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टॉन्सिल (टॉन्सिलाइटिस) के कारण, लक्षण और इलाज

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टॉन्सिल क्या है (What is Tonsil)

टॉन्सिल गले का अहम हिस्सा है जो गले के दोनों तरफ स्थित होता है। टॉन्सिल का मुख्य काम शरीर का बाहरी संक्रमण से रक्षा करना है, लेकिन कई बार टॉन्सिल में संक्रमण हो जाता है जिसके कारण इसका आकार बढ़ने लगता है। टॉन्सिल में संक्रमण होने की स्थिति को मेडिकल की भाषा में टॉन्सिलाइटिस कहते हैं।

टॉन्सिलाइटिस क्या होता है (What is Tonsillitis in Hindi)

टॉन्सिलाइटिस को टॉन्सिल बढ़ना, टॉन्सिल में इंफेक्शन होना आदि नाम से भी जाना जाता है। टॉन्सिलाइटिस होने पर आपको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है जैसे कि सांस लेने में दिक्कत आना, खानपान की वस्तुओं को निगलने में तकलीफ होना और गले में दर्द आदि।

टॉन्सिल (टॉन्सिलाइटिस) के लक्षण (Tonsillitis Symptoms)

टॉन्सिलाइटिस के कई लक्षण होते हैं। इन लक्षणों की मदद से आपको इस बात का अंदाजा लग सकता है कि आपके टॉन्सिल का आकार बढ़ गया है। टॉन्सिलाइटिस के लक्षणों में निम्न शामिल हो सकते हैं:-

  • गले में सूजन होना 
  • गले में दर्द होना
  • गले में खराश होना
  • बुखार होना
  • सांसों से बदबू आना
  • ठंड लगना
  • कान में दर्द होना
  • पेट में दर्द होना
  • सिर में दर्द होना
  • गर्दन में अकड़न होना
  • खाने पीने की वस्तुएं निगलने में परेशानी होना
  • जबड़े और गर्दन में लचीलापन आना
  • टॉन्सिल का लाल होना और सूजन आना
  • उल्टी होना
  • थकान होना
  • खांसी होना
  • सीने में परेशानी होना
  • मुंह खोलने में परेशानी होना

छोटे बच्चों में टॉन्सिलाइटिस होने पर निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं:-

  • भूख कम लगना
  • चिड़चिड़ापन होना
  • मुंह से लार टपकना

अगर आप खुद में या अपने बच्चे में ऊपर दिए गए लक्षणों को देखते हैं तो आपको तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

टॉन्सिल बढ़ने के कारण (Tonsillitis Causes in Hindi) 

टॉन्सिल का काम शरीर को बाहरी बैक्टीरिया और वायरस से बचाना है, लेकिन कई बार यह खुद ही उन बैक्टीरिया या वायरस से संक्रमित हो जाते हैं।

टॉन्सिल के संक्रमित होने यानी टॉन्सिलाइटिस कई कारणों से होता है जिसमें मुख्य रूप से निम्न शामिल हो सकते हैं:-

  • एडिनोवायरस
  • राइनोवायरस
  • इन्फ्लूएंजा
  • रेस्पिरेटरी सिंसिशीयल वायरस
  • कोरोना वायरस
  • एपस्टीन बार वायरस
  • हर्पिस सिम्प्लेक्स वायरस
  • साइटोमेगालोवायरस
  • स्टेफिलोकोकस ऑरियस
  • माइकोप्लाज्मा निमोनिया
  • क्लैमाइडिया निमोनि
  • बोर्डेटेला पर्टुसिस
  • फ्यूज बैक्टीरिया एसपी
  • नेइसेरिया गोनोर्र्होई

टॉन्सिल (टॉन्सिलाइटिस) का इलाज (Treatment of Tonsillitis)

टॉन्सिलाइटिस का इलाज कई तरह से किया जाता है जिसमें घरेलू नुस्खे, दवाएं और सर्जरी आदि शामिल हैं। डॉक्टर इलाज के लिए कौन से माध्यम का चुनाव करते हैं यह पूरी तरह से टॉन्सिलाइटिस के प्रकार और गंभीरता एवं मरीज की उम्र, समग्र स्वास्थ्य और पहले से चल रही दूसरी दवाओं तथा एलर्जी आदि पर निर्भर करता है।

टॉन्सिलाइटिस का घरेलू इलाज (Tonsillitis Home Remedy)

अगर टॉन्सिलाइटिस ने गंभीर रूप नहीं लिया है तो कुछ घरेलू नुस्खों से उसका इलाज किया जा सकता है। टॉन्सिल के घरेलू उपचार में निम्न शामिल हो सकते हैं:-

  • अदरक

अदरक में अनेक औषधीय गुण पाए जाते हैं जो टॉन्सिलाइटिस में मददगार साबित हो सकते हैं। हल्का गर्म पानी में नींबू का रस और अदरक को पीसकर मिलाएं। उसके बाद, उस पानी से दिन में 2-4 बार गरारा करें

इसके अलावा, आप अदरक की चाय भी पी सकते हैं। यह भी टॉन्सिलाइटिस के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है।

  • लहसुन

लहसुन में कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं जो टॉन्सिलाइटिस के लक्षण जैसे कि गले में दर्द और सूजन जैसी परेशानियों में बहुत फायदेमंद होते हैं। लहसुन की कलियों को पानी में डालकर उन्हें अच्छी तरह उबालें और फिर पानी हल्का ठंडा होने के बाद उससे गरारे करें

  • दूध

दूध में हल्दी मिलाकर इसका सेवन करने से टॉन्सिल की प्रॉब्लम में मदद मिलती है। अगर आप टॉन्सिलाइटिस के लक्षणों से परेशान हैं तो दिन में या रात में सोने से पहले एक गिलास दूध में थोड़ा सा हल्दी पाउडर मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं।

  • सेंधा नमक

हल्का गर्म पानी में सेंधा नमक मिलाकर उससे गरारे करने पर टॉन्सिलाइटिस में मदद मिलती है। सेंधा नमक को पानी में मिलाकर उसका गरारे करने से बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं।

  • सिरका

टॉन्सिलाइटिस की स्थिति में गले में इंफेक्शन हो जाते हैं। ऐसे में सेब का सिरका पानी में मिलाकर उससे गरारे करने पर गले में इन्फेक्शन के लक्षणों से राहत मिलती है।

  • शहद

हल्का गर्म पानी में नींबू और शहद मिलाकर उसका सेवन करने से टॉन्सिल्स में बहुत आराम मिलता है। अगर आप टॉन्सिल में इंफेक्शन के कारण परेशान हैं तो आप इस घरेलू नुस्खे का उपयोग कर सकते हैं।

आप ऊपर दिए गए घरेलू उपायों का इस्तेमाल कर टॉन्सिलाइटिस के लक्षणों से छुटकारा पा  सकते हैं, लेकिन उनका इस्तेमाल करने से पहले एक बार डॉक्टर से मिलकर उनकी राय अवश्य लें। अपने मन मुताबिक किसी भी चीज का उपयोग आपके लिए खतरनाक साबित हो सकता है।

टॉन्सिलाइटिसमें क्या खाना चाहिए (Diet For Tonsillitis)

टॉन्सिलाइटिस होने पर आपको कुछ चीजों का सेवन करना चाहिए, क्योंकि ये लक्षणों को दूर करने में मदद करते हैं। टॉन्सिलाइटिस होने पर आपको निम्न चीजों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

  • गरम चावल
  • उबली पालक
  • उबले आलू
  • इडली

टॉन्सिलाइटिस में क्या नहीं खाना चाहिए/परहेज (Avoid These Foods in Tonsillitis)

टॉन्सिलाइटिस होने पर आपको कुछ चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इनका सेवन करने से आपके लक्षण और गंभीर रूप ले सकते हैं और आपकी परेशनियां बढ़ सकती हैं। टॉन्सिलाइटिस में आपको निम्न चीजों से परहेज करना चाहिए:-

  • दही
  • सॉस
  • टोस्ट
  • चटनी
  • अचार
  • शराब
  • कैफीन
  • सिगरेट
  • तम्बाकू
  • टमाटर
  • पैकेज्ड जूस
  • प्रिजर्व्ड फूड्स
  • मसालेदार और तैलीय पदार्थ
  • तेल में तली हुई चीज जैसे कि समोसा, पकौड़ा आदि
  • सिट्रस फ्रूट्स जैसे कि टमाटर, संतरा, अनानास और आम आदि

टॉन्सिलाइटिस से बचने के लिए जीवनशैली में करे यह बदलाब 

टॉन्सिलाइटिस से बचने के लिए आपको अपनी जीवनशैली में कुछ बदलाव लाने की आवश्यकता होती है। निम्न बातों को ध्यान में रखकर आप खुद को टॉन्सिलाइटिस से बचा सकते हैं:-

  1. तनाव से दूर रहें
  2. स्वस्थ वजन बनाए रखें
  3. अच्छी तरह से हाथ और मुंह धोएं
  4. साफ-सफाई का खास ध्यान रखें 
  5. नियमित रूप से व्यायाम करें
  6. नशीली चीजें जैसे कि शराब, सिगरेट और गुटखा का सेवन न करें
  7. खानपान की चीजें, बोतल या बर्तन दूसरों के साथ साझा करने से बचें
  8. जांच में टॉन्सिलाइटिस की पुष्टि होने के बाद टूथब्रश को बदल दें
  9. जब बच्चा बीमार हो तो उसे घर पर रखें
  10. डॉक्टर से पूछे कि आप बच्चे को स्कूल कब भेज सकते हैं
  11. बच्चे को जब भी खांसी या छींक आए तो उसके मुंह पर रूमाल लगाएं
  12. बच्चे को खांसने या छींकने के बाद हाथ धोने की हिदायत दें