक्टर से सलाह लेकर ही किसी भी दवा का सेवन करें।
इस बात में कोई दो राय नहीं है कि ओमेगा-3 एक सुपर-फूड है, और वर्तमान में कई लोग इसे नजरअंदाज भी कर रहे हैं, जो उनकी जान के साथ खिलवाड़ होगा। दिल की धड़कन को स्वस्थ रखना, लिवर को स्वस्थ रखना और त्वचा को चमकदार बनाने के लिए आप इसे अपने आहार में शामिल करें। हालांकि, खुद से अपना इलाज करना कभी भी सही अप्रोच नहीं है। अपनी शारीरिक स्थिति, उम्र और पुरानी मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर ही सप्लीमेंट का चुनाव करें।
क्या आप अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग हैं? किसी भी बीमारी का इंतजार न करें। आज ही सीके बिरला अस्पताल की वेबसाइट पर जाएं या अस्पताल आकर हमारे विशेषज्ञ डायटीशियन और चिकित्सकों से मिलें। आपका स्वास्थ्य, हमारी प्राथमिकता है।
क्या आपको मछली का तेल और कॉड लिवर तेल एक ही समय पर लेना चाहिए?
नहीं, आपको दोनों को एक साथ लेने से बचना चाहिए। कॉड लिवर ऑयल में ओमेगा-3 के साथ-साथ विटामिन A और D उच्च मात्रा में होता है। दोनों सप्लीमेंट एक साथ लेने से शरीर में विटामिन A की मात्रा बहुत अधिक हो जाएगी।
ओमेगा-3 सुबह लेना बेहतर है या रात में?
आप इसे दिन के किसी भी समय ले सकते हैं, लेकिन इसे फैट युक्त भोजन (जैसे लंच या डिनर) के साथ लेना बेहतर है ताकि यह अच्छे से पच सके।
ओमेगा-3 को काम करना शुरू करने में कितना समय लगता है?
सप्लीमेंट शुरू करने के बाद शरीर में इसका स्तर बढ़ने में लगभग 3 से 6 सप्ताह का समय लगता है। हालांकि, जोड़ों के दर्द, हृदय स्वास्थ्य या मानसिक स्थिति में स्पष्ट बदलाव महसूस करने में 2 से 6 महीने तक का समय लग सकता है।
क्या शाकाहारी लोग भी ओमेगा-3 की पर्याप्त मात्रा प्राप्त कर सकते हैं?
बिल्कुल! शाकाहारी लोग चिया सीड्स, अलसी के बीज, अखरोट और सोयाबीन से इसे प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा एल्गी ऑयल (Algae Oil) सप्लीमेंट शाकाहारियों के लिए EPA और DHA का सबसे बेहतरीन और सीधा विकल्प है।
क्या ओमेगा-3 का रोज सेवन करना सुरक्षित है?
हां, सीमित और निर्धारित मात्रा में प्रतिदिन इसका सेवन करना अधिकांश स्वस्थ वयस्कों के लिए पूरी तरह सुरक्षित है। यदि आप किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, तो सीके बीरला अस्पताल के विशेषज्ञों से परामर्श अवश्य लें।
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