
सूजे हुए लिम्फ नोड्स (लसीका ग्रंथियों में सूजन) अक्सर इस बात का संकेत होते हैं कि शरीर किसी संक्रमण से लड़ रहा है। अधिकांश मामलों में यह सामान्य संक्रमण के कारण होता है और कुछ हफ्तों में ठीक हो जाता है। हालांकि, यदि गांठ लंबे समय तक बनी रहे, दर्द रहित हो, लगातार बढ़े या इसके साथ बुखार, रात में पसीना और वजन कम होने जैसे लक्षण हों, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है। सही समय पर निदान और उपचार से गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है।
नहाते वक्त या शीशे के सामने तैयार होते हुए अचानक गर्दन पर हाथ गया और वहां एक छोटी सी गांठ महसूस हुई, यह अनुभव किसी को भी चिंता में डाल सकता है। दिमाग में तुरंत सबसे बुरा ख्याल आता है, “कहीं यह कुछ गंभीर तो नहीं?” सच यह है कि ऐसी सूजन ज्यादातर मामलों में आपके शरीर की सुरक्षा प्रणाली का ही एक हिस्सा है, कोई खतरे की घंटी नहीं। फिर भी, सही जानकारी न होने की वजह से लोग या तो बेवजह घबरा जाते हैं या फिर जरूरी लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, और दोनों ही स्थितियां सेहत के लिए ठीक नहीं।
इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे कि लिम्फ नोड्स असल में क्या होते हैं, इनमें सूजन क्यों आती है, कब यह सामान्य है और कब डॉक्टर से मिलना जरूरी हो जाता है। अगर आपको या आपके परिवार में किसी को गर्दन, बगल या शरीर के किसी हिस्से में लगातार गांठ महसूस हो रही है, तो इसे हल्के में न लें, दिल्ली और गुरुग्राम में हमारे अनुभवी विशेषज्ञों से आज ही अपॉइंटमेंट बुक करें और सही जांच के साथ अपने मन की उलझन दूर करें।
लिम्फ नोड्स छोटी, सेम के दाने जैसी संरचनाएं होती हैं, जो शरीर के लसीका तंत्र (lymphatic system) का हिस्सा है। शरीर में इनकी संख्या सैकड़ों में होती है और ये मुख्य रूप से गर्दन, बगल, कमर, ठुड्डी के नीचे और छाती के आसपास समूहों में पाए जाते हैं। इन्हें शरीर की “सुरक्षा चौकी” कहा जा सकता है, ये लसीका द्रव (lymph fluid) को फिल्टर करते हैं और बैक्टीरिया, वायरस व असामान्य कोशिकाओं को शरीर के बाकी हिस्सों तक पहुंचने से पहले ही रोकने का काम करते हैं।
जब भी शरीर में कहीं संक्रमण या सूजन होती है, आसपास के लिम्फ नोड्स सक्रिय हो जाते हैं, इम्यून कोशिकाएं वहां जमा होने लगती हैं, और यही वजह है कि नोड का आकार बढ़ जाता है। दूसरे शब्दों में कहें तो लिम्फ नोड्स में सूजन इस बात का सबूत है कि आपका इम्यून सिस्टम अपना काम बखूबी कर रहा है।
लिम्फ नोड्स में सूजन की सबसे बड़ी वजह इंफेक्शन है, चाहे वह वायरल हो या बैक्टीरियल। कुछ सबसे सामान्य कारण इस प्रकार हैं –
सूजन कहां है, यह जानकारी अक्सर वजह समझने में मदद करती है:
यह वह हिस्सा है, जो सबसे ज्यादा लोगों को उलझन में डालता है। ओपीडी में आने वाले ज्यादातर मरीजों की गांठ सामान्य इंफेक्शन से जुड़ी होती है। ऐसी सूजन आमतौर पर 2 से 4 हफ्तों के भीतर अपने आप कम हो जाती है।
लेकिन कुछ संकेत ऐसे हैं जिन पर तुरंत ध्यान देना चाहिए:
अगर इनमें से कोई भी लक्षण नजर आए, तो बिना देरी किए किसी विशेषज्ञ से मिलना ही सही फैसला है।
बच्चों में गर्दन की गांठ माता-पिता को खासतौर पर परेशान करती हैं, लेकिन असल में यह उनमें काफी सामान्य है। बच्चों का इम्यून सिस्टम अभी नई-नई बीमारियों से लड़ना सीख रहा होता है, इसलिए सामान्य सर्दी-जुकाम, गले का इंफेक्शन या स्किन इंफेक्शन में भी उनकी गर्दन की गांठ आसानी से उभर आती हैं और इंफेक्शन ठीक होने के बाद भी कुछ समय तक हल्की सूजी हुई रह सकती हैं।
फिर भी, अगर बच्चे में गांठ लगातार बढ़ रही हो, बुखार के साथ हो, बच्चा सुस्त या कमजोर महसूस कर रहा हो, या वजन ठीक से न बढ़ रहा हो, तो बाल रोग विशेषज्ञ या ईएनटी विशेषज्ञ से जांच करवाना जरूरी है।
यह सवाल शायद सबसे ज्यादा पूछा जाता है, और जवाब साफ है: नहीं। ज्यादातर स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार लिम्फ नोड्स में सूजन के अधिकतर मामले इंफेक्शन से जुड़े होते हैं, कैंसर एक दुर्लभ कारण है। हालांकि यह भी सच है कि लिम्फोमा जैसे ब्लड कैंसर में शुरुआती लक्षण अक्सर दर्द रहित, सख्त और धीरे-धीरे बढ़ने वाली गांठ के रूप में सामने आता है, खासकर जब इसके साथ लगातार थकान, बुखार, रात में पसीना और वजन घटना जैसे लक्षण महसूस हो रहे हों।
भारत में TB के मामलों की संख्या दुनिया में सबसे अधिक है, और फेफड़ों के बाहर होने वाले TB (extrapulmonary TB) में गर्दन के लिम्फ नोड्स का प्रभावित होना सबसे आम रूप है। TB से जुड़े गांठ आमतौर पर दर्द रहित होती है, धीरे-धीरे हफ्तों या महीनों में बढ़ती है, और अक्सर एक तरफ गर्दन में कई गांठ आपस में जुड़कर एक बड़ी गांठ का रूप ले लेती हैं। इसके साथ हल्का बुखार, वजन कम होना और भूख न लगना जैसे लक्षण भी हो सकते हैं। राहत की बात यह है कि TB से जुड़ी यह सूजन पूरी तरह ठीक हो सकती है, बशर्ते सही समय पर एंटी-ट्यूबरकुलर थेरेपी (ATT) शुरू की जाए।
अगर लिम्फ नोड्स में सूजन किसी सामान्य इंफेक्शन (जैसे सर्दी-जुकाम या गले की खराश) की वजह से है, तो कुछ आसान घरेलू उपाय आपको तुरंत राहत दे सकते हैं:
मेडिकल इलाज (Medical Treatment): यदि घरेलू उपायों से आराम नहीं मिलता और सूजन का कारण कोई बैक्टीरियल इंफेक्शन है, तो डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाएं प्रिसक्राइब करते हैं। वहीं, यदि जांच में टीबी (TB) जैसी स्थिति सामने आती है, तो लंबी अवधि का एंटी-ट्यूबरकुलर इलाज (ATT) जरूरी होता है। इसके अलावा, यदि सूजन के पीछे कोई अन्य गंभीर कारण है, तो डॉक्टर स्थिति के अनुसार दवाओं या विशेष थेरेपी से उसका इलाज तय करते हैं।
जांच के दौरान डॉक्टर पहले पेशेंट की मेडिकल हिस्ट्री को जानते हैं, साथ ही मरीज का पूरी मेडिकल हिस्ट्री लेते हैं। जरूरत के अनुसार आगे ये टेस्ट किए जा सकते हैं –
ज्यादातर मामलों में शुरुआती जांच से ही सही कारण सामने आ जाता है, और बायोप्सी की जरूरत बहुत कम मामलों में पड़ती है।
गर्दन, बगल या शरीर के किसी हिस्से में महसूस होने वाली गांठ घबराने की नहीं बल्कि ध्यान देने की बात है। ज्यादातर मामलों में यह सूजन आपके शरीर की सुरक्षा प्रणाली के सक्रिय होने का संकेत है और अपने आप ठीक हो जाती है। लेकिन जब सूजन लंबे समय तक बनी रहे, आकार में बढ़े, दर्द रहित हो या साथ में बुखार, वजन घटना जैसे लक्षण हों, तो सही समय पर जांच करवाना ही समझदारी है। अगर आपको या आपके परिवार में किसी को ऐसी कोई गांठ महसूस हो रही है, तो देर न करें, हमारे अनुभवी विशेषज्ञों से आज ही अपॉइंटमेंट बुक करें और सही डायग्नोसिस के साथ मन की उलझन खत्म करें।
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