
क्या आपको भी ऐसा महसूस होता है कि आपके गले में कुछ अटका हुआ है? आप उसे बार-बार साफ करने की कोशिश करते हैं, ‘खखारते’ हैं, लेकिन वह टस से मस नहीं होता? गले की यह चिपचिपाहट, बार-बार थूकने की जरूरत और रात की बेचैनी न केवल आपकी नींद छीन लेती है, बल्कि आपके आत्मविश्वास को भी प्रभावित करती है।
अक्सर लोग गले में बलगम (Mucus in throat) की समस्या को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आपके शरीर द्वारा दिया जा रहा एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है? यदि आप लगातार बलगम आने से परेशान हैं, तो यह समय अपनी सेहत को गंभीरता से लेने का है। इस स्थिति में डॉक्टरी सलाह आपकी मदद कर सकती है। तुरंत परामर्श लें।
बलगम, जिसे वैज्ञानिक भाषा में म्यूकस (Mucus) कहा जाता है, हमारे शरीर का एक सुरक्षा कवच है। यह एक चिपचिपा तरल पदार्थ है, जो नाक, गले और फेफड़ों की परतों से बना होता है। इसका मुख्य कार्य श्वसन तंत्र को नम रखना और धूल, बैक्टीरिया, वायरस या अन्य हानिकारक कणों को शरीर के अंदर जाने से रोकना है।
अक्सर लोग बलगम और कफ में अंतर को लेकर भ्रमित रहते हैं। सामान्य तौर पर, म्यूकस वह तरल है, जो नाक और गले में हर समय मौजूद रहता है, जबकि ‘कफ’ (Phlegm) वह गाढ़ा बलगम है, जो फेफड़ों या निचली श्वसन नली में संक्रमण के दौरान बनता है और खांसी के जरिए बाहर निकलता है। जब आपका शरीर किसी बाहरी हमले (जैसे कि एलर्जी या वायरस) के खिलाफ प्रतिक्रिया देता है, तो यह सुरक्षा के लिए बलगम का उत्पादन बढ़ा देता है, जिसे अंग्रेजी में “Excessive mucus” कहते हैं।
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जब शरीर में बलगम की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है, तो शरीर कई तरह के संकेत (Excess mucus symptoms) देने लगता है। इन लक्षणों को पहचानना उपचार की दिशा में पहला कदम है –
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गले में बलगम बनना कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक लक्षण है। इसके पीछे कई शारीरिक और पर्यावरणीय कारण हो सकते हैं जैसे कि –
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क्या आप जानते हैं? एक रिसर्च के अनुसार, लगभग 20% से अधिक वयस्क आबादी क्रोनिक साइनस या एलर्जी के कारण होने वाले ‘पोस्ट-नेजल ड्रिप’ से प्रभावित रहती है।
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यदि समस्या की शुरुआत है, तो कुछ प्रभावी जीवन शैली बदलाव और घरेलू उपाय आपके लिए चमत्कारी परिणाम ला सकते हैं जैसे कि –
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जब घरेलू नुस्खे काम न आएं, तो तुरंत डॉक्टरी सहायता लें, क्योंकि यह आपकी सेहत के लिए अनिवार्य है। गले में बलगम का इलाज इसके मूल कारण पर निर्भर करता है जैसे कि –
लगातार बलगम आना शरीर में किसी पुरानी सूजन (Chronic Inflammation) का संकेत हो सकता है, जिसके लिए स्टेरॉयड नेजल स्प्रे या विशेष चिकित्सा थेरेपी की आवश्यकता पड़ सकती है। इसलिए यदि आपको यह समस्याएं महसूस हो रही हैं, तो बिना देर किए सीके बिरला अस्पताल के अनुभवी विशेषज्ञ से मिलें और इलाज लें।
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गले में अत्यधिक बलगम (Excess mucus in throat symptoms) केवल एक छोटी सी परेशानी नहीं है, बल्कि यह आपके सम्पूर्ण स्वास्थ्य का आईना है। सही समय पर गले में म्यूकस के कारणों को समझना और उचित कदम उठाना आपको एक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने में मदद कर सकता है। चाहे वह जीवनशैली में बदलाव हो या डॉक्टर की सलाह, अपनी सेहत के प्रति सजग रहना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। याद रखें, एक साफ गला और फेफड़े ही आपको खुलकर सांस लेने की आजादी देते हैं।
गले में अत्यधिक बलगम होने का कारण क्या है?
गले में अत्यधिक बलगम बनने के पीछे मुख्य कारण श्वसन तंत्र का संक्रमण (सर्दी-जुकाम), साइनस, एलर्जी, धूम्रपान या एसिड रिफ्लक्स (GERD) हो सकते हैं।
छाती से बलगम निकलने का घरेलू उपाय?
छाती के बलगम को निकालने के लिए भाप लेना (Steam inhalation), गर्म तरल पदार्थ (जैसे सूप या हर्बल चाय) पीना और शहद व काली मिर्च का सेवन करना बहुत प्रभावी होता है।
क्या एलर्जी बलगम को बढ़ाती है?
हां, जब आप किसी एलर्जेन (जैसे धूल या पराग) के संपर्क में आते हैं, तो आपका इम्यून सिस्टम सुरक्षा के रूप में अतिरिक्त बलगम का उत्पादन करता है, ताकि वह कण फेफड़ों तक न पहुंच सकें।
डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
यदि घरेलू नुस्खों से 2-3 हफ्तों में आराम न मिले, तो विशेषज्ञ से मिलना अनिवार्य है। इसके साथ तेज बुखार और छाती में दर्द महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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