Trust img

Home >Blogs >गले में अत्यधिक बलगम क्यों बनता है और इसका स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?
CK Birla Hospital

गले में अत्यधिक बलगम क्यों बनता है और इसका स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है?

ENT | by Dr. (Major) Vipin Kakar on Mar 23, 2026

Share :

Quick Highlights:

  • जानें म्यूकस (बलगम) का वैज्ञानिक आधार और यह क्यों हमारे शरीर का एक जरूरी सुरक्षा कवच है।
  • गला साफ करना, आवाज का भारी होना या निगलने में तकलीफ; उन लक्षणों को पहचानें जिन्हें हम अक्सर ‘मामूली’ समझकर टाल देते हैं।
  • क्या यह सिर्फ सर्दी है या एसिड रिफ्लक्स (GERD) और एलर्जी? बलगम बढ़ने के पीछे छिपे 5 प्रमुख कारणों का विश्लेषण।
  • अदरक-शहद जैसे असरदार घरेलू नुस्खों से लेकर मेडिकल ट्रीटमेंट (Expectorants) तक की पूरी जानकारी।
  • कब है डॉक्टर की जरूरत? – उन ‘रेड फ्लैग्स’ और गंभीर संकेतों के बारे में जानें जब घरेलू उपाय काफी नहीं होते और एक्सपर्ट की सलाह जरूरी हो जाती है।

क्या आपको भी ऐसा महसूस होता है कि आपके गले में कुछ अटका हुआ है? आप उसे बार-बार साफ करने की कोशिश करते हैं, ‘खखारते’ हैं, लेकिन वह टस से मस नहीं होता? गले की यह चिपचिपाहट, बार-बार थूकने की जरूरत और रात की बेचैनी न केवल आपकी नींद छीन लेती है, बल्कि आपके आत्मविश्वास को भी प्रभावित करती है।

अक्सर लोग गले में बलगम (Mucus in throat) की समस्या को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह आपके शरीर द्वारा दिया जा रहा एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है? यदि आप लगातार बलगम आने से परेशान हैं, तो यह समय अपनी सेहत को गंभीरता से लेने का है। इस स्थिति में डॉक्टरी सलाह आपकी मदद कर सकती है। तुरंत परामर्श लें।

बलगम (Mucus) क्या है: दुश्मन या दोस्त?

बलगम, जिसे वैज्ञानिक भाषा में म्यूकस (Mucus) कहा जाता है, हमारे शरीर का एक सुरक्षा कवच है। यह एक चिपचिपा तरल पदार्थ है, जो नाक, गले और फेफड़ों की परतों से बना होता है। इसका मुख्य कार्य श्वसन तंत्र को नम रखना और धूल, बैक्टीरिया, वायरस या अन्य हानिकारक कणों को शरीर के अंदर जाने से रोकना है।

अक्सर लोग बलगम और कफ में अंतर को लेकर भ्रमित रहते हैं। सामान्य तौर पर, म्यूकस वह तरल है, जो नाक और गले में हर समय मौजूद रहता है, जबकि ‘कफ’ (Phlegm) वह गाढ़ा बलगम है, जो फेफड़ों या निचली श्वसन नली में संक्रमण के दौरान बनता है और खांसी के जरिए बाहर निकलता है। जब आपका शरीर किसी बाहरी हमले (जैसे कि एलर्जी या वायरस) के खिलाफ प्रतिक्रिया देता है, तो यह सुरक्षा के लिए बलगम का उत्पादन बढ़ा देता है, जिसे अंग्रेजी में “Excessive mucus” कहते हैं।

ये भी पढ़े: गले में खराश का कारण, लक्षण और घरेलू उपचार (Sore Throat In Hindi)

गले में बलगम के लक्षण – Symptoms of Excess Mucus in Throat

जब शरीर में बलगम की मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है, तो शरीर कई तरह के संकेत (Excess mucus symptoms) देने लगता है। इन लक्षणों को पहचानना उपचार की दिशा में पहला कदम है –

  • गले को बार-बार साफ करना: ऐसा महसूस होना कि गले में कुछ फंसा है और उसे हटाने के लिए बार-बार “खखारना,” आपको परेशान कर सकता है।
  • निगलने में कठिनाई: अत्यधिक बलगम के कारण खाना या थूक निगलने में अजीब सी रुकावट महसूस होना।
  • खांसी में बलगम आना: विशेष रूप से सुबह के समय गाढ़ा और चिपचिपा कफ निकलना।
  • आवाज में भारीपन: बलगम का जमाव स्वर तंत्र (Vocal cords) को प्रभावित करता है, जिससे आवाज बैठ सकती है।
  • मुंह से दुर्गंध: लंबे समय तक जमा बलगम में बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जो सांसों में बदबू का कारण बनता है।
  • नाक बहना या पोस्ट-नेजल ड्रिप: जब नाक का बलगम गले के पीछे गिरने लगता है, तो यह भी एक गंभीर लक्षण है।

ये भी पढ़े: जानिए फेफड़ों में पानी भरने के मुख्य कारण और इलाज

गले में अत्यधिक बलगम बनने के मुख्य कारण – Reason for Excessive Mucus in Throat

गले में बलगम बनना कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक लक्षण है। इसके पीछे कई शारीरिक और पर्यावरणीय कारण हो सकते हैं जैसे कि –

  • संक्रमण (Infections): सामान्य सर्दी-जुकाम, फ्लू या साइनस का संक्रमण सबसे आम गले में खराश और बलगम के कारण हैं। जब वायरस शरीर पर हमला करते हैं, तो म्यूकस ग्लैंड उन्हें बाहर निकालने के लिए सक्रिय हो जाते हैं।
  • एलर्जी (Allergies): धूल-मिट्टी, पराग-कण (Pollen), या पालतू जानवरों के डैंड्रफ से एलर्जी होने पर शरीर भारी मात्रा में हिस्टामाइन रिलीज करता है, जिससे बलगम बढ़ जाता है।
  • धूम्रपान (Smoking): सिगरेट का धुआं फेफड़ों की नलियों में जलन पैदा करता है, जिससे बचाव के लिए शरीर अत्यधिक कफ बनाता है।
  • गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स रोग (GERD): जब पेट का एसिड वापस भोजन नली के माध्यम से गले तक पहुंचता है, तो गले की सुरक्षा परतें खुद को बचाने के लिए बलगम का निर्माण करती हैं।
  • पर्यावरण: बहुत अधिक शुष्क हवा या प्रदूषण के संपर्क में रहना भी छाती में बलगम बनने के कारण हो सकता है।

ये भी पढ़े: गले में इन्फेक्शन का कारण, लक्षण, बचाव और घरेलू उपचार

क्या आप जानते हैं? एक रिसर्च के अनुसार, लगभग 20% से अधिक वयस्क आबादी क्रोनिक साइनस या एलर्जी के कारण होने वाले ‘पोस्ट-नेजल ड्रिप’ से प्रभावित रहती है।

ये भी पढ़े: क्या रोज़ अंजीर खाना सेहत के लिए अच्छा है? जानिए इसके फायदे, नुकसान और खाने का सही समय

गले में बलगम के उपाय – Remedy for Excess Mucus in Throat

यदि समस्या की शुरुआत है, तो कुछ प्रभावी जीवन शैली बदलाव और घरेलू उपाय आपके लिए चमत्कारी परिणाम ला सकते हैं जैसे कि –

  • हाइड्रेशन (Hydration): दिन भर में पर्याप्त पानी पीते रहें। पानी बलगम को पतला करने में मदद करता है, जिससे वह आसानी से बाहर निकल जाता है।
  • नमक के पानी से गरारे: गर्म पानी में आधा चम्मच नमक मिलाकर गरारे करना गले की सूजन कम करने और बलगम को ढीला करने का सबसे पुराना और सफल तरीका है।
  • ह्यूमिडिफायर का उपयोग: यदि आपके कमरे की हवा शुष्क है, तो ह्यूमिडिफायर का उपयोग करें। नमी वाली हवा बलगम को सूखने से बचाती है।
  • शहद और अदरक: अदरक का रस और शहद मिलाकर चाटने से गले को तुरंत राहत मिलती है और संक्रमण कम होता है।
  • सिर ऊंचा करके सोएं: सोते समय एक अतिरिक्त तकिया लगाएं ताकि बलगम गले में जमा न हो।

ये भी पढ़े: अखरोट : फायदे, नुकसान और न्यूट्रिशनल वैल्यू और सेवन का सही तरीका

गले की बलगम का इलाज? – Medical Treatment for Throat Mucus

जब घरेलू नुस्खे काम न आएं, तो तुरंत डॉक्टरी सहायता लें, क्योंकि यह आपकी सेहत के लिए अनिवार्य है। गले में बलगम का इलाज इसके मूल कारण पर निर्भर करता है जैसे कि –

  • एक्सपेक्टोरेंट्स (Expectorants): ये दवाएं बलगम को पतला करती हैं, ताकि वह खांसी के जरिए आसानी से बाहर निकल सके।
  • डिकोन्जेस्टेंट्स (Decongestants): यदि कारण साइनस या नाक की जकड़न है, तो ये दवाएं सूजन कम करती हैं।
  • एंटी-एलर्जी (Antihistamines): यदि एलर्जी मुख्य कारण है, तो डॉक्टर एंटीहिस्टामाइन दवाएं लिख सकते हैं।
  • नेजल स्प्रे (Nasal Sprays): खारे पानी वाले (Saline) स्प्रे नाक के मार्ग को साफ रखने में सहायक होते हैं।

लगातार बलगम आना शरीर में किसी पुरानी सूजन (Chronic Inflammation) का संकेत हो सकता है, जिसके लिए स्टेरॉयड नेजल स्प्रे या विशेष चिकित्सा थेरेपी की आवश्यकता पड़ सकती है। इसलिए यदि आपको यह समस्याएं महसूस हो रही हैं, तो बिना देर किए सीके बिरला अस्पताल के अनुभवी विशेषज्ञ से मिलें और इलाज लें।

ये भी पढ़े: तुलसी के फायदे और नुकसान

निष्कर्ष

गले में अत्यधिक बलगम (Excess mucus in throat symptoms) केवल एक छोटी सी परेशानी नहीं है, बल्कि यह आपके सम्पूर्ण स्वास्थ्य का आईना है। सही समय पर गले में म्यूकस के कारणों को समझना और उचित कदम उठाना आपको एक स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने में मदद कर सकता है। चाहे वह जीवनशैली में बदलाव हो या डॉक्टर की सलाह, अपनी सेहत के प्रति सजग रहना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। याद रखें, एक साफ गला और फेफड़े ही आपको खुलकर सांस लेने की आजादी देते हैं।

अधिकतर पूछे जाने वाले प्रश्न – FAQs

गले में अत्यधिक बलगम होने का कारण क्या है?

गले में अत्यधिक बलगम बनने के पीछे मुख्य कारण श्वसन तंत्र का संक्रमण (सर्दी-जुकाम), साइनस, एलर्जी, धूम्रपान या एसिड रिफ्लक्स (GERD) हो सकते हैं।

छाती से बलगम निकलने का घरेलू उपाय?

छाती के बलगम को निकालने के लिए भाप लेना (Steam inhalation), गर्म तरल पदार्थ (जैसे सूप या हर्बल चाय) पीना और शहद व काली मिर्च का सेवन करना बहुत प्रभावी होता है।

क्या एलर्जी बलगम को बढ़ाती है?

हां, जब आप किसी एलर्जेन (जैसे धूल या पराग) के संपर्क में आते हैं, तो आपका इम्यून सिस्टम सुरक्षा के रूप में अतिरिक्त बलगम का उत्पादन करता है, ताकि वह कण फेफड़ों तक न पहुंच सकें।

डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

यदि घरेलू नुस्खों से 2-3 हफ्तों में आराम न मिले, तो विशेषज्ञ से मिलना अनिवार्य है। इसके साथ तेज बुखार और छाती में दर्द महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

Share :

Written and Verified by: