- आँखों से पानी आना (एपिफोरा) तब होता है जब आँसू बनना बढ़ जाता है या आँसू निकलना कम हो जाता है।
- आम कारणों में एलर्जी, इन्फेक्शन, आँखों की नली का बंद होना, मौसम में बदलाव और आँखों पर डिजिटल स्ट्रेन शामिल हैं।
- लक्षणों में जलन, लालिमा, धुंधला दिखना और लगातार आँसू आना शामिल हो सकते हैं।
- इलाज असली कारण पर निर्भर करता है और इसमें दवा, गर्म सिकाई या लाइफस्टाइल में आसान बदलाव शामिल हो सकते हैं।
- ठंडी सिकाई, गुलाब जल और आँखों की सही साफ़-सफ़ाई जैसे घरेलू नुस्खे नैचुरली आँसू आने को कम करने में मदद कर सकते हैं।
आँखों से पानी आना, जिसे मेडिकल भाषा में एपिफोरा (Epiphora) कहते हैं, आँखों की एक बहुत ही आम समस्या है जो हर उम्र के लोगों को होती है। कभी-कभी आँखों से पानी आना नॉर्मल है और इससे आँखों में चिकनाई बनी रहती है, लेकिन बहुत ज़्यादा पानी आना असहज हो सकता है और रोज़ाना के कामों में रुकावट डाल सकता है। बहुत से लोग सोचते हैं, “आँखों से पानी आना कौन सी बीमारी है?” या “मेरी आँखों से लगातार पानी क्यों आ रहा है?” इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि आँखों से पानी क्यों आता है, इसके कारण, लक्षण, इलाज और असरदार घरेलू नुस्खे क्या हैं।
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आँखों से पानी आने की समस्या क्या है?
आँखों से पानी आना, या एपिफोरा, तब होता है जब आँख का टियर सिस्टम इम्बैलेंस हो जाता है। आपकी आँखें नमी बनाए रखने के लिए लगातार आँसू बनाती रहती हैं। ये आँसू आमतौर पर आपकी आँखों के अंदरूनी कोने में मौजूद छोटी डक्ट्स से निकलते हैं।
जब यह सिस्टम ठीक से काम नहीं करता है, तो आँसू ओवरफ्लो हो सकते हैं, जिससे लगातार पानी आता रहता है। यह एक या दोनों आँखों में हो सकता है।
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आँखों से पानी आने के क्या कारण हैं?
आपकी आँखों से बहुत ज़्यादा पानी आने के कई कारण हो सकते हैं। सबसे आम कारण ये हैं:
- एलर्जी (allergies): मौसमी एलर्जी, पॉलन, धूल, पालतू जानवरों की रूसी, या फफूंदी आँखों में जलन पैदा कर सकती है, जिससे ज़्यादा आँसू बनते हैं।
- सूखी आँखें (dry eyes): यह सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन सूखी आँखों से पानी आ सकता है क्योंकि आँखें ज़्यादा आँसू बनाकर इसकी कमी पूरी करती हैं।
- आँखों का इन्फेक्शन (eye infection): कंजंक्टिवाइटिस (conjunctivitis), स्टाइज़ (styes), या ब्लेफेराइटिस (Blepharitis) जैसी कंडीशन में अक्सर जलन और बहुत ज़्यादा आँसू आते हैं।
- टियर डक्ट्स का ब्लॉक होना (blocked tear ducts): आँसू आने वाली नलियों का थोड़ा या पूरा ब्लॉक होना पानी निकलने से रोकता है और आँखों से पानी आने लगता है। यह खासकर बच्चों और बड़े लोगों में आम है।
- मौसम की स्थिति (weather conditions): ठंड, हवा, या बहुत ज़्यादा तेज़ धूप से रिफ्लेक्स टियरिंग हो सकती है।
- डिजिटल आई स्ट्रेन (digital Eye Strain): मोबाइल फ़ोन, कंप्यूटर या टैबलेट के ज़्यादा देर तक इस्तेमाल से पलकें झपकाना कम हो जाता है और आँखों में जलन होती है, जिससे पानी आता है।
- बाहरी पार्टिकल्स (external particles): धूल, धुआँ या केमिकल्स आँखों की सतह पर जलन पैदा कर सकते हैं।
- पलकों की समस्याएँ (eyelid problems): एंट्रोपियन (पलकों का अंदर की ओर मुड़ना) या एक्ट्रोपियन (बाहर की ओर मुड़ना) जैसी समस्याएँ आँसू के बहाव में रुकावट डालती हैं।
- आँखों की थकान (eye fatigue): नींद की कमी, लंबे समय तक गाड़ी चलाना, या ज़्यादा देर तक पढ़ना आँखों पर ज़ोर डाल सकता है।
आँखों से पानी आने के क्या लक्षण हैं?
ज़्यादा आँसू आने के अलावा, दूसरे लक्षण भी हो सकते हैं:
- आँखों में जलन या जलन
- लाल होना
- धुंधला दिखना
- खुजली
- रोशनी से सेंसिटिविटी
- जागने पर पलकें चिपचिपी होना
- आँखों के आस-पास सूजन
- आँख में कुछ फँसा हुआ महसूस होना
अगर आँखों से पानी लगातार आ रहा है और साथ में दर्द, मवाद या नज़र में बदलाव हो रहा है, तो डॉक्टर की मदद लेना ज़रूरी है।
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आँखों से पानी आने का इलाज कैसे करें?
आँखों से पानी आने का इलाज असल वजह पर निर्भर करता है। डॉक्टर आमतौर पर आपके लक्षणों, पलकों की बनावट, आँसू की नली और आँख की सतह की जाँच करके सही इलाज तय करते हैं।
- एलर्जी
- एंटीहिस्टामाइन (antihistamines) या एंटी-एलर्जी आई ड्रॉप्स (Anti-allergy eye drops) का इस्तेमाल किया जा सकता है।
- पॉलेन या धूल जैसी चीज़ों के संपर्क में आने से बचें।
- सूखी आँखें
- आर्टिफिशियल आँसू या लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप्स (Lubricating eye drops) इस्तेमाल करने की सलाह दी जा सकती है।
- सही हाइड्रेशन और स्क्रीन पर कम समय बिताने से मदद मिलती है।
- आँखों में इन्फेक्शन
- बैक्टीरियल इन्फेक्शन में एंटीबायोटिक ड्रॉप्स (antibiotic drops) की ज़रूरत पड़ सकती है।
- वायरल इन्फेक्शन आमतौर पर सपोर्टिव केयर से अपने आप ठीक हो जाते हैं।
- ब्लॉक्ड टियर डक्ट्स
- गर्म सिकाई से टियर डक्ट की हल्की रुकावटों को खोलने में मदद मिल सकती है।
- गंभीर मामलों में, टियर डक्ट को खोलने के लिए एक छोटा प्रोसीजर करना पड़ सकता है।
- पलकों की समस्याएँ
- अगर पलकें अजीब तरह से हों तो करेक्टिव सर्जरी (corrective surgery) की ज़रूरत पड़ सकती है।
- डिजिटल आई स्ट्रेन
- 20-20-20 रूल फॉलो करें: हर 20 मिनट में, 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी चीज़ को देखें।
- स्क्रीन की ब्राइटनेस एडजस्ट करें और पलकें झपकाने की फ्रीक्वेंसी बढ़ाएँ।
- बाहरी चीज़ें
- आँखों को साफ पानी या सलाइन सॉल्यूशन से धोएँ।
आँखों से पानी आने के घरेलू नुस्खे
अगर आप आँखों से पानी आने की समस्या को ठीक करने के नैचुरल तरीके ढूंढ रहे हैं, तो ये घरेलू नुस्खे बहुत असरदार हो सकते हैं:
- गर्म सिकाई
- ब्लॉक हुई ग्लैंड्स और आंसू की नलियों को खोलने में मदद करता है।
- एक साफ कपड़े को गर्म पानी में डुबोएं, उसे निचोड़ें और बंद आँखों पर 5-10 मिनट के लिए रखें।
- ठंडा सिकाई
- जलन, लालिमा और सूजन के लिए फायदेमंद।
- जल्दी आराम के लिए ठंडा कपड़ा या तौलिए में लपेटा हुआ आइस पैक लगाएं।
- गुलाब जल
- नेचुरल आई क्लींजर का काम करता है।
- आप स्टेराइल गुलाब जल को आईवॉश की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं या कॉटन पैड से लगा सकते हैं।
- खीरे के स्लाइस
- सूजन को शांत करने और जलन कम करने में मदद करता है।
- ठंडे खीरे के स्लाइस को आँखों पर 10-15 मिनट के लिए रखें।
- ग्रीन टी बैग्स
- ठंडे, इस्तेमाल किए हुए टी बैग्स सूजन और जलन कम करने में मदद कर सकते हैं।
- स्क्रीन का ज़्यादा इस्तेमाल न करें
- डिजिटल आई स्ट्रेन कम करने के लिए बीच-बीच में ब्रेक लें।
- आई हाइजीन बनाए रखें
- अपनी आँखों को साफ़ पानी से धीरे से धोएँ, खासकर बाहर जाने के बाद।
- ह्यूमिडिफिकेशन बढ़ाएँ
- घर के अंदर की सूखी हवा आँखों में जलन बढ़ा सकती है।
- ह्यूमिडिफायर (humidifier) का इस्तेमाल करने से नमी बनाए रखने में मदद मिलती है।
निष्कर्ष
आँखों से पानी आना तकलीफ़देह हो सकता है, लेकिन सही देखभाल से इसे अक्सर मैनेज किया जा सकता है। एलर्जी और इन्फेक्शन से लेकर डिजिटल आई स्ट्रेन या आँखों के बंद होने तक, आँखों से पानी आने के कई कारण हो सकते हैं। इन कारणों को समझना और आसान घरेलू नुस्खों के साथ सही इलाज अपनाना, आँखों से पानी आना काफी कम कर सकता है।
हालांकि, अगर लक्षण कुछ दिनों से ज़्यादा समय तक बने रहते हैं या दर्द, सूजन, डिस्चार्ज या नज़र में बदलाव के साथ होते हैं, तो समय पर जांच के लिए आई स्पेशलिस्ट से सलाह लेना सही रहता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्या मोबाइल फ़ोन या लैपटॉप के लगातार इस्तेमाल से आँखों में पानी आ सकता है?
हाँ। ज़्यादा देर तक स्क्रीन पर रहने से आपकी आँखों पर ज़ोर पड़ता है, पलकें कम झपकती हैं, और आँखों में सूखापन आ जाता है, जिससे आँखों से पानी आना और आँखों से पानी आना शुरू हो सकता है।
- अगर आपकी आँखों से पानी आता है तो कौन से टेस्ट या जाँच करवानी चाहिए?
- आँसू की नली में रुकावट का टेस्ट
- स्लिट-लैंप से जाँच
- आँख की सतह की जाँच
- एलर्जी का पता लगाना
- पलकों की हरकत का पता लगाना
- क्या एलर्जी या मौसम में बदलाव से आँखों से पानी आना नॉर्मल है?
हाँ। ठंडी हवा, धूप, धूल, या मौसमी एलर्जी से आमतौर पर आँखों से पानी आता है और ये आमतौर पर गंभीर नहीं होती हैं।
- क्या कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों की आँखों से ज़्यादा पानी आता है?
हाँ। लेंस की ठीक से सफाई न करना, सूखे लेंस, या गलत फिटिंग से आँखों में जलन हो सकती है और बहुत ज़्यादा आँसू आ सकते हैं।
- क्या बच्चों की आँखों से पानी आना किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है?
हमेशा नहीं, लेकिन लगातार आँसू आना आँसू की नली में रुकावट या इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है। अगर लक्षणों में सुधार न हो तो बच्चों का आई चेकअप करवाने की सलाह दी जाती है।
- क्या आई ड्रॉप्स का ज़्यादा इस्तेमाल इस समस्या को और खराब कर सकता है?
हाँ। आई ड्रॉप्स का ज़्यादा इस्तेमाल करने से जलन या लालिमा हो सकती है, जिससे ज़्यादा आँसू आ सकते हैं। सिर्फ़ सलाह के अनुसार ही इस्तेमाल करें।