Trust img

Home >Blogs >सीढ़ियां चढ़ते समय घुटनों में दर्द? जानिए इसके कारण, इलाज और राहत के तरीके
CK Birla Hospital

सीढ़ियां चढ़ते समय घुटनों में दर्द? जानिए इसके कारण, इलाज और राहत के तरीके

Orthopaedics | by Dr Ramkinkar Jha on May 26, 2026

Share :

Summary

  • सीढ़ियां चढ़ते या उतरते समय घुटनों पर शरीर के वजन से कई गुना अधिक दबाव पड़ता है, जो कार्टिलेज (Cartilage) के घिसने, सूजन या घुटने के जोड़ में असंतुलन का शुरुआती संकेत हो सकता है।
  • शुरुआती ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis), पटेलोफेमोरल पेन सिंड्रोम (Runners Knee), मेनिस्कस टियर या पुराना लिगामेंट इंजरी इसके मुख्य कारण हो सकती है।
  • शुरुआती चरणों में फिजियोथेरेपी, सही पोस्चर, वजन नियंत्रण, और पी.आर.आई.सी.ई. (PRICE) फॉर्मूला बेहद प्रभावी हैं। गंभीर मामलों में आधुनिक और न्यूनतम इनवेसिव (Advanced Minimal Invasive) उपचार की आवश्यकता होती है।
  • यदि घुटने में कट-कट की आवाज के साथ तेज दर्द हो या वजन संभालने में असमर्थता महसूस हो, तो इसे केवल 'बढ़ती उम्र का असर' मानकर नजरअंदाज न करें। तुरंत हमारे अनुभवी आर्थोपेडिक विशेषज्ञों से परामर्श लें।

क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि सीधे रास्ते पर चलते समय पैर ठीक रहते हैं, लेकिन सीढ़ियां चढ़ते ही घुटनों में तेज दर्द होने लगता है? रोजमर्रा का यह आसान सा काम जब भारी पड़ने लगे, तो इंसान परेशान हो जाता है। लोग अक्सर इसे मामूली थकान समझकर छोड़ देते हैं, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार, यह घुटनों की किसी अंदरूनी समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है। आंकड़ों की मानें तो भारत में 40 साल से ऊपर के करीब 34% लोग घुटनों के दर्द (ऑस्टियोआर्थराइटिस) से परेशान हैं। गलत खान-पान और निष्क्रिय जीवनशैली के कारण अब युवा भी इस दर्द का शिकार हो रहे हैं।

अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो डरें नहीं, सही समय पर इलाज करवाएं। सी के बिरला हॉस्पिटल (CK Birla Hospital) के डॉक्टर आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार हैं; आप आज ही अपना अपॉइंटमेंट बुक करें और अपनी समस्या का इलाज पाएं।

सीढ़ियां चढ़ने और उतरने पर घुटनों में दर्द क्यों होता है?

जब हम जमीन पर चलते हैं, तो हमारे घुटनों पर हमारे शरीर के वजन का लगभग 1 से 2 गुना दबाव पड़ता है। लेकिन, जैसे ही हम सीढ़ियां चढ़ना शुरू करते हैं, बायोमैकेनिकल मैकेनिक्स (Biomechanical Mechanics) के कारण यह दबाव बढ़कर हमारे शरीर के कुल वजन का 3 से 4 गुना हो जाता है। उदाहरण के लिए, यदि आपका वजन 70 किलोग्राम है, तो सीढ़ियां चढ़ते समय आपके प्रत्येक घुटने को लगभग 210 से 280 किलोग्राम तक का भार संभालना पड़ता है।

जब हम सीढ़ियां चढ़ते हैं, तो हमारा घुटना गहराई से मुड़ता है (Deep Flexion) और जांघ की मांसपेशियां (Quadriceps) शरीर को ऊपर उठाने के लिए अतिरिक्त बल लगाती हैं। इस प्रक्रिया में घुटने की कटोरी (Patella) और जांघ की हड्डी (Femur) के बीच का घर्षण बढ़ जाता है। यदि घुटने के जोड़ के बीच मौजूद सुरक्षात्मक परत, जिसे कार्टिलेज (Cartilage) कहा जाता है, थोड़ी भी घिस गई हो या उसमें सूजन हो, तो यह बढ़ा हुआ दबाव हड्डियों को आपस में रगड़ने पर मजबूर कर देता है, जिससे तेज दर्द, जकड़न और बेचैनी महसूस होने लगती है।

ये भी पढ़े: हाथों और पैरों में झुनझुनी : कारण, इलाज और कब डॉक्टर को दिखाएं 

सीढ़ियां चढ़ते समय घुटनों में दर्द के 6 मुख्य कारण – Causes of Knee Pain

घुटनों का दर्द अचानक उत्पन्न नहीं होता, इसके पीछे कोई न कोई छिपी हुई चिकित्सकीय स्थिति या शरीर की कोई खराबी होती है। यहां घुटनों में दर्द के कारण विस्तार से दिए गए हैं –

शुरुआती ऑस्टियोआर्थराइटिस – Early Osteoarthritis

यह घुटने के दर्द का सबसे आम और प्रमुख कारण है। ऑस्टियोआर्थराइटिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें घुटनों के जोड़ों के बीच का प्राकृतिक कुशन यानी कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने और पतला होने लगता है। मेडिकल रिपोर्ट्स बताती हैं कि 40 की उम्र पार कर चुके लोगों में सीढ़ियां चढ़ते वक्त होने वाला शुरुआती दर्द अक्सर ऑस्टियोआर्थराइटिस का ही पहला संकेत होता है।

पटेलोफेमोरल पेन सिंड्रोम या रनर्स नी

यह समस्या युवाओं और खिलाड़ियों में बहुत अधिक देखी जाती है। इसमें घुटने की कटोरी (Kneecap) अपनी सही जगह से थोड़ी असंतुलित हो जाती है। जब पैर मुड़ता है, तो यह कटोरी नीचे की हड्डी पर सुचारू रूप से फिसलने के बजाय रगड़ खाती है, जिसके कारण घुटनों में दर्द होता है।

मेनिस्कस टियर – Meniscus Tear

हमारे घुटने में शॉक एब्जॉर्बर (Shock Absorber) के रूप में दो सी-शेप के कार्टिलेज होते हैं, जिन्हें मेनिस्कस कहा जाता है। खेलकूद के दौरान, अचानक मुड़ने या सीढ़ियों पर गलत पैर पड़ने से इनमें हल्का या गहरा टियर (दरार) आ सकता है। मेनिस्कस टियर होने पर सीढ़ियां उतरते या चढ़ते समय घुटने लॉक हो सकते हैं या ऐसा महसूस हो सकता है कि घुटना आपका वजन नहीं संभाल पाएगा।

टेंडिनाइटिस और बर्साइटिस

घुटने के जोड़ों को जोड़ने वाले टिश्यूज (टेंडन्स) में अत्यधिक इस्तेमाल या बार-बार एक ही तरह के तनाव के कारण सूजन आ जाती है, जिसे पटेलर टेंडिनाइटिस कहा जाता है। इसी तरह, जोड़ों के बीच घर्षण कम करने वाली छोटी तरल थैलियों (Bursae) में सूजन आने को बर्साइटिस कहते हैं।

शरीर का अत्यधिक वजन और मोटापा

सीढ़ियां चढ़ते समय वजन कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति का वजन सामान्य से 10 किलो भी ज्यादा है, तो उसके घुटनों पर पड़ने वाला अतिरिक्त मैकेनिकल लोड 40 किलो तक बढ़ जाता है। यह अतिरिक्त भार जोड़ों को समय से पहले बूढ़ा और क्षतिग्रस्त कर देता है।

पुरानी चोट या लिगामेंट इंजरी

अतीत में लगी कोई ऐसी चोट, जिसे आपने सामान्य मोच समझकर छोड़ दिया था, समय के साथ गंभीर रूप ले सकती है। एसीएल (ACL) या एमसीएल (MCL) लिगामेंट में पुरानी आंशिक क्षति के कारण घुटने का स्टेबिलिटी मैकेनिज्म बिगड़ जाता है, जिससे सीढ़ियों पर पैर रखते ही जोड़ हिलने जैसा महसूस होता है।

ये भी पढ़े: हेयरलाइन फ्रैक्चर क्या होता है और इससे बचाव कैसे करें?

घुटनों के दर्द का आधुनिक और प्रभावी इलाज

चिकित्सा विज्ञान में प्रगति के कारण आज घुटनों में दर्द का इलाज बेहद सुलभ और प्रभावी हो चुका है। सीके बिरला हॉस्पिटल में हम प्रत्येक मरीज की स्थिति के अनुसार कस्टमाइज्ड ट्रीटमेंट प्लान तैयार करते हैं –

  • सटीक डायग्नोसिस: इलाज शुरू करने से पहले डिजिटल एक्स-रे, एमआरआई (MRI) और कुछ विशेष ब्लड टेस्ट किए जाते हैं।
  • दवाएं और ओरल सप्लीमेंट्स: शुरुआती दौर में दर्द और सूजन को कम करने के लिए नॉन-स्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) के साथ-साथ कार्टिलेज की सेहत सुधारने के लिए ग्लूकोसामाइन, चोंड्रोइटिन और कोलेजन पेप्टाइड सप्लीमेंट्स दिए जाते हैं।
  • एडवांस इंजेक्शंस: जब दवाएं असर नहीं करतीं, तो जोड़ों के भीतर ‘हयालूरोनिक एसिड’ का इंजेक्शन दिया जाता है, जो घुटने में ग्रीस या लुब्रिकेंट का काम करता है।
  • मिनिमली इनवेसिव आर्थ्रोस्कोपी: यदि मेनिस्कस टियर या लिगामेंट इंजरी की समस्या है, तो की-होल सर्जरी के जरिए बेहद छोटे चीरे से दूरबीन द्वारा जोड़ को रिपेयर किया जाता है।
  • टोटल नी रिप्लेसमेंट: गंभीर मामलों में यह सर्जरी की जाती है। इससे मरीज को प्राकृतिक घुटने जैसा अहसास मिलता है और वह सर्जरी के कुछ ही दिनों बाद बिना दर्द के सीढ़ियां चढ़ने में सक्षम हो जाता है।

ये भी पढ़े: लकवा क्या है? कारण, लक्षण, इलाज और रोकथाम

घर पर राहत के उपाय – एक्सरसाइज, पोस्चर और जीवनशैली

यदि आपका दर्द शुरुआती स्तर पर है, तो घुटनों में दर्द के घरेलू उपाय और जीवनशैली में छोटे बदलाव करके आप बड़ी राहत पा सकते हैं –

घुटनों का दर्द कैसे ठीक करें – आजमाएं ये 5 असरदार तरीके:

  1. PRICE फॉर्मूला अपनाएं: * P (Protect): घुटने को आगे की चोट से बचाएं। नी-कैप या ब्रेस पहनें।
    • R (Rest): दर्द बढ़ने पर जोड़ों को पर्याप्त आराम दें।
    • I (Ice): दिन में 3-4 बार 15 मिनट के लिए बर्फ की सिकाई करें, इससे अंदरूनी सूजन कम होती है।
    • C (Compression): घुटने पर क्रेप बैंडेज बांधें ताकि सूजन न बढ़े।
    • E (Elevate): बैठते या लेटते समय पैर के नीचे तकिया रखकर उसे दिल के स्तर से थोड़ा ऊपर रखें।
  2. मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाली एक्सरसाइज (Knee Strengthening Exercises):
    घुटने के दर्द से मुक्ति पाने का सबसे बेहतरीन तरीका है उसके आस-पास की मांसपेशियों को मजबूत करना।

    • स्ट्रेट लेग रेज (Straight Leg Raise): पीठ के बल लेटकर एक पैर को सीधा 45 डिग्री तक उठाएं, 5 सेकंड रोकें और नीचे लाएं।
    • क्वाड्रिसेप्स सेट्स (Quad Sets): घुटने के नीचे तौलिया रोल करके रखें और घुटने से तौलिये को नीचे की तरफ दबाएं।
    • हैमस्ट्रिंग कर्ल्स: दीवार का सहारा लेकर खड़े हों और पैर को पीछे की तरफ घुटने से मोड़ें।
  3. सीढ़ियां चढ़ने का सही पोस्चर (Correct Stair Climbing Technique):
    गलत तरीके से सीढ़ियां चढ़ना दर्द को दोगुना कर देता है। कुछ बातों को हमेशा याद रखें –

    • पहले अपने ‘स्वस्थ या बिना दर्द वाले पैर’ को ऊपर की सीढ़ी पर रखें (Up with the Good)।
    • पहले अपने ‘दर्द करने वाले या कमजोर पैर’ को नीचे की सीढ़ी पर ले जाएं (Down with the Bad)।
    • चढ़ते-उतरते समय रेलिंग का सहारा जरूर लें और शरीर को आगे की तरफ ज्यादा न झुकाएं।
  4. एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट:
    अपने भोजन में हल्दी (करक्यूमिन), अदरक, अखरोट, बादाम और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें। ये शरीर के भीतर प्राकृतिक रूप से सूजन और दर्द को कम करते हैं।
  5. वजन और जूतों का चयन:
    आरामदायक, कुशन वाले और फ्लैट तलवे वाले जूते पहनें। हाई हील्स या सख्त तलवे वाले जूते घुटनों के एलाइनमेंट को बिगाड़ देते हैं। साथ ही, अपना वजन नियंत्रित रखने का प्रयास करें।

ये भी पढ़े: गठिया: कारण, लक्षण और उपचार

कब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?

हर प्रकार का घुटने का दर्द घरेलू उपायों से ठीक नहीं होता। यदि आपको निम्नलिखित लक्षणों में से कोई भी महसूस हो, तो बिना देर किए आर्थोपेडिक विशेषज्ञ (Orthopedic Specialist) से परामर्श करना चाहिए –

  • यदि सीढ़ियां चढ़ते या सामान्य चलते समय घुटने से लगातार तेज ‘कट-कट’ या ‘क्रैकिंग’ (Crepitus) की आवाज आ रही हो।
  • घुटने में अत्यधिक सूजन आ गई हो और वह छूने पर गर्म महसूस हो रहा हो।
  • पैर पर शरीर का पूरा वजन डालने में असमर्थता या लंगड़ाहट होना।
  • आराम करने या रात में सोते समय भी घुटनों में तेज दर्द का बने रहना।
  • घुटना पूरी तरह सीधा या पूरी तरह मोड़ने में गंभीर जकड़न महसूस होना।

ये भी पढ़े: सिर दर्द की समस्या से निजात पाने का रामबाड़ उपाय

निष्कर्ष (Conclusion)

सीढ़ियां चढ़ते समय घुटने में दर्द होना कोई ऐसी समस्या नहीं है जिसके साथ आपको जीवनभर समझौता करना पड़े। इसे केवल ‘बढ़ती उम्र का तकाजा’ मानकर टालना आपके जोड़ों को स्थायी रूप से असक्षम बना सकता है। यदि दर्द पुराना हो चुका है और आपकी रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है, तो विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।

सी के बिरला हॉस्पिटल (CK Birla Hospital) में हमारे पास अत्याधुनिक रोबोटिक तकनीक, विश्व स्तरीय आर्थोपेडिक सर्जन और एडवांस रिहैबिलिटेशन (Physiotherapy) की सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो आपको बिना दर्द के एक सक्रिय जीवन जीने में मदद कर सकती हैं। अपने घुटनों की सेहत को कल पर न टालें, आज ही हमारे विशेषज्ञों से संपर्क करें और स्वस्थ कदमों की ओर अपना पहला कदम बढ़ाएं।

ये भी पढ़े: डिहाइड्रेशन के लक्षण क्या हैं? शरीर में पानी की कमी कैसे पहचानें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. सीढ़ियां चढ़ते वक्त घुटनों में दर्द होना किस बीमारी का संकेत हो सकता है?

यह मुख्य रूप से ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) का शुरुआती संकेत होता है, जिसमें जोड़ों का कार्टिलेज घिसने लगता है। इसके अलावा यह पटेलोफेमोरल पेन सिंड्रोम (घुटने की कटोरी का असंतुलन) या मेनिस्कस टियर के कारण भी हो सकता है।

Q2. क्या घुटनों का दर्द सिर्फ बुजुर्गों को होता है या युवाओं को भी?

नहीं, यह केवल बुजुर्गों की समस्या नहीं है। खराब पोस्चर, गतिहीन जीवनशैली, खेलकूद की चोट, मोटापा और अत्यधिक जिमिंग या रनिंग के कारण आज 20 से 30 वर्ष के युवा भी इस दर्द का शिकार हो रहे हैं।

Q3. सीढ़ियां उतरते समय ज्यादा दर्द क्यों होता है और चढ़ते समय कम क्यों?

सीढ़ियां उतरते समय गुरुत्वाकर्षण (Gravity) के कारण हमारे घुटनों और पटेलोफेमोरल जोड़ पर शरीर के वजन का अत्यधिक सेंट्रिक लोड (Eccentric Load) पड़ता है। ब्रेक लगाने की इस प्रक्रिया में मांसपेशियों और कार्टिलेज पर दबाव चढ़ने की तुलना में कहीं अधिक होता है।

Q4. घुटनों के दर्द के लिए कौन-कौन सी एक्सरसाइज फायदेमंद है?

घुटने के सपोर्ट के लिए क्वाड्रिसेप्स और हैमस्ट्रिंग मांसपेशियों को मजबूत करने वाले व्यायाम जैसे स्ट्रेट लेग रेज (SLR), वॉल सिट्स, हाफ स्क्वाट्स और ग्लूट ब्रिज बेहद फायदेमंद होते हैं। दर्द की स्थिति में भारी वजन उठाने वाले व्यायामों से बचना चाहिए।

Q5. क्या वजन कम करने से घुटनों के दर्द में राहत मिलती है?

हाँ, बिल्कुल। शोध बताते हैं कि सिर्फ 1 किलोग्राम वजन कम करने से आपके घुटनों के जोड़ों पर पड़ने वाला यांत्रिक दबाव लगभग 4 किलोग्राम तक कम हो जाता है। वजन घटाने से कार्टिलेज के घिसने की गति बहुत धीमी हो जाती है।

Q6. घुटनों में दर्द होने पर क्या सीढ़ियां चढ़ना पूरी तरह बंद कर देना चाहिए?

तीव्र (Acute) दर्द और गंभीर सूजन की स्थिति में कुछ समय के लिए सीढ़ियों के इस्तेमाल से बचना चाहिए। हालांकि, दर्द कम होने और फिजियोथेरेपी से मांसपेशियां मजबूत होने के बाद, सही पोस्चर और रेलिंग के सहारे के साथ सीढ़ियां चढ़ना सुरक्षित और फायदेमंद हो सकता है।

Share :

Written and Verified by:

सीढ़ियां चढ़ते समय घुटनों में दर्द? जानिए इसके कारण, इलाज और राहत के तरीके - CK Birla Hospital