
कैंसर होना किसी बुरे सपने की तरह होता है, लेकिन यदि आपकी सर्जरी हो गई है, तो आपने इस जंग को जीतने की तरफ अपना पहला कदम बढ़ा दिया है। लेकिन इस जंग का दूसरा भाग सर्जरी के बाद भी देखभाल है। इस दौरान कई सारे सवाल मन में उमड़ते रहते हैं कि क्या मैं फिर से पहले जैसी जिंदगी जी पाऊंगी? क्या मेरी डाइट मेरे शरीर को फिर से मजबूत बना पाएगी?
ब्रेस्ट कैंसर से जूझने के बाद, आपका शरीर केवल घावों को नहीं भर रहा होता, बल्कि वह एक नई पहचान के साथ तालमेल बिठा रहा होता है। यह समझना बेहद जरूरी है कि ब्रेस्ट कैंसर का उपचार सिर्फ दवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके बाद की देखभाल ही आपके भविष्य को सुरक्षित करती है। भारत में, जहाँ हर 28 में से एक महिला को अपने जीवनकाल में इस बीमारी का सामना करना पड़ता है, वहां सही जानकारी ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। यदि आप या आपके परिवार में कोई इस दौर से गुजर रहा है, तो याद रखें कि आप अकेले नहीं हैं। यह गाइड आपको आपके ‘न्यू नॉर्मल’ की ओर ले जाने वाला एक मार्गदर्शक है। इसके साथ-साथ सर्जरी के बाद की रिकवरी के लिए भी डॉक्टर के साथ नियमित परामर्श भी आपके सेहत की एक चाबी की तरह कार्य करती है।
उपचार के बाद के पहले कुछ हफ्ते शरीर के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। चाहे आपने लुम्पेक्टोमी (Lumpectomy) करवाई हो या मास्टेक्टोमी (Mastectomy), आपका शरीर एक बड़े बदलाव से गुजरा होता है। इस दौरान कुछ बातों का खास ध्यान रखने की आवश्यकता होती है।
सर्जरी के बाद संक्रमण से बचना सबसे महत्वपूर्ण है। सीके बिरला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, करीब 5-10% मामलों में सर्जरी के बाद मामूली संक्रमण का खतरा रहता है, जिसे सही देखभाल से टाला जा सकता है।
कीमोथेरेपी और रेडिएशन के बाद शरीर में ऊर्जा का स्तर बहुत कम हो जाता है। इसे ‘कैंसर फटीग’ कहा जाता है। इसे दूर करने का सबसे अच्छा तरीका ‘स्मार्ट रेस्ट’ है। दिन भर में छोटे-छोटे ब्रेक लें और भारी शारीरिक मेहनत से बचें।
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कैंसर सर्वाइवर्स के लिए भोजन केवल भूख मिटाने का साधन नहीं, बल्कि एक औषधि है। रिसर्च यह सिद्ध कर चुके हैं कि सही पोषण कैंसर के दोबारा होने के जोखिम को 30% तक कम किया जा सकता है। ब्रेस्ट कैंसर के कारण और उपाय की चर्चा में डाइट सबसे ऊपर आती है। चलिए समझते हैं कि आपको अपने आहार में क्या शामिल करना चाहिए और किससे बचना चाहिए।
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इलाज के बाद कई लोग डर के कारण एक्सरसाइज छोड़ देते हैं, जबकि सच यह है कि हल्की शारीरिक गतिविधि आपकी रिकवरी की गति को बढ़ा देती है।
व्यायाम से शरीर में कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) का स्तर कम होता है। सीके बिरला अस्पताल में हम मरीजों को योग करने की सलाह देते हैं, क्योंकि यह न केवल शरीर को लचीला बनाता है, बल्कि मानसिक शांति भी देता है।
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मेनोपॉज के बाद वजन बढ़ना ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है, क्योंकि फैट सेल्स एस्ट्रोजन का उत्पादन करती हैं, जो कुछ प्रकार के कैंसर को बढ़ावा दे सकते हैं। अपना बीएमआई (BMI) सामान्य सीमा में रखना आपके लिए अनिवार्य है।
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यह सच है कि ब्रेस्ट कैंसर का उपचार सफल होने के बाद भी इसके वापस आने का एक छोटा सा जोखिम बना रहता है। लेकिन सतर्कता से इसे टाला जा सकता है। इसके लिए आपको इलाज के बाद पहले दो सालों में हर 3 से 6 महीने में डॉक्टर से मिलना जरूरी है।
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अक्सर समाज में यह धारणा है कि यह केवल महिलाओं की बीमारी है। लेकिन वैश्विक स्तर पर 1% मरीज पुरुष भी होते हैं। पुरुषों को भी ब्रैस्ट कैंसर सिम्पटम्स जैसे कि छाती में गांठ, निप्पल का अंदर धसना या त्वचा पर पपड़ी जमने को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। पुरुषों में चेस्ट कैंसर के लक्षण अक्सर देरी से पहचाने जाते हैं, क्योंकि जागरूकता की कमी है। लेकिन सीके बिरला अस्पताल में हम पुरुषों के लिए भी विशेष स्क्रीनिंग की सुविधा प्रदान करते हैं।
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कैंसर के बाद का जीवन केवल शारीरिक स्वस्थता तक सीमित नहीं है। आपकी मानसिक स्थिति आपकी रिकवरी की नींव है। इन्हें मैनेज करने के लिए आप दो मुख्य बातों पर ध्यान देना चाहिए –
उपचार के कारण शरीर में हार्मोनल बदलाव आते हैं, जिससे योनि में सूखापन या कामेच्छा में कमी हो सकती है। इसके अलावा, सर्जरी के कारण शरीर की बनावट में आए बदलाव आत्म-सम्मान को भी प्रभावित कर सकते हैं।
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काम पर वापस लौटना आपको ‘नॉर्मल’ महसूस कराने का एक बड़ा जरिया है। हालांकि, इसे धीरे-धीरे शुरू करें। अपने सहकर्मियों को अपनी स्थिति के बारे में संक्षेप में बताएं ताकि वे जरूरत पड़ने पर आपकी मदद कर सकें।
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रिकवरी के दौरान कुछ ‘रेड फ्लैग्स’ होते हैं जिन्हें नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है:
इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत अपने ऑन्कोलॉजिस्ट से संपर्क करें। ब्रेस्ट कैंसर लक्षण दोबारा दिखना हमेशा कैंसर नहीं होता, लेकिन जांच अनिवार्य है।
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ब्रेस्ट कैंसर से लड़ना आपकी हिम्मत का प्रतीक है, और उसके बाद एक स्वस्थ जीवन जीना आपकी जीत का उत्सव। ब्रेस्ट कैंसर होने के कारण चाहे कुछ भी रहे हों, आपका भविष्य आपकी वर्तमान देखभाल पर निर्भर करता है। सही डाइट, सकारात्मक दृष्टिकोण और सीके बिरला अस्पताल के विशेषज्ञों के साथ नियमित परामर्श आपको एक लंबी और खुशहाल जिंदगी दे सकता है।
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क्या ब्रेस्ट कैंसर के बाद सामान्य जीवन जी सकते हैं?
हां, अधिकांश महिलाएं इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीती हैं। सही देखभाल के साथ आप अपनी पुरानी दिनचर्या में वापस लौट सकती हैं।
क्या सर्जरी के बाद हमेशा दर्द रहता है?
नहीं, सर्जरी के बाद कुछ हफ्तों तक असहजता हो सकती है। सही फिजियोथेरेपी और दवाओं से यह दर्द पूरी तरह समाप्त हो जाता है।
क्या एक्सरसाइज से कैंसर वापस आ सकता है?
बिल्कुल नहीं, रिसर्च बताते हैं कि मध्यम व्यायाम वास्तव में कैंसर के दोबारा होने के जोखिम को 40% तक कम कर सकते हैं।
क्या बाल झड़ना (Hair loss) स्थाई होता है?
नहीं, कीमोथेरेपी के कारण झड़े बाल उपचार खत्म होने के 3 से 6 महीने बाद फिर से उगने लगते हैं।
क्या ब्रेस्ट कैंसर के बाद प्रेगनेंसी संभव है?
हाँ, संभव है। हालांकि, यह आपकी उम्र और इलाज के प्रकार पर निर्भर करता है। गर्भधारण की योजना बनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
क्या हार्मोन थेरेपी के साइड इफेक्ट्स जीवन भर रहते हैं?
नहीं, हॉट फ्लैशेस या जोड़ों के दर्द जैसे साइड इफेक्ट्स आमतौर पर तब तक रहते हैं जब तक दवा चल रही है। इसके बाद शरीर सामान्य हो जाता है।
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