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क्या गाड़ी में आपको भी चक्कर और उलटी आती है? जानिए इसका कारण और बचाव के तरीके

Internal Medicine | by Dr Amit Prakash Singh on Feb 6, 2026 | Last Updated : Feb 6, 2026

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इस ब्लॉग की मुख्य बातें

  • कार यात्रा के दौरान चक्कर, मतली और उल्टी क्यों होती है, इसे आसान भाषा में समझाया गया है
  • मोशन सिकनेस के मुख्य कारण क्या हैं, जैसे सेंसरी मिसमैच और अंदरूनी कान की संवेदनशीलता
  • यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए मोशन सिकनेस से बचाव के प्रैक्टिकल उपाय बताए गए हैं
  • यात्रा के दौरान उल्टी और चक्कर से बचने के लिए क्या करें और क्या न करें, यह साफ़-साफ़ बताया गया है
  • यह भी बताया गया है कि मोशन सिकनेस महिलाओं और बच्चों में ज़्यादा क्यों होती है
  • मोशन सिकनेस के इलाज, बैठने की सही स्थिति, खाने की आदतों और यात्रा के दौरान मोबाइल फ़ोन के इस्तेमाल से जुड़े आम सवालों के जवाब दिए गए हैं

क्या आपको कभी कार यात्रा शुरू करने के कुछ ही मिनटों में चक्कर, मतली या बेचैनी महसूस हुई है? कई लोगों के लिए, इन अप्रिय लक्षणों के कारण यात्रा हमेशा सुखद नहीं होती। चाहे वह छोटी ड्राइव हो या लंबी रोड ट्रिप, यात्रा के दौरान चक्कर आना और उल्टी होना अनुभव को तनावपूर्ण बना सकता है। इस स्थिति को आमतौर पर मोशन सिकनेस के नाम से जाना जाता है, और यह सभी उम्र के लोगों को प्रभावित करती है, जिसमें वयस्क और बच्चे दोनों शामिल हैं।

इस ब्लॉग में हम मोशन सिकनेस के बारे में बात करेंगे—यह क्या है, यह क्यों होता है, यात्रा के दौरान चक्कर और उल्टी के कारण क्या हैं, इससे बचाव के आसान उपाय क्या हैं, क्या करें-क्या न करें, क्या यह महिलाओं में ज़्यादा होता है, और इसके इलाज से जुड़े आम सवालों के संक्षिप्त जवाब।

मोशन सिकनेस क्या है? What is motion sickness?

मोशन सिकनेस एक ऐसी स्थिति है जो तब होती है जब आपके दिमाग को आपकी आँखों, अंदरूनी कान और शरीर से विरोधाभासी संकेत मिलते हैं। कार में यात्रा करते समय, आपका अंदरूनी कान गति को महसूस करता है, लेकिन अगर आपकी आँखें किसी स्थिर चीज़ (जैसे फ़ोन या किताब) पर केंद्रित हैं, तो दिमाग भ्रमित हो जाता है। इस बेमेल के कारण चक्कर आना, मतली, ठंडा पसीना, सिरदर्द और उल्टी जैसे लक्षण होते हैं।

हालांकि मोशन सिकनेस कोई गंभीर मेडिकल स्थिति (Serious medical condition) नहीं है, लेकिन यह आराम को काफी प्रभावित कर सकती है, खासकर बार-बार यात्रा के दौरान। चक्कर और उल्टी के कारणों को समझना प्रभावी रोकथाम और इलाज की दिशा में पहला कदम है।

मोशन सिकनेस के मुख्य कारण क्या हैं? What are the main causes of motion sickness?

मोशन सिकनेस का मुख्य कारण सेंसरी कॉन्फ्लिक्ट है। हालांकि, कई कारक लक्षणों के जोखिम या गंभीरता को बढ़ा सकते हैं:

  • अंदरूनी कान की संवेदनशीलता: अंदरूनी कान संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कुछ लोगों का वेस्टिबुलर सिस्टम (Vestibular system) ज़्यादा संवेदनशील होता है, जिससे उन्हें कारों में मोशन सिकनेस होने की संभावना ज़्यादा होती है।
  • विज़ुअल मिसमैच: सड़क या क्षितिज पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय गाड़ी के अंदर देखने से विज़ुअल इनपुट और शरीर की हलचल के बीच भ्रम बढ़ जाता है।
  • खराब वेंटिलेशन: बंद हवा, तेज़ गंध, या ताज़ी हवा की कमी यात्रा के दौरान मतली और चक्कर को बढ़ा सकती है।
  • चिंता या तनाव: बीमार होने की चिंता वास्तव में लक्षणों को ट्रिगर या बढ़ा सकती है।
  • हार्मोनल कारक: हार्मोनल बदलाव, खासकर महिलाओं में, गति से होने वाली परेशानी के प्रति संवेदनशीलता बढ़ा सकते हैं।

ये यात्रा के दौरान चक्कर और उल्टी के कुछ सबसे आम कारण हैं।

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यात्रा के दौरान लोगों को उल्टी क्यों होती है? Why do people experience vomiting during travel?

यात्रा के दौरान उल्टी तंत्रिका तंत्र में भ्रम (Confusion in the nervous system) के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया है। जब मस्तिष्क आँखों और अंदरूनी कान से मिले-जुले संकेतों को समझने में संघर्ष करता है, तो यह मतली केंद्र को सक्रिय कर देता है। विकास के नज़रिए से, यह माना जाता था कि यह प्रतिक्रिया शरीर को ज़हर से बचाती है, क्योंकि मस्तिष्क इस भ्रम को एक ज़हरीली प्रतिक्रिया के रूप में समझता था।

जैसे-जैसे मतली बढ़ती है, लक्षण उल्टी या मतली तक पहुँच सकते हैं। यह समझना कि लोगों को कारों में मोशन सिकनेस क्यों होती है, सही मोशन सिकनेस उपचार और निवारक रणनीतियों को चुनने में मदद करता है।

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यात्रा के दौरान उल्टी रोकने के लिए क्या करें और क्या न करें? What to do and what not to do to prevent vomiting during travel?

अगर आपको उल्टी और चक्कर आते हैं, तो यह जानना कि क्या करना चाहिए, बहुत फ़र्क ला सकता है।

क्या करें?

  • आगे की सीट पर बैठें: आगे की पैसेंजर सीट विज़ुअल और मोशन सिग्नल के बीच बेहतर तालमेल बिठाती है।
  • क्षितिज को देखें: दूर किसी बिंदु पर ध्यान केंद्रित करने से सेंसरी टकराव कम होता है।
  • ताज़ी हवा बनाए रखें: खिड़कियाँ थोड़ी खोलें या अच्छे वेंटिलेशन का ध्यान रखें।
  • यात्रा से पहले हल्का खाना खाएं: हल्का नाश्ता पेट को स्थिर रखने में मदद कर सकता है।
  • हाइड्रेटेड रहें: पानी के छोटे-छोटे घूंट मतली को कम कर सकते हैं।
  • ब्रेक लें: समय-समय पर कार रोकने से आपका बैलेंस सिस्टम रीसेट होता है।

क्या न करें?

  • मोबाइल फ़ोन या पढ़ने से बचें: स्क्रीन टाइम मोशन सिकनेस को और खराब करता है।
  • बहुत ज़्यादा पेट भरकर यात्रा न करें: भारी भोजन से उल्टी का खतरा बढ़ जाता है।
  • तेज़ गंध से बचें: परफ्यूम या खाने की गंध से मतली हो सकती है।
  • सीधे न लेटें: इससे चक्कर बढ़ सकते हैं।

ये आसान मोशन सिकनेस के उपाय यात्रा के दौरान होने वाली परेशानी को काफी कम कर सकते हैं।

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क्या यह समस्या महिलाओं में ज़्यादा आम है? Is this problem more common in women?

हाँ, मोशन सिकनेस पुरुषों की तुलना में महिलाओं में ज़्यादा आम होती है। पीरियड्स, प्रेग्नेंसी या मेनोपॉज़ के दौरान हार्मोनल बदलाव मोशन के प्रति संवेदनशीलता बढ़ा सकते हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं को मतली के ज़्यादा तेज़ लक्षण भी महसूस हो सकते हैं।

2 से 12 साल की उम्र के बच्चे भी मोशन सिकनेस के ज़्यादा शिकार होते हैं, जबकि बड़े-बुज़ुर्गों को यह कम होता है। जेनेटिक्स भी एक भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि मोशन सिकनेस परिवारों में हो सकती है।

मोशन सिकनेस का इलाज और उपाय | Treatment and remedies for motion sickness

मोशन सिकनेस के असरदार इलाज में रोकथाम और लक्षणों को कंट्रोल करने पर ध्यान दिया जाता है। आम उपायों में शामिल हैं:

  • व्यवहारिक तरीके: सही बैठने की जगह, बैठने का तरीका और नज़र का फोकस।
  • खान-पान में बदलाव: अदरक, पुदीना, या सादा खाना मतली को कम करने में मदद कर सकता है।
  • एक्यूप्रेशर: कलाई पर दबाव डालने की तकनीकों से मतली कम होने का माना जाता है।
  • दवाएं: गंभीर मामलों में, डॉक्टर दवाएं लिख सकते हैं, लेकिन इन्हें मेडिकल सलाह के तहत ही लेना चाहिए।

सबसे अच्छा तरीका है सिर्फ़ दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय लाइफस्टाइल में बदलाव और बचाव के तरीकों का कॉम्बिनेशन अपनाना।

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निष्कर्ष

कार में चक्कर आना और मतली होना आम समस्याएं हैं जो बहुत से लोग अपनी ज़िंदगी में कभी न कभी महसूस करते हैं। मोशन सिकनेस दिमाग में देखने और बैलेंस के सिग्नलों के बीच तालमेल न होने के कारण होती है। हालांकि यह असहज होता है, लेकिन आमतौर पर इसे आसान सावधानियों, ट्रिगर्स के बारे में जागरूकता और मोशन सिकनेस के असरदार उपायों से मैनेज किया जा सकता है।

यह समझकर कि लोगों को कार में मोशन सिकनेस क्यों होती है और क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, आप अपने यात्रा के अनुभव को बहुत ज़्यादा आरामदायक बना सकते हैं। अगर लक्षण गंभीर या लगातार बने रहते हैं, तो मोशन सिकनेस के सही इलाज के लिए मेडिकल सलाह लेना हमेशा एक अच्छा विचार है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या बच्चों को कार में ज़्यादा उल्टी होती है?

हाँ, बच्चों को मोशन सिकनेस होने की संभावना ज़्यादा होती है, खासकर 2 से 12 साल की उम्र के बीच, क्योंकि उनका बैलेंस सिस्टम अभी भी विकसित हो रहा होता है।

क्या खाली पेट यात्रा करने से उल्टी जैसा महसूस होने की संभावना बढ़ जाती है?

हाँ, खाली पेट यात्रा करने से उल्टी बढ़ सकती है। यात्रा से पहले हल्का नाश्ता करने की सलाह दी जाती है।

मोशन सिकनेस से बचने के लिए कौन सी सीट सबसे अच्छी है?

मोशन सिकनेस को कम करने के लिए सामने वाली पैसेंजर सीट या बीच वाली सीट जहाँ से आप सड़क को साफ़ देख सकें, सबसे अच्छी होती है।

क्या मोबाइल फ़ोन देखने से मोशन सिकनेस और बढ़ जाती है?

हाँ, यात्रा के दौरान मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल करने या पढ़ने से मोशन सिकनेस के लक्षण काफ़ी बिगड़ जाते हैं।

क्या मोशन सिकनेस के लिए दवा लेना सुरक्षित है?

दवाएँ डॉक्टर के बताए अनुसार लेने पर सुरक्षित हो सकती हैं, लेकिन उन्हें केवल हेल्थकेयर प्रोफेशनल से सलाह लेने के बाद ही लेना चाहिए, खासकर बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए।

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