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मिनिस्कस टियर का कारण, लक्षण और उपचार (Meniscus Tear in Hindi)

Hindi | by Dr. Praveen Tittal on May 19, 2022 | Last Updated : Mar 9, 2026

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मिनिस्कस टियर (Meniscus Tear in Hindi) एक गंभीर समस्या है जिसके कारण आपको तेज दर्द और अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

घुटना शरीर के अहम् जोड़ों में से एक है जो दैनिक जीवन के उन सभी कामों को आसानी से पूरा करने में मदद करता है जिसमें घुटने की भूमिका शामिल है। चलते, दौड़ते, ऊंचाई से कूदते या दैनिक जीवन की दूसरी गतिविधियों को करते समय घुटने में चोट आ जाती है, मिनिस्कस टियर भी उन्हीं में से एक है।

मिनिस्कस टियर को मेनिस्कस टियर के नाम से भी जाना जाता है। आइए इस ब्लॉग में मेनिस्कस टियर के कारण, लक्षण और इलाज के बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते हैं।

मिनिस्कस टियर क्या है (Meniscus Tear in hindi)

घुटने की नरम उपास्थि यानी कार्टिलेज में लगी चोट को मेडिकल भाषा में मिनिस्कस टियर कहते हैं। मिनिस्कस घुटने की कार्टिलेज का एक हिस्सा है जो घुटने की जोड़ को स्थिर रखता है। यह हड्डियों को घिसने से बचाने का भी काम करता है।

वैसे तो मिनिस्कस टियर किसी को भी हो सकता है, लेकिन अधिकतर मामलों में यह खिलाड़ियों में देखने को मिलता है। क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, वॉलीबॉल या दूसरे खेल के दौरान अक्सर चोट लगने पर मिनिस्कस टूट या फट जाता है।

कई बार चलते या दौड़ते समय अचानक से अपनी दिशा बदलने के कारण भी मिनिस्कस टियर हो सकता है। इतना ही है, उम्र बढ़ने पर घुटने का कार्टिलेज कमजोर हो जाता है जिसके कारण मिनिस्कस टियर का खतरा बढ़ जाता है।

मिनिस्कस का जांच करके इसकी चोट की गंभीरता की जांच की जाती है। जांच के बाद, डॉक्टर मिनिस्कस टियर के कारण और गंभीरता के आधार पर उपचार का चयन करते हैं। मिनिस्कस टियर का इलाज कई तरह से किया जा सकता है।

मिनिस्कस टियर के कारण (Meniscus Tear Causes) 

मिनिस्कस आमतौर पर अचानक मूवमेंट के कारण होता है। जब घुटने को उसकी क्षमता से अधिक अचानक से मोड़ दिया जाता है तो मिनिस्कट टूट जाता है।

साथ ही, लंबे समय तक घुटने पर भार देने या खेलकूद के दौरान अचानक से घुटने में चोट लगने के कारण भी मिनिस्कस टियर की समस्या हो सकती है।

उम्र बढ़ने पर उत्तक कमजोर हो जाता है जिसके कारण मिनिस्कस टियर हो सकता है। उम्र बढ़ने पर कार्टिलेज कमजोर हो जाती है जिसकी वजह से एक साधारण मूवमेंट भी मिनिस्कस टियर का कारण बन सकता है।

मिनिस्कस टियर के लक्षण (Meniscus Tear Symptoms)

मिनिस्कस में चोट लगने या उसके फटने पर कुछ लोगों को घुटने में चटक की आवाज आ सकती है। साथ ही, कुछ लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं जैसे कि:-

  • घुटने में सूजन होना
  • घुटने के आसपास दर्द होना
  • घुटने की गतिशीलता में कमी आना
  • घुटने पर सहारा लेने में तकलीफ होना

इन सबके अलावा, सीढ़ी चढ़ने-उतरने, घुटने को मोड़ने या दैनिक जीवन के दूसरे उन सभी कामों को पूरा करने में परेशानी होना जिसमें घुटने का इस्तेमाल शामिल है।

अगर आप ऊपर दिए गर लक्षणों को खुद में अनुभव करते हैं तो जल्द से जल्द एक हड्डी रोग विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए। 

मिनिस्कस टियर का निदान (Meniscus Tear Diagnosis)

मिनिस्कस टियर का निदान आवश्यक है, क्योंकि इसी से डॉक्टर मिनिस्कस टियर के कारण और गंभीरता एवं जटिलताओं की पुष्टि करते हैं।

मिनिस्कस टियर का निदान करने के लिए डॉक्टर अनेक जांच का सुझाव दे सकते हैं। सबसे पहले डॉक्टर मरीज का शारीरिक परीक्षण करते हैं। शारीरिक परीक्षण के दौरान डॉक्टर घुटने की गतिशीलता की जांच करते हैं। शारीरिक परीक्षण करने और लक्षणों से संबंधित कुछ प्रश्न पूछने के बाद डॉक्टर कुछ जांच करने के सुझाव दे सकते हैं जिसमें निम्न शामिल हैं:-

Diagnosis of Meniscus tear in hindi

  • एक्स-रे

एक्स-रे की मदद से डॉक्टर मिनिस्कस टियर की पुष्टि कर सकते हैं। एक्स-रे से डॉक्टर इस बात का पता भी लगाते हैं कि घुटने में दर्द का कारण ऑस्टियोअर्थराइटिस तो नहीं है।

  • एमआरआई

एमआरआई के दौरान डॉक्टर कार्टिलेज और लिगामेंट की तस्वीर लेकर इस बात की पुष्टि करते हैं कि मिनिस्कस में टियर है या नहीं।

  • अल्ट्रासाउंड

अल्ट्रासाउंड के दौरान डॉक्टर इस बात का पता लगाते हैं कि घुटने की कार्टिलेज में ढीलेपन तो नहीं है।

  • आर्थ्रोस्कोपी

अगर एक्स-रे, एमआरआई या अल्ट्रासाउंड के बाद भी घुटने के दर्द के कारण की पुष्टि नहीं होती है तो डॉक्टर आर्थ्रोस्कोपी का उपयोग करते हैं।

इन सभी जांच के परिणाम आने के बाद, डॉक्टर मिनिस्कस टियर के कारण और गंभीरता एवं मरीज की उम्र तथा समग्र स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उपचार के माध्यम का चयन कर इलाज शुरू करते हैं।

मिनिस्कस टियर का उपचार/इलाज (Meniscus Tear Treatment)

मिनिस्कस टियर का इलाज कई तरह से किया जाता है। इसके उपचार के माध्यमों में निम्न शामिल हो सकते हैं:-

मिनिस्कस में चोट लगने पर डॉक्टर सबसे पहले मरीज को आराम करने का सुझाव देते हैं। साथ ही, पैर का इस्तेमाल कम से कम या न के बराबर करने को कहते हैं।

Meniscus Tear Treatment in Hindi

  • बर्फ की सिकाई (Ice Pack For Meniscus Tear)

मेनिस्कस टियर के कारण उत्पन्न दर्द और सूजन को कम करने के लिए डॉक्टर बर्फ से घुटने की सिकाई करने का सुझाव दे सकते हैं।

  • दवाओं का सेवन (Medicines For Meniscus Tear)

घुटने के दर्द और सूजन को करने के लिए डॉक्टर कुछ खास दर्द निवारक दवाएं भी निर्धारित कर सकते हैं।

  • शारीरिक चिकित्सा (Physical Therapy For Meniscus Tear)

मिनिस्कस टियर के लक्षण को दूर और घुटने के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए डॉक्टर शारीरिक चिकित्सा का भी सुझाव दे सकते हैं।

शारीरिक चिकित्सा घुटने के दर्द को कम करने के साथ-साथ घुटने की गतिशीलता एवं स्थिरता को बढ़ाने में मदद भी करता है।

घुटने के दर्द को दूर करने के लिए डॉक्टर घुटने की मालिश करने का भी सुझाव दे सकते हैं।

  • सर्जरी (Surgery For Meniscus Tear)

जब ऊपर बताए गए उपायों से कोई फायदा नहीं होता है या मिनिस्कस बुरी तरह से चोट आता है तो डॉक्टर सर्जरी का उपयोग करते हैं।

मिनिस्कस टियर का उपचार करने के लिए जिस सर्जरी का उपयोग किया जाता है उसे आर्थ्रोस्कॉपी सर्जरी कहते हैं।

DISCLAIMER:

Meniscus Replacement Procedure (MRP) is a prosthetic, joint-preserving orthopedic implant surgery using a manufactured, non-biological medical device. It does not involve transplantation, human tissue, donor material, or biological grafts, and is not governed by transplant or tissue laws. MRP is clinically distinct from partial or total knee replacement, as it preserves native joint surfaces and bone and is intended for selected patients with early compartment-specific degeneration. Clinical outcomes may vary; no assurance, guarantee, or claim of superiority over other treatments is made, and future knee replacement may still be required. Final treatment decisions are made by patient through informed consent upon considering the available treatment modalities advised by the treating surgeon following individualized clinical assessment. This information is provided solely for patient education and professional clarification.

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