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कीमोथेरेपी क्या होता है? प्रकार, प्रक्रिया और साइड इफेक्ट

The Oncology Centre | by Dr Bhawana S Awasthy on Jun 29, 2026 | Last Updated : Jun 29, 2026

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Summary

कीमोथेरेपी (Chemotherapy) कैंसर के इलाज की एक प्रभावी विधि है, जिसमें विशेष दवाओं की मदद से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है या उनकी वृद्धि को रोका जाता है। यह उपचार कैंसर के प्रकार, स्टेज और मरीज की स्थिति के अनुसार सर्जरी या रेडियोथेरेपी के साथ भी दिया जा सकता है। हालांकि कीमोथेरेपी के दौरान बाल झड़ना, थकान, मतली और संक्रमण का खतरा जैसे कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं, लेकिन आधुनिक चिकित्सा के कारण इन्हें काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। सही समय पर इलाज और विशेषज्ञ की सलाह से कीमोथेरेपी कई मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकती है।

जैसे ही डॉक्टर आपके पेट का सीटी स्कैन देखने और उसका अध्ययन करने के बाद कहते हैं कि “कीमोथेरेपी शुरू करनी होगी।” बस, उसी समय कई लोगों को लगता है कि ये दवा उन्हें अंत की तरफ ले जाएगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है।

इस डर से बचने के लिए आपको कुछ प्रश्नों के उत्तर जानने होंगे जैसे कि “कीमो क्या होता है?”, “क्या यह दर्दनाक है?”, “क्या इससे बाल सच में झड़ जाते हैं?” चिंता न करें, हम इन सभी सवालों के जवाब आपको इस ब्लॉग में देने वाले हैं।

यदि आपको भी कीमो का सुझाव दिया गया है, तो कम से कम सेकंड ओपिनियन के लिए हमारे अनुभवी ऑन्कोलॉजी (oncology) विशेषज्ञों से अभी अपॉइंटमेंट बुक करें। वे आपको पूरी प्रक्रिया समझाएंगे और बताएंगे कि आपको इसकी आवश्यकता है कि नहीं और यदि है तो कब तक आपको कीमो के लिए आना पड़ेगा।

कीमोथेरेपी क्या है?

कीमो का मतलब है – रसायनों (chemicals) से उपचार। कीमोथेरेपी एक ऐसा इलाज है जिसमें खास तरह की दवाओं का उपयोग करके कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है या उनकी ग्रोथ को रोका जाता है। कैंसर की कोशिकाओं की एक खास बात होती है कि वे तेजी से बढ़ती हैं। कीमो की दवाएं ठीक इसी कमजोरी को निशाना बनाती हैं, अन्यथा ये पूरे शरीर में फैल जाएगी।

ये दवाएं शरीर में जाकर कैंसर कोशिकाओं के डीएनए (DNA) या उनके बढ़ने की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं, जिससे वे आगे बढ़ नहीं पाती और धीरे-धीरे नष्ट हो जाती हैं।

एक जरूरी बात जो हर मरीज को जाननी चाहिए – कीमोथेरेपी की दवाएं सिर्फ कैंसर कोशिकाओं तक सीमित नहीं रहती। ये कुछ हद तक स्वस्थ कोशिकाओं को भी प्रभावित कर सकती हैं, खासकर वो जो तेजी से बढ़ती हैं जैसे बालों की जड़ें, मुंह की परत, या रक्त कोशिकाएं। इसलिए कुछ साइड इफेक्ट होते हैं – लेकिन अच्छी खबर यह है कि स्वस्थ कोशिकाएं इलाज के बाद खुद ठीक हो जाती हैं।

कैंसर के किमो इलाज का उपयोग कब और कहाँ होता है?

यह सोचना गलत है हर प्रकार के कैंसर के लिए कीमोथेरेपी का ही उपयोग होगा। डॉक्टर कई बातें देखकर यह फैसला करते हैं –

  • कैंसर का प्रकार (जैसे स्तन कैंसर , ब्लड कैंसर, फेफड़ों का कैंसर)।
  • कैंसर किस स्टेज पर है।
  • मरीज की उम्र और सेहत की स्थिति क्या है।
  • क्या कीमो को सर्जरी या रेडियोथेरेपी के साथ मिलाकर देना है।

कीमोथेरेपी का उपयोग इन उद्देश्यों के लिए किया जाता है:

  • कैंसर को जड़ से खत्म करना (Curative Chemotherapy): जब कीमो से कैंसर को पूरी तरह ठीक करने की उम्मीद हो।
  • सर्जरी से पहले ट्यूमर छोटा करना (Neoadjuvant Therapy): ट्यूमर को छोटा करके सर्जरी आसान बनाना हो।
  • सर्जरी के बाद बचे कैंसर को खत्म करना (Adjuvant Therapy): ऑपरेशन के बाद बची हुई कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करना।
  • दर्द और लक्षणों में राहत देना (Palliative Chemotherapy): जब कैंसर पूरी तरह ठीक न हो सके, तब मरीज की जिंदगी की गुणवत्ता (quality of life) बेहतर बनाना।

ICMR के अनुसार भारत में साल 2024 में करीब 8 से 9 लाख कैंसर से जुड़ी मौतें हुईं – और इनमें से ज्यादातर मामलों में देर से निदान (late diagnosis) एक बड़ी वजह रही। अगर समय पर पहचान हो और सही इलाज मिले, तो कीमोथेरेपी जीवन बचाने में बेहद प्रभावी साबित होती है।

कीमोथेरेपी कैसे दी जाती है?

बहुत से लोग सोचते हैं कि कीमो सिर्फ ड्रिप (drip) के ज़रिए दी जाती है – लेकिन ऐसा नहीं है। कीमोथेरेपी के कई प्रकार और तरीके होते हैं, जिन्हें हम नीचे समझेंगे –

  • नसों के ज़रिए (Intravenous Chemotherapy – IV): यह सबसे आम तरीका है। दवा सीधे नस में ड्रिप के ज़रिए दी जाती है। यह अस्पताल में या डे-केयर सेंटर (day care center) में होती है। इसमें कुछ घंटे लग सकते हैं। इसमें कीमो की दवा को अन्य दवाओं के साथ दिया जाता है, और कुछ समय के लिए वहीं निगरानी में रखा जाता है।
  • मुंह से खाई जाने वाली गोली (Oral Chemotherapy): कुछ कीमो दवाएं अब गोली या कैप्सूल के रूप में आती हैं जिन्हें घर पर ही लिया जा सकता है। यह बेहद आसान है, लेकिन डॉक्टर की देखरेख उतनी ही जरूरी है।
  • इंजेक्शन (Injection – Intramuscular or Subcutaneous): कुछ दवाएं मांसपेशी या त्वचा के नीचे इंजेक्शन के जरिए दी जाती हैं।
  • सीधे प्रभावित अंग में (Regional Chemotherapy): जैसे ब्रेन ट्यूमर के मामले में सीधे रीढ़ की हड्डी के तरल पदार्थ में या लिवर के पास की धमनी में दवा देना।

कीमो चक्र (Chemotherapy Cycle) क्या होता है?

कीमोथेरेपी एक बार में नहीं, बल्कि चक्रों (cycles) में दी जाती है। एक चक्र में दवा दी जाती है और फिर शरीर को ठीक होने का वक्त दिया जाता है। आमतौर पर हर 2 से 4 हफ्ते में एक चक्र होता है। पूरा कोर्स कैंसर के प्रकार और स्टेज के हिसाब से 4 से 8 चक्र या उससे ज़्यादा हो सकता है।

कीमोथेरेपी के लिए कैसे तैयार हों?

कीमो शुरू करने से पहले कुछ बातें जानना बहुत ज़रूरी है जैसे कि –

  • शरीर की जांच: डॉक्टर खून की जांच, लिवर और किडनी (kidney) फंक्शन टेस्ट और दिल की जांच कर सकते हैं। उनकी रिपोर्ट्स साथ रखें। हो सकता है कि हर साइकिल में एक बार या हर 2 साइकिल में एक बार इन टेस्ट को दोहराया जाए।
  • दांतों की देखभाल: कीमो से मुंह में संक्रमण (infection) का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए पहले से दंत चिकित्सक से मिलें।
  • खानपान की आदतें सुधारें: हल्का, पौष्टिक और साफ खाना खाएं। जंक फूड और तला-भुना बंद करें।
  • सहायक तैयार रखें: कीमो के दिन किसी परिवार के सदस्य या दोस्त को साथ ले जाएं। वैसे तो कोई समस्या नहीं होती है, लेकिन एक व्यक्ति का साथ बहुत लाभकारी होता है।
  • मानसिक तैयारी: अपने डॉक्टर से हर सवाल पूछें – चाहे वो कितना भी छोटा लगे। जानकारी ही सबसे बड़ी ताकत है।
  • ज़रूरी सामान साथ रखें: पानी की बोतल, हल्का खाना, एक कंबल और कोई किताब या म्यूज़िक – क्योंकि कीमो सेशन कई घंटों का हो सकता है। कम से कम 4-6 घंटे तक चल सकता है।

कीमोथेरेपी के साइड इफेक्ट: जानें और समझें

यह वो हिस्सा है जिसके बारे में हर कोई जानना चाहता है – और ज्यादातर लोग इसी वजह से कीमो से डरते हैं। सच यह है कि कीमोथेरेपी के दुष्प्रभाव हर मरीज में अलग-अलग होते हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि किस दवा का उपयोग हो रहा है, कितनी मात्रा में, और मरीज की सेहत कैसी है।

  • बाल झड़ना (Hair Loss): यह सबसे दिखने वाला साइड इफेक्ट है – और कई बार मरीजों के लिए भावनात्मक रूप से सबसे मुश्किल भी। लेकिन यह अस्थायी है – कीमो खत्म होने के कुछ हफ्तों या महीनों में बाल वापस उगने लगते हैं।
  • थकान (Fatigue): कीमोथेरेपी के दौरान अजीब सी थकान महसूस हो सकती है, जो नींद से भी ठीक नहीं होती। यह इसलिए होती है, क्योंकि दवाएं शरीर में बहुत सारी ऊर्जा खींचती हैं। हल्की सैर और पर्याप्त आराम मददगार हो सकते हैं।
  • मतली और उल्टी (Nausea and Vomiting): यह भी बहुत आम शिकायत है। डॉक्टर आमतौर पर कीमो के साथ मतली रोकने वाली दवाएं (antiemetics) देते हैं। दिन में 3 की जगह 5-6 बार छोटे-छोटे हिस्सों में खाना खाने से राहत मिल सकती है।
  • संक्रमण का खतरा (Risk of Infection): कीमो रक्त में सफेद कोशिकाओं (White Blood Cells) की संख्या कम कर देती है, जो हमारी प्रतिरोधक क्षमता (immunity) के लिए जिम्मेदार हैं। इससे बुखार, खांसी या संक्रमण जल्दी हो सकता है। इस दौरान भीड़-भाड़ से बचें, हाथ अच्छे से धोएं।
  • मुंह में छाले (Mouth Sores): मुँह की परत की कोशिकाएं भी कीमो से प्रभावित होती हैं, जिससे छाले या दर्द हो सकता है। हल्का और नरम खाना खाएं, गर्म या मसालेदार खाने से बचें।
  • याददाश्त और ध्यान में कमी (Chemo Brain): कई मरीज बताते हैं कि कीमो के दौरान ध्यान लगाने में दिक्कत होती है या भूलने की समस्या बढ़ जाती है। इसे “कीमो ब्रेन (chemo brain)” कहते हैं। AIIMS नई दिल्ली के एक रिसर्च में भी यह पाया गया कि कीमो के दौरान मरीजों में संज्ञानात्मक कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।

अन्य दुष्प्रभाव

  • भूख कम लगना
  • त्वचा का रूखापन
  • हाथ-पैरों में सुन्नपन (neuropathy)
  • खून की कमी (anemia)

यह याद रखें – ये सब अस्थायी हैं। इलाज खत्म होने के बाद धीरे-धीरे शरीर सामान्य होने लगता है।

कीमोथेरेपी के खानपान का ध्यान

कीमो के दौरान और बाद में सही खान-पान शरीर को जल्दी ठीक करने में बड़ी भूमिका निभाता है।

क्या खाएं:

  • दाल, पनीर, अंडा, मछली जैसे प्रोटीन युक्त खाने
  • ताजे फल और सब्जियां
  • दलिया, खिचड़ी, ब्राउन राइस
  • नारियल पानी और हल्की हर्बल चाय
  • पर्याप्त मात्रा में पानी

क्या न खाएं:

  • कच्चा मांस या कच्ची सब्जियां (संक्रमण के खतरे से बचें)
  • बाहर का खाना या जंक फूड
  • शराब और धूम्रपान
  • बहुत तला-भुना या मसालेदार खाना

निष्कर्ष

कीमो का नाम सुनकर डर लगना स्वाभाविक है – लेकिन यह डर तब छोटा हो जाता है जब हम सच में जान लेते हैं कि कीमोथेरेपी क्या है और यह कैसे काम करती है। आज की मेडिकल टेक्नोलॉजी बेहद आगे बढ़ चुकी है। कीमो पहले से कहीं ज़्यादा सुरक्षित और असरदार हो गई है। इसके साइड इफेक्ट को मैनेज करने के तरीके भी बेहतर हो गए हैं।

सबसे ज़रूरी है – सही डॉक्टर, सही समय पर सही इलाज। सीके बिरला अस्पताल में हमारी कैंसर विशेषज्ञ टीम हर कदम पर आपके साथ है – चाहे आप अभी जानकारी जुटा रहे हों या इलाज शुरू करने के बारे में सोच रहे हों। आज ही अपॉइंटमेंट बुक करें और पहला कदम उठाएं।

 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल: 

कीमोथेरेपी के बाद क्या खाना चाहिए? 

कीमो के बाद हल्का, पौष्टिक खाना जैसे दलिया, खिचड़ी, दाल, पनीर और ताजे फल लें। खूब पानी पिएं। तला हुआ, मसालेदार या बाहर का खाना कीमो के दौरान बिल्कुल न लें।

कीमो का एक चक्र (Chemotherapy Cycle) कितने समय का होता है?

एक कीमो चक्र आमतौर पर 2 से 4 हफ्ते का होता है। इसमें दवा देने का दिन और फिर शरीर को आराम देने का समय शामिल होता है। पूरा कोर्स कैंसर के प्रकार पर निर्भर करता है।

क्या कीमोथेरेपी के बाद कैंसर पूरी तरह ठीक हो जाता है?

यह कैंसर के प्रकार, स्टेज और मरीज की सेहत पर निर्भर करता है। कई मामलों में कीमो से कैंसर पूरी तरह ठीक हो जाता है, जबकि कुछ में यह बीमारी को कंट्रोल करने या दर्द कम करने के लिए दी जाती है।

कीमोथेरेपी शरीर में कैसे काम करती है?

कीमो की दवाएं उन कोशिकाओं को निशाना बनाती है, जो तेजी से बढ़ती हैं। ये कैंसर कोशिकाओं के डीएनए (DNA) को नुकसान पहुंचाकर उन्हें बढ़ने से रोकती हैं और अंततः नष्ट कर देती हैं।

क्या कीमोथेरेपी दर्दनाक होती है?

कीमो की प्रक्रिया आमतौर पर दर्दनाक नहीं होती। IV ड्रिप लगाते समय थोड़ी चुभन हो सकती है, लेकिन इलाज के दौरान दर्द नहीं होता। साइड इफेक्ट की वजह से असुविधा हो सकती है जिसे डॉक्टर मैनेज करते हैं।

कीमोथेरेपी कितने प्रकार की होती है?

कीमो कई तरीकों से दी जाती है – नसों में ड्रिप (IV), मुंह से गोली, इंजेक्शन, या सीधे प्रभावित अंग में। दवा का प्रकार और तरीका कैंसर की किस्म के हिसाब से तय होता है।

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