
क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि सीधे रास्ते पर चलते समय पैर ठीक रहते हैं, लेकिन सीढ़ियां चढ़ते ही घुटनों में तेज दर्द होने लगता है? रोजमर्रा का यह आसान सा काम जब भारी पड़ने लगे, तो इंसान परेशान हो जाता है। लोग अक्सर इसे मामूली थकान समझकर छोड़ देते हैं, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार, यह घुटनों की किसी अंदरूनी समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है। आंकड़ों की मानें तो भारत में 40 साल से ऊपर के करीब 34% लोग घुटनों के दर्द (ऑस्टियोआर्थराइटिस) से परेशान हैं। गलत खान-पान और निष्क्रिय जीवनशैली के कारण अब युवा भी इस दर्द का शिकार हो रहे हैं।
अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो डरें नहीं, सही समय पर इलाज करवाएं। सी के बिरला हॉस्पिटल (CK Birla Hospital) के डॉक्टर आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार हैं; आप आज ही अपना अपॉइंटमेंट बुक करें और अपनी समस्या का इलाज पाएं।
जब हम जमीन पर चलते हैं, तो हमारे घुटनों पर हमारे शरीर के वजन का लगभग 1 से 2 गुना दबाव पड़ता है। लेकिन, जैसे ही हम सीढ़ियां चढ़ना शुरू करते हैं, बायोमैकेनिकल मैकेनिक्स (Biomechanical Mechanics) के कारण यह दबाव बढ़कर हमारे शरीर के कुल वजन का 3 से 4 गुना हो जाता है। उदाहरण के लिए, यदि आपका वजन 70 किलोग्राम है, तो सीढ़ियां चढ़ते समय आपके प्रत्येक घुटने को लगभग 210 से 280 किलोग्राम तक का भार संभालना पड़ता है।
जब हम सीढ़ियां चढ़ते हैं, तो हमारा घुटना गहराई से मुड़ता है (Deep Flexion) और जांघ की मांसपेशियां (Quadriceps) शरीर को ऊपर उठाने के लिए अतिरिक्त बल लगाती हैं। इस प्रक्रिया में घुटने की कटोरी (Patella) और जांघ की हड्डी (Femur) के बीच का घर्षण बढ़ जाता है। यदि घुटने के जोड़ के बीच मौजूद सुरक्षात्मक परत, जिसे कार्टिलेज (Cartilage) कहा जाता है, थोड़ी भी घिस गई हो या उसमें सूजन हो, तो यह बढ़ा हुआ दबाव हड्डियों को आपस में रगड़ने पर मजबूर कर देता है, जिससे तेज दर्द, जकड़न और बेचैनी महसूस होने लगती है।
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घुटनों का दर्द अचानक उत्पन्न नहीं होता, इसके पीछे कोई न कोई छिपी हुई चिकित्सकीय स्थिति या शरीर की कोई खराबी होती है। यहां घुटनों में दर्द के कारण विस्तार से दिए गए हैं –
यह घुटने के दर्द का सबसे आम और प्रमुख कारण है। ऑस्टियोआर्थराइटिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें घुटनों के जोड़ों के बीच का प्राकृतिक कुशन यानी कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने और पतला होने लगता है। मेडिकल रिपोर्ट्स बताती हैं कि 40 की उम्र पार कर चुके लोगों में सीढ़ियां चढ़ते वक्त होने वाला शुरुआती दर्द अक्सर ऑस्टियोआर्थराइटिस का ही पहला संकेत होता है।
यह समस्या युवाओं और खिलाड़ियों में बहुत अधिक देखी जाती है। इसमें घुटने की कटोरी (Kneecap) अपनी सही जगह से थोड़ी असंतुलित हो जाती है। जब पैर मुड़ता है, तो यह कटोरी नीचे की हड्डी पर सुचारू रूप से फिसलने के बजाय रगड़ खाती है, जिसके कारण घुटनों में दर्द होता है।
हमारे घुटने में शॉक एब्जॉर्बर (Shock Absorber) के रूप में दो सी-शेप के कार्टिलेज होते हैं, जिन्हें मेनिस्कस कहा जाता है। खेलकूद के दौरान, अचानक मुड़ने या सीढ़ियों पर गलत पैर पड़ने से इनमें हल्का या गहरा टियर (दरार) आ सकता है। मेनिस्कस टियर होने पर सीढ़ियां उतरते या चढ़ते समय घुटने लॉक हो सकते हैं या ऐसा महसूस हो सकता है कि घुटना आपका वजन नहीं संभाल पाएगा।
घुटने के जोड़ों को जोड़ने वाले टिश्यूज (टेंडन्स) में अत्यधिक इस्तेमाल या बार-बार एक ही तरह के तनाव के कारण सूजन आ जाती है, जिसे पटेलर टेंडिनाइटिस कहा जाता है। इसी तरह, जोड़ों के बीच घर्षण कम करने वाली छोटी तरल थैलियों (Bursae) में सूजन आने को बर्साइटिस कहते हैं।
सीढ़ियां चढ़ते समय वजन कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति का वजन सामान्य से 10 किलो भी ज्यादा है, तो उसके घुटनों पर पड़ने वाला अतिरिक्त मैकेनिकल लोड 40 किलो तक बढ़ जाता है। यह अतिरिक्त भार जोड़ों को समय से पहले बूढ़ा और क्षतिग्रस्त कर देता है।
अतीत में लगी कोई ऐसी चोट, जिसे आपने सामान्य मोच समझकर छोड़ दिया था, समय के साथ गंभीर रूप ले सकती है। एसीएल (ACL) या एमसीएल (MCL) लिगामेंट में पुरानी आंशिक क्षति के कारण घुटने का स्टेबिलिटी मैकेनिज्म बिगड़ जाता है, जिससे सीढ़ियों पर पैर रखते ही जोड़ हिलने जैसा महसूस होता है।
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चिकित्सा विज्ञान में प्रगति के कारण आज घुटनों में दर्द का इलाज बेहद सुलभ और प्रभावी हो चुका है। सीके बिरला हॉस्पिटल में हम प्रत्येक मरीज की स्थिति के अनुसार कस्टमाइज्ड ट्रीटमेंट प्लान तैयार करते हैं –
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यदि आपका दर्द शुरुआती स्तर पर है, तो घुटनों में दर्द के घरेलू उपाय और जीवनशैली में छोटे बदलाव करके आप बड़ी राहत पा सकते हैं –
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हर प्रकार का घुटने का दर्द घरेलू उपायों से ठीक नहीं होता। यदि आपको निम्नलिखित लक्षणों में से कोई भी महसूस हो, तो बिना देर किए आर्थोपेडिक विशेषज्ञ (Orthopedic Specialist) से परामर्श करना चाहिए –
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सीढ़ियां चढ़ते समय घुटने में दर्द होना कोई ऐसी समस्या नहीं है जिसके साथ आपको जीवनभर समझौता करना पड़े। इसे केवल ‘बढ़ती उम्र का तकाजा’ मानकर टालना आपके जोड़ों को स्थायी रूप से असक्षम बना सकता है। यदि दर्द पुराना हो चुका है और आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है, तो विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।
सी के बिरला हॉस्पिटल (CK Birla Hospital) में हमारे पास अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक, विश्व स्तरीय आर्थोपेडिक सर्जन और एडवांस रिहैबिलिटेशन (Physiotherapy) की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो आपको बिना दर्द के एक सक्रिय जीवन जीने में मदद कर सकती हैं। अपने घुटनों की सेहत को कल पर न टालें, आज ही हमारे विशेषज्ञों से संपर्क करें और स्वस्थ कदमों की ओर अपना पहला कदम बढ़ाएं।
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Q1. सीढ़ियां चढ़ते वक्त घुटनों में दर्द होना किस बीमारी का संकेत हो सकता है?
यह मुख्य रूप से ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) का शुरुआती संकेत होता है, जिसमें जोड़ों का कार्टिलेज घिसने लगता है। इसके अलावा यह पटेलोफेमोरल पेन सिंड्रोम (घुटने की कटोरी का असंतुलन) या मेनिस्कस टियर के कारण भी हो सकता है।
Q2. क्या घुटनों का दर्द सिर्फ बुजुर्गों को होता है या युवाओं को भी?
नहीं, यह केवल बुजुर्गों की समस्या नहीं है। खराब पोस्चर, गतिहीन जीवनशैली, खेलकूद की चोट, मोटापा और अत्यधिक जिमिंग या रनिंग के कारण आज 20 से 30 वर्ष के युवा भी इस दर्द का शिकार हो रहे हैं।
Q3. सीढ़ियां उतरते समय ज्यादा दर्द क्यों होता है और चढ़ते समय कम क्यों?
सीढ़ियां उतरते समय गुरुत्वाकर्षण (Gravity) के कारण हमारे घुटनों और पटेलोफेमोरल जोड़ पर शरीर के वजन का अत्यधिक सेंट्रिक लोड (Eccentric Load) पड़ता है। ब्रेक लगाने की इस प्रक्रिया में मांसपेशियों और कार्टिलेज पर दबाव चढ़ने की तुलना में कहीं अधिक होता है।
Q4. घुटनों के दर्द के लिए कौन-कौन सी एक्सरसाइज फायदेमंद है?
घुटने के सपोर्ट के लिए क्वाड्रिसेप्स और हैमस्ट्रिंग मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम जैसे स्ट्रेट लेग रेज (SLR), वॉल सिट्स, हाफ स्क्वाट्स और ग्लूट ब्रिज बेहद फायदेमंद होते हैं। दर्द की स्थिति में भारी वजन उठाने वाले व्यायामों से बचना चाहिए।
Q5. क्या वजन कम करने से घुटनों के दर्द में राहत मिलती है?
हाँ, बिल्कुल। शोध बताते हैं कि सिर्फ 1 किलोग्राम वजन कम करने से आपके घुटनों के जोड़ों पर पड़ने वाला यांत्रिक दबाव लगभग 4 किलोग्राम तक कम हो जाता है। वजन घटाने से कार्टिलेज के घिसने की गति बहुत धीमी हो जाती है।
Q6. घुटनों में दर्द होने पर क्या सीढ़ियां चढ़ना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए?
तीव्र (Acute) दर्द और गंभीर सूजन की स्थिति में कुछ समय के लिए सीढ़ियों के इस्तेमाल से बचना चाहिए। हालांकि, दर्द कम होने और फिजियोथेरेपी से मांसपेशियां मजबूत होने के बाद, सही पोस्चर और रेलिंग के सहारे के साथ सीढ़ियां चढ़ना सुरक्षित और फायदेमंद हो सकता है।
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