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वीर्य बढ़ाने और गाढ़ा करने के प्रभावी घरेलु उपाय

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Summary:

  • तनाव, धूम्रपान और शराब को कम किए बिना कोई भी घरेलू उपाय पूरी तरह असरदार नहीं हो सकते इसलिए इन्हें छोड़ें।
  • जिंक, विटामिन C, और ओमेगा-3 से भरपूर चीजें (जैसे कि अखरोट, कद्दू के बीज) स्पर्म को तेजी से गाढ़ा करते हैं।
  • अश्वगंधा, शिलाजीत और मूसली जैसे हर्ब्स का सही उपयोग वीर्य की गुणवत्ता में जादुई सुधार कर सकता है।
  • यदि घरेलू उपायों से 3-4 महीने में फायदा न हो, तो बिना शर्म किए हमारे विशेषज्ञों से स्पर्म काउंट टेस्ट करवाना सबसे सुरक्षित कदम है।

पिता बनने का सपना हर पुरुष के लिए बेहद खास होता है, लेकिन लो स्पर्म काउंट और वीर्य का पतला होना इस सपने के बीच एक दीवार बन सकता है। हम समझते हैं कि यह स्थिति न केवल आपके आत्मविश्वास को प्रभावित करती है, बल्कि आपके वैवाहिक जीवन में भी तनाव पैदा कर सकती है।

लेकिन घबराएं नहीं, आप अकेले नहीं हैं। WHO के आंकड़े बताते हैं कि लगभग 30% से 50% इनफर्टिलिटी के मामलों में पुरुष स्वास्थ्य ही मुख्य कारण होता है। अच्छी खबर यह है कि सही लाइफस्टाइल और स्पर्म काउंट बढ़ाने के उपाय अपनाकर वीर्य की गुणवत्ता को फिर से बेहतर बनाया जा सकता है। इस ब्लॉग में हम आपको वीर्य गाढ़ा करने के असरदार घरेलू उपायों और सही डाइट की पूरी जानकारी देंगे।

आज ही कदम उठाएं और अपनी समस्या को मन में न दबाएं। हमारे अनुभवी विशेषज्ञों से परामर्श लें और अपने पिता बनने के सपने को हकीकत में बदलें। सही इलाज से ही सही समाधान संभव है।

स्पर्म क्या होता है? – Semen vs Sperm

सबसे पहले हमें यह समझना होगा कि स्पर्म क्या होता है और वीर्य क्या है। अक्सर लोग इन दोनों को एक ही मान लेते हैं, लेकिन मेडिकल भाषा में इनमें अंतर है। चलिए दोनों को समझते हैं –

  • वीर्य (Semen): यह वह सफेद या हल्के भूरे रंग का तरल पदार्थ है, जो स्खलन या इजैक्युलेशन (Ejaculation) के दौरान पुरुष के शरीर से बाहर आता है। इसमें कई तरह के प्रोटीन, एंजाइम और फ्रूटोज होते हैं।
  • शुक्राणु (Sperm): ये वीर्य के अंदर मौजूद सूक्ष्म कोशिकाएं (Microscopic cells) होती हैं, जो महिला के अंडे (Egg) को फर्टिलाइज (Fertilize) करने का काम करती हैं। आसान शब्दों में कहें तो स्पर्म को हिंदी में ‘शुक्राणु’ (Sperm meaning in Hindi) है।

अब अक्सर यह प्रश्न उठता है कि शुक्राणु क्या होता है (Shukranu kya hota hai) और कहां बनता है? (Shukranu kahan banta hai?) शुक्राणु पुरुष के अंडकोष (Testicles) में बनते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को मेडिकल भाषा में शुक्राणु जनन (Spermatogenesis) कहा जाता है। एक स्वस्थ शुक्राणु को बनने और पूरी तरह से परिपक्व होने में लगभग 64 से 72 दिन का समय लगता है।

स्पर्म (Semen) कम और पतला क्यों हो जाता है?

अचानक से वीर्य का पानी जैसा हो जाना या स्पर्म की संख्या घट जाना किसी एक दिन की समस्या नहीं है। इसके पीछे कई शारीरिक और मानसिक कारण छिपे होते हैं। जिन्हें नीचे समझाया गया है –

  • पोषण की कमी (Poor Diet): शरीर में जिंक, विटामिन B12, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स की कमी वीर्य पतला होने के लक्षण में सबसे बड़ा योगदान देती है।
  • तनाव और डिप्रेशन (Stress): कोर्टिसोल (Cortisol) नाम का स्ट्रेस हार्मोन टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) के लेवल को गिरा देता है, जिससे शुक्राणुओं का निर्माण धीमा हो जाता है।
  • टाइट कपड़े पहनना और गर्मी (Overheating): अंडकोष शरीर के बाहर इसलिए होते हैं, क्योंकि स्पर्म बनने के लिए शरीर के तापमान से 2-3 डिग्री कम तापमान की जरूरत होती है। लगातार गर्म पानी से नहाना, लैपटॉप को गोद में रखकर काम करना या टाइट अंडरवियर पहनना स्पर्म को नष्ट कर सकता है।
  • नशा (Smoking & Alcohol): तंबाकू और शराब वीर्य की गुणवत्ता और स्पर्म की गतिशीलता (Sperm Motility) को सीधा नुकसान पहुंचाते हैं।
  • हार्मोनल असंतुलन और बीमारियां: वैरीकोसेल (Varicocele – अंडकोष की नसों में सूजन), डायबिटीज या प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याएं भी इसका मुख्य कारण हैं।

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वीर्य कम या पतला होने के क्या नुकसान हो सकते हैं?

कई युवाओं के मन में यह सवाल होता है कि आखिर स्पर्म पतला होने के नुकसान क्या हैं? जिन नुकसानों के बारे में हम बताने वाले हैं, वह सभी वह समस्याएं हैं, जो लेकर पेशेंट हमारे पास आते हैं –

  • संतान प्राप्ति में बाधा (Infertility): यह सबसे बड़ा नुकसान है। यदि वीर्य पतला है, तो इसका मतलब है कि उसमें स्वस्थ शुक्राणुओं की कमी (Low Sperm Count) हो सकती है, जिससे महिला पार्टनर को गर्भधारण करने में परेशानी होती है।
  • शारीरिक कमजोरी: वीर्य नाश के नुकसान के तौर पर कई बार पुरुषों को लगातार थकान, ऊर्जा की कमी और कमजोरी का अहसास होता है।
  • मानसिक तनाव: यह समस्या सीधे पुरुष के इगो और आत्मविश्वास पर वार करती है, जिससे डिप्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
  • शुक्राणु की कमी के लक्षण: इसमें यौन इच्छा (Libido) में कमी आना, इरेक्शन में समस्या (Erectile Dysfunction) और स्खलन के दौरान वीर्य की मात्रा बहुत कम होना शामिल है।

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वीर्य गाढ़ा करने के उपाय – Lifestyle & Home Remedies

यदि आप सोच रहे हैं कि वीर्य कैसे बढ़ाएं या वीर्य की भरपाई कैसे करें, तो नीचे दिए गए घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय आपके लिए रामबाण एवं प्रभावी साबित हो सकते है –

  • हाइड्रेशन और स्पर्म वॉल्यूम: वीर्य का लगभग 90% हिस्सा तरल होता है। शरीर में पानी की कमी होने पर वीर्य की मात्रा (Volume) कम हो जाती है और वह अस्वस्थ रूप से चिपचिपा हो जाता है। दिन में 3-4 लीटर पानी पीने से शुक्राणुओं की गतिशीलता (Motility) में सुधार होता है।
  • आयुर्वेदिक सुपरफूड्स
    • अश्वगंधा (Ashwagandha): यह न केवल तनाव कम करता है, बल्कि एक रिसर्च के अनुसार यह स्पर्म काउंट को 167% तक बढ़ा सकता है। रात को गुनगुने दूध के साथ 1 चम्मच आप ले सकते हैं।
    • सफेद मूसली और कौंच के बीज: ये प्राकृतिक ‘टेस्टोस्टेरोन बूस्टर’ है, जो वीर्य के पतलेपन को दूर कर उसे गाढ़ा बनाते हैं।
    • गोक्षुर और शतावरी का मेल: गोक्षुर (Gokshura) टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाकर शुक्राणुओं की संख्या और मजबूती में सुधार करता है, वहीं शतावरी (Shatavari) पुरुष प्रजनन ऊतकों (Reproductive tissues) को पोषण प्रदान कर स्पर्म मोटिलिटी (शुक्राणुओं की गतिशीलता) को बढ़ाने में अत्यंत सहायक है।
  • नींद और हार्मोनल बैलेंस: शुक्राणु उत्पादन (Sperm production) के लिए जिम्मेदार टेस्टोस्टेरोन हार्मोन मुख्य रूप से गहरी नींद के दौरान बनता है। रोजाना 7-8 घंटे की नींद ना लेने से स्पर्म काउंट में 25% तक की गिरावट आ सकती है।

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स्पर्म बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए? – Diet Guide to Increase sperm count

गलत खान-पान शुक्राणु की कमी के लक्षण (shukranu ki kami ke lakshan) को और बढ़ा सकते हैं। अपनी डाइट में इन चीज़ों को शामिल करना आपके लिए कारगर एवं प्रभावी साबित हो सकता है –

  • अखरोट (Walnuts): इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड अंडकोष (Testicles) में रक्त के प्रवाह को बढ़ाते हैं, जिससे शुक्राणु बनने की प्रक्रिया तेज और स्वस्थ होती है।
  • कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds): ये जिंक का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत हैं। जिंक की कमी सीधे तौर पर लो स्पर्म काउंट से जुड़ी होती है। रोजाना एक मुट्ठी बीज शुक्राणुओं की उम्र और संख्या बढ़ाते हैं, जो आपके स्पर्म की क्वालिटी को भी बढ़ाते हैं।
  • केला (Bananas): इसमें ‘ब्रोमेलैन’ नामक दुर्लभ एंजाइम होता है, जो शुक्राणुओं की संख्या के साथ-साथ पुरुष की यौन इच्छा (Libido) को भी नियंत्रित करता है।
  • लहसुन (Garlic): इसमें ‘एलिसिन’ होता है, जो प्रजनन अंगों की धमनियों को साफ रखता है और ‘सेलेनियम’ शुक्राणुओं के ऑक्सीडेटिव डैमेज को रोकता है।
  • डार्क चॉकलेट: इसमें मौजूद ‘एल-आर्जिनिन’ (L-Arginine) अमीनो एसिड वीर्य की मात्रा और शुक्राणुओं की संख्या को दोगुना करने के लिए जाना जाता है।

डाइट और घरेलू उपायों के साथ-साथ समय-समय पर स्पर्म टेस्ट या सीमन एनालिसिसकरवाना जरूरी है ताकि आप अपनी प्रगति को ट्रैक कर सकें। यदि सुधार न दिखे, तोबिना किसी हिचक के हमारे एक्सपर्ट से मिलें।

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स्पर्म को बढ़ाने में विटामिन का योगदान

स्पर्म बढ़ाने के घरेलू उपाय में विटामिन का रोल सबसे अहम होता है। यदि आप अपने आहार योजना के बारे में विचार कर रहे हैं, तो आपको निम्न विटामिन को अपने आहार में शामिल करना चाहिए –

  • जिंक (Zinc): इसे ‘पुरुषों का मिनरल’ कहा जाता है। यह स्पर्म को फ्री-रेडिकल्स से बचाता है और टेस्टोस्टेरोन के स्तर को गिरने नहीं देता।
  • विटामिन C: यह वीर्य को पतला होने से रोकता है और शुक्राणुओं को आपस में चिपकने (Agglutination) से बचाता है। खट्टे फल (संतरा, नींबू) इसके बेहतरीन स्रोत हैं।
  • विटामिन D और कैल्शियम: रिसर्च बताती है कि जिन पुरुषों में विटामिन D की कमी होती है, उनका स्पर्म काउंट भी कम होता है। सुबह की धूप और डेयरी उत्पाद इसके अच्छे स्रोत हैं।
  • फोलिक एसिड (Folic Acid): यह स्पर्म के DNA को स्वस्थ रखता है। हरी पत्तेदार सब्जियों में यह प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

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स्पर्म काउंट टेस्ट और स्पर्म काउंट चार्ट

अगर आपको लगता है कि घरेलू उपाय काम नहीं कर रहे हैं, तो आपको बिना किसी झिझक के ‘सीमन एनालिसिस’ (Semen Analysis) या स्पर्म टेस्ट करवाना चाहिए।

स्पर्म काउंट चार्ट के अनुसार कुछ मानक है, जिन्हें हमने नीचे बताया है –

  • नॉर्मल स्पर्म काउंट: 15 मिलियन से लेकर 200 मिलियन शुक्राणु प्रति मिलीलीटर (ml) वीर्य।
  • लो स्पर्म काउंट (Oligozoospermia): 15 मिलियन प्रति ml से कम।
  • शून्य स्पर्म (Azoospermia): वीर्य में एक भी शुक्राणु का न होना।

स्पर्म काउंट की सटीक जानकारी के लिए आप सीके बिरला अस्पताल के एडवांस पैथोलॉजी लैब में अपना स्पर्म काउंट टेस्ट करवा सकते हैं, जहां आपकी प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा जाता है। ज्यादातर लोग लो स्पर्म काउंट का सामना करते हैं, लेकिन कुछ मामले ऐसे भी होते हैं जो एज़ूस्पर्मिया का सामना करते हैं। ऐसे में सही इलाज और काउंसलिंग की आवश्यकता होती है।

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स्पर्म और प्रजनन क्षमता बढ़ाने के लिए योग – Yoga for Fertility

स्पर्म और प्रजनन क्षमता बढ़ाने का एक सरल और प्रभावी तरीका योग है। योग से पेल्विक क्षेत्र (Pelvic area) में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। निम्न योग के आसन करने से आपको लो स्पर्म काउंट की स्थिति में लाभ दिख सकता है –

  • भुजंगासन (Cobra Pose): यह पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता है और प्रजनन अंगों में खून का बहाव तेज करता है।
  • पश्चिमोत्तानासन (Seated Forward Bend): यह आसन मानसिक तनाव को दूर करता है, जो सीधे तौर पर स्पर्म काउंट बढ़ाने में मददगार है।
  • कुंभकासन (Plank Pose): यह शरीर के स्टैमिना (Stamina) को बढ़ाता है और हार्मोन को संतुलित करता है।
  • सर्वांगासन (Shoulder Stand): यह थायराइड ग्रंथि (Thyroid Gland) को उत्तेजित करता है और पूरे शरीर के हार्मोनल बैलेंस को सुधारता है।

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निष्कर्ष

वीर्य का पतला होना या स्पर्म काउंट कम होना कोई ऐसी लाइलाज बीमारी नहीं है, जिसे ठीक न किया जा सके। अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर, सही डाइट (जैसे कि अखरोट, कद्दू के बीज, विटामिन सी) अपनाकर और नियमित योग के जरिए आप अपने शरीर में शुक्राणु और उनकी गुणवत्ता को बढ़ा सकते हैं।

सबसे जरूरी बात यह है कि इस विषय पर शर्मिंदगी महसूस न करें। मानसिक तनाव इस समस्या को और बढ़ाता है। अगर आपने स्पर्म बढ़ाने के घरेलू उपाय आजमा लिए हैं और फिर भी कोई खास फायदा नजर नहीं आ रहा है, तो बिना देरी किए किसी अच्छे विशेषज्ञ से संपर्क करें।

हमारे विशेषज्ञ डॉक्टर्स आपकी मेडिकल हिस्ट्री को ध्यान में रखकर आपको सबसे बेहतरीन और सुरक्षित इलाज प्रदान कर सकते हैं। आज ही अपनी अपॉइंटमेंट बुक करें और एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन की ओर कदम बढ़ाएं।

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अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न

शुक्राणु कब तक बनता है?

शुक्राणु (Sperm) बनने की प्रक्रिया (Spermatogenesis) पुरुषों में यौवन (Puberty) से शुरू होकर जीवन भर चलती है। हालांकि, उम्र बढ़ने (विशेषकर 40-50 वर्ष के बाद) के साथ शुक्राणुओं के बनने की गति और उनकी गुणवत्ता में कमी आ सकती है।

शुक्राणु कितना होना चाहिए?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, एक स्वस्थ पुरुष का सामान्य स्पर्म काउंट 15 मिलियन से 200 मिलियन प्रति मिलीलीटर (ml) वीर्य होना चाहिए। संतान प्राप्ति के लिए इस काउंट का होना बेहद जरूरी है।

क्या स्पर्म (Semen) पतला होने से संतान पैदा करने में दिक्कत आती है?

हां, वीर्य (Semen) पतला होने का मतलब अक्सर वीर्य में स्वस्थ और गतिशील शुक्राणुओं की कमी (Low Sperm Density) से होता है। शुक्राणुओं की संख्या कम या कमजोर होने पर महिला के अंडे को निषेचित (Fertilize) करने में कठिनाई आती है।

क्या ज्यादा हस्तमैथुन (Masturbation) करने से स्पर्म खत्म हो जाता है?

नहीं, यह एक बहुत बड़ा मिथक है। शरीर लगातार नए शुक्राणु बनाता रहता है। हालांकि, बहुत अधिक इजैक्युलेशन से कुछ समय के लिए वीर्य पतला लग सकता है, लेकिन कुछ ही दिनों के गैप से यह फिर से सामान्य हो जाता है।

सबसे ज्यादा स्पर्म क्या खाने से बनता है?

स्पर्म का उत्पादन बढ़ाने के लिए डाइट में जिंक और ओमेगा-3 का होना जरूरी है। अखरोट, कद्दू के बीज, डार्क चॉकलेट, लहसुन, अश्वगंधा, अंडे और खट्टे फल (विटामिन C) खाने से स्पर्म की मात्रा और गुणवत्ता सबसे तेजी से बढ़ती है।

स्पर्म काउंट टेस्ट (Semen Analysis) से पहले कितने दिन का गैप रखना चाहिए?

सटीक स्पर्म काउंट टेस्ट की रिपोर्ट के लिए डॉक्टर अक्सर टेस्ट से पहले 2 से 5 दिन तक स्खलन (Ejaculation) से दूर रहने (Abstinence) की सलाह देते हैं।

क्या गर्म पानी से नहाने से स्पर्म कम होता है?

हां, अंडकोष (Testicles) अत्यधिक गर्मी के प्रति संवेदनशील होते हैं। लगातार बहुत गर्म पानी से नहाने, सौना बाथ लेने या लैपटॉप जांघों पर रखकर काम करने से स्पर्म प्रोडक्शन पर नकारात्मक असर पड़ता है।

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