
क्या आपको भी बार-बार पेशाब जाने की आवश्यकता लगती है? क्या कभी ऐसा हुआ है कि आप कोई बहुत ही महत्वपूर्ण कार्यों के दौरान भी आपको बार-बार उठना पड़ता है। यकीन मानिए, आप अकेले नहीं हैं। भारत में लाखों लोग हर दिन इस चुप्पी भरी तकलीफ का सामना करते हैं। यह सिर्फ एक शारीरिक परेशानी नहीं है, बल्कि यह आपके आत्मविश्वास, आपकी नींद और आपके सामाजिक जीवन को अंदर से खोखला कर देती है।
अक्सर लोग इसे ‘बढ़ती उम्र का तकाजा’ मानकर टाल देते हैं, लेकिन शरीर का यह इशारा कुछ और भी हो सकता है। ये समस्या सिर्फ बड़ी उम्र के साथ कम उम्र के लोगों को भी परेशान करती है। सही समय पर जानकारी ही आपको एक सामान्य और खुशहाल जीवन वापस दिला सकती है। सीके बिरला अस्पताल में हमारा उद्देश्य आपको केवल इलाज देना नहीं है, बल्कि आपके उस आत्मविश्वास को फिर से वापस लाना है, जो आपको कहीं भी कभी भी घूमने की आजादी देता है। यदि आप भी ऐसी किसी समस्या से परेशान है, तो बिना देर किए हमारे अनुभवी विशेषज्ञों से मिलें और इलाज लें।
साधारण शब्दों में कहें तो एक स्वस्थ व्यक्ति दिन भर में 6 से 8 बार पेशाब जाता है। लेकिन अगर यह संख्या इससे ज्यादा हो जाए या आपको अचानक से इतनी तेज महसूस हो कि आप टॉयलेट तक न पहुँच सकें, तो इसे पेशाब रोक न पाना या ‘Urinary Incontinence’ कहा जाता है।
यह स्थिति दो तरह की हो सकती है: पहली, जिसमें ब्लैडर (पेशाब की थैली) पूरी तरह भर जाने से पहले ही संकुचित हो जाती है। दूसरी, जिसमें ब्लैडर की मांसपेशियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि वे मूत्र के दबाव को झेल नहीं पाती। यह समस्या केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं है; आजकल युवाओं और महिलाओं में भी बार-बार पेशाब की समस्या तेजी से देखी जा रही है।
ये भी पढ़े: पेशाब में जलन क्या है – कारण, निदान और उपचार
जब हम बार-बार पेशाब आने के पीछे के कारणों को तलाशते हैं, तो इसके पीछे कई छोटी और बड़ी वजहें छिपी हो सकती हैं। मेडिकल साइंस के अनुसार, इसके मुख्य कारणों को हम दो भाग में बाँट सकते हैं –
ये भी पढ़े: डायबिटिक के मरीज के लिए कम्पलीट डाइट चार्ट
सिर्फ पेशाब का बार-बार आना ही समस्या नहीं है, बल्कि उसके साथ होने वाले अन्य बदलावों पर ध्यान देना जरूरी है –
ये भी पढ़े: किडनी स्टोन का निदान कैसे किया जाता है?
हम अक्सर सोचते हैं कि “कल तक ठीक हो जाएगा,” लेकिन पेशाब की समस्या के कारण जब आपके जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित करने लगें, तो विशेषज्ञ की सलाह लेना अनिवार्य है। आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए यदि –
सीके बिरला अस्पताल के विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती निदान से 90% मामलों में सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ती और दवाओं व थेरेपी से ही मरीज ठीक हो जाते हैं।
ये भी पढ़े: यूरिक एसिड बढ़ने का कारण, लक्षण, निदान, घरेलू उपचार और बचाव
आज के दौर में मेडिकल साइंस ने इतनी उन्नति कर ली है कि मूत्र संबंधी समस्या का इलाज बहुत सरल हो गया है। डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार निम्नलिखित सुझाव दे सकते हैं –
ये भी पढ़े: गर्मी में हाइड्रेटेड रहने के लिए क्या करें और क्या खाये
मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ-साथ आप कुछ घरेलू बदलावों से भी अपनी स्थिति सुधार सकते हैं –
ये भी पढ़े: आंत में सूजन क्यों होता है: लक्षण, कारण, शरीर पर इसका प्रभाव और इसका इलाज?
कहते हैं “बचाव इलाज से बेहतर है।” अपनी किडनी और ब्लैडर को स्वस्थ रखने के लिए ये नियम अपनाएं:
ये भी पढ़े: लिवर में सूजन क्यों होता है: लक्षण, कारण, शरीर पर इसका प्रभाव और इसका इलाज?
बार-बार पेशाब आना या पेशाब रोक न पाना कोई ऐसी बात नहीं है, जिसे छिपाया जाए या जिससे शर्मिंदा हुआ जाए। यह आपके शरीर की एक पुकार है, जिसे सुनने और समझने की जरूरत है। सही समय पर बार-बार पेशाब की दवा और विशेषज्ञ का परामर्श आपको न केवल इस शारीरिक कष्ट से मुक्ति दिला सकता है, बल्कि आपके सामाजिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बना सकता है।
यदि आप या आपके परिवार में कोई इस समस्या का सामना कर रहा है, तो आज ही सीके बिरला अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग से संपर्क करें। याद रखें, आपका स्वास्थ्य आपकी सबसे बड़ी पूंजी है।
क्या ज्यादा पानी पीने से बार-बार पेशाब आ सकता है?
हाँ, यह स्वाभाविक है। यदि आप अपने शरीर की जरूरत से ज्यादा पानी पीते हैं, तो किडनी अतिरिक्त तरल को बाहर निकालती है। लेकिन अगर पानी कम पीने के बावजूद आप बार-बार पेशाब की समस्या से जूझ रहे हैं, तो यह मेडिकल चेकअप का समय है।
क्या नींद में पेशाब आना (Night-time urination) खतरे की निशानी है?
रात में एक बार उठना सामान्य है, लेकिन अगर आप 2-3 बार से ज्यादा उठ रहे हैं (जिसे नोक्टुरिया कहते हैं), तो यह डायबिटीज, प्रोस्टेट की समस्या या हृदय संबंधी विकार का शुरुआती संकेत हो सकता है।
क्या ब्लैडर एक्सरसाइज (Kegel) से मदद मिल सकती है?
बिल्कुल, कीगल एक्सरसाइज पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूती देती है। यह पेशाब रोक न पाना और छींकते या खांसते समय यूरिन लीक होने की समस्या में रामबाण सिद्ध होती है। इसे नियमित रूप से करना चाहिए।
क्या तनाव या एंग्जायटी से पेशाब बार-बार आता है?
हाँ, तनाव के समय शरीर में ‘फाइट या फ्लाइट’ हार्मोन रिलीज होते हैं, जो नर्वस सिस्टम को प्रभावित करते हैं। इससे ब्लैडर की संवेदनशीलता बढ़ जाती है और व्यक्ति को बार-बार टॉयलेट जाने की इच्छा महसूस होती है।
क्या बार-बार पेशाब आना किडनी खराब होने का लक्षण है?
जरूरी नहीं, लेकिन यह एक संभावना हो सकती है। किडनी की कार्यक्षमता कम होने पर वह यूरिन को ठीक से कॉन्संट्रेट नहीं कर पाती, जिससे पेशाब की मात्रा बढ़ सकती है। इसके साथ पैर में सूजन या कमर दर्द हो तो डॉक्टर से मिलें।
क्या खान-पान से पेशाब की जलन कम की जा सकती है?
जी हां, खट्टे फल, नारियल पानी और क्रैनबेरी जूस यूरिनरी मार्ग को साफ रखने और बार-बार पेशाब और जलन को कम करने में मदद करते हैं। अधिक मिर्च-मसाले से परहेज करना फायदेमंद होता है।
Written and Verified by:

Similar Urology Blogs
Request a call back