
छोटा पिंपल 3–5 दिन में और बड़ा पिंपल 1–2 हफ्ते में ठीक होता है। एक रात में पिंपल पूरी तरह नहीं हटता, लेकिन बर्फ की सिकाई और पतले किए हुए टी ट्री ऑयल से उसकी सूजन और लालिमा काफ़ी कम की जा सकती है। अगर 3–4 हफ्ते में सुधार न दिखे, तो सैलिसिलिक एसिड या बेंज़ोयल पेरोक्साइड जैसी दवा की ज़रूरत पड़ सकती है - यह त्वचा विशेषज्ञ से पूछकर ही शुरू करें।
चेहरे पर पिंपल्स होना एक आम समस्या है, जिसे लगभग हर व्यक्ति जीवन में कभी न कभी अनुभव करता है। पिंपल कैसे हटाएं यह सवाल खासकर किशोरों और युवाओं के लिए तनाव और झिझक की वजह बन जाता है। अच्छी बात यह है कि ज़्यादातर पिंपल्स सही देखभाल, कुछ आसान घरेलू उपायों और ज़रूरत पड़ने पर सही दवा से ठीक हो जाते हैं।
इस लेख में आपको मिलेगा — पिंपल्स होने के असली कारण, 6 सुरक्षित घरेलू उपाय, एक रात में सूजन कम करने का तरीका, कौन सी क्रीम और दवा असर करती है, दाग हटाने के विकल्प, और वे संकेत जिन पर त्वचा विशेषज्ञ से मिलना ज़रूरी हो जाता है।
पिंपल्स त्वचा पर उभरने वाले छोटे सफेद या लाल दाने हैं, जिन्हें हिंदी में मुहांसे के नाम भी जानते हैं। जब त्वचा के रोमछिद्र (pores) बंद होते हैं तो पिंपल्स बनते हैं। अधिकतर मामलों में पिंपल्स चेहरे पर होते हैं, लेकिन ये शरीर के अन्य हिस्से जैसे कि गर्दन, पीठ और कंधों पर भी हो सकते हैं।
पिंपल्स हर उम्र के लोगों को हो सकते हैं, लेकिन हार्मोनल बदलाव के कारण अधिकतर मामलों में ये किशोरावस्था (adolescence) में ज्यादा देखने को मिलते हैं।
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इन सबके अलावा, चेहरे पर पिंपल्स के अन्य कारण हो सकते हैं जैसे कि धूल या प्रदुषण के संपर्क में आना और चेहरे की साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखना आदि।
Watch Now: PCOS में पिंपल्स
| जगह | आम कारण |
|---|---|
| माथा | तेल वाले हेयर प्रोडक्ट, बाल चेहरे पर गिरना, पसीना, टोपी या हेलमेट |
| नाक | रोमछिद्र बड़े और तेल ग्रंथियां ज़्यादा सक्रिय; ब्लैकहेड्स यहीं सबसे ज़्यादा होते हैं |
| गाल | तकिए का कवर, मोबाइल स्क्रीन, मास्क और बिना साफ़ किए मेकअप ब्रश |
| ठोड़ी और जबड़े की लाइन | हार्मोनल – महिलाओं में पीरियड्स से पहले या PCOSमें आम |
| पीठ और कंधे | पसीना, टाइट कपड़े और तेल वाले बॉडी प्रोडक्ट |
अगर आप अपने चेहरे के पिम्पल्स से परेशान हैं और घर बैठे कुछ आसान घरेलू नुस्खों की मदद से इससे छुटकारा पाना चाहते हैं तो निम्न उपायों को आजमा सकते हैं:
एलोवेरा में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो पिंपल्स को ठीक करने में मदद करते हैं। ताजे एलोवेरा की पत्ती काटकर उसका जेल निकाल लें। इसे सीधे पिंपल्स पर लगाएँ और 20-30 मिनट बाद धो लें।
इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो बैक्टीरिया से लड़कर पिंपल्स को कम करने में मदद करते हैं। एक चम्मच पानी में 2-3 बूंद टी ट्री ऑयल मिलाएं और उसे कॉटन की मदद से पिंपल्स पर लगाएं।
नींबू में मौजूद सिट्रिक एसिड पिंपल्स को सुखाने और दाग-धब्बों को कम करने में मदद करता है। ताजे नींबू का रस निकालकर कॉटन से पिंपल्स पर लगाएं। 10 मिनट के बाद उसे हल्के गुनगुने पानी से धो लें। नींबू का रस लगाने के बाद धूप में न जाएं।
हल्दी में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो संक्रमण रोकते हैं और शहद त्वचा को मॉइश्चराइज़ करता है। एक चम्मच हल्दी और शहद मिलाकर पेस्ट बनाएं और उसे पिंपल्स पर लगाकर 15-20 मिनट बाद धो लें।
बर्फ पिंपल्स की सूजन और लालपन को कम करता है। एक साफ कपड़े में बर्फ का टुकड़ा लपेटें और उसे हल्के-हल्के पिंपल्स पर 5-10 मिनट तक रखें। उसके बाद हटा दें। यह पिंपल्स के कारण उत्पन्न जलन में मदद करता है।
ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो त्वचा को साफ और पिंपल्स को कम करने में मदद करते हैं। ग्रीन टी बनाकर ठंडा कर लें और फिर उसे कॉटन से पिंपल्स पर लगाएं या स्प्रे की तरह छिड़कें।
मुल्तानी मिट्टी एक्स्ट्रा तेल को सोखकर त्वचा को साफ करती है, जिससे पिंपल्स से छुटकारा पाने में मदद मिलती है। मुल्तानी मिट्टी में गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बनाएं और उसे अपने चेहरे पर लगाएं, सूखने के बाद उसे पानी से अच्छी तरह धो लें।
सीधा जवाब: नहीं। एक पिंपल पूरी तरह ठीक होने में आमतौर पर 5 से 7 दिन लगते हैं, और बड़ा या दर्द वाला पिंपल 1 से 2 हफ्ते ले सकता है। एक रात में उसे पूरी तरह मिटाया नहीं जा सकता।
लेकिन एक रात में सूजन और लालिमा काफ़ी कम ज़रूर की जा सकती है, जिससे पिंपल आधा दिखना बंद हो जाता है। अगर कल कोई ज़रूरी मौका है, तो यह करें:
जो बिल्कुल न करें: पिंपल फोड़ना, टूथपेस्ट लगाना, या सुई/नाखून से छेड़ना। इनसे सूजन बढ़ती है, संक्रमण फैलता है और सबसे ज़रूरी — इन्हीं से स्थायी गड्ढेनुमा दाग बनते हैं।
| समय | क्या हो सकता है | क्या नहीं हो सकता |
|---|---|---|
| एक रात | सूजन और लालिमा में कमी, पिंपल छोटा दिखना | पिंपल का पूरी तरह गायब होना |
| 3–5 दिन | छोटा पिंपल दब जाता है | गहरे दाग हल्के होना |
| 1–2 हफ्ते | बड़ा या दर्द वाला पिंपल ठीक हो जाता है | नए पिंपल आना बंद होना |
| 4–8 हफ्ते | सही इलाज से नए पिंपल आना कम होते हैं; हल्के दाग फीके पड़ने लगते हैं | गहरे गड्ढेनुमा दाग भरना |
| 3–6 महीने | गहरे दाग पर इलाज का असर दिखना शुरू होता है | – |
जब घरेलू उपायों से 3–4 हफ्ते में फ़र्क न दिखे, तो अगला कदम प्रमाणित दवाइयां हैं। नीचे वे विकल्प हैं जो त्वचा विशेषज्ञ आमतौर पर सुझाते हैं — इनमें से कोई भी बिना डॉक्टर की सलाह के शुरू न करें।
| दवा | किस तरह के पिंपल के लिए | कैसे काम करती है | कितने समय में असर |
|---|---|---|---|
| सैलिसिलिक एसिड (फेसवॉश/जेल) | ब्लैकहेड्स, व्हाइटहेड्स, हल्के पिंपल | बंद रोमछिद्रों को खोलती है और अतिरिक्त तेल हटाती है | 3–4 हफ्ते |
| बेंज़ोयल पेरोक्साइड 2.5% | लाल, सूजन वाले पिंपल | पिंपल पैदा करने वाले बैक्टीरिया को कम करती है | 4–6 हफ्ते |
| टॉपिकल रेटिनोइड (एडापलीन) | बार-बार आने वाले पिंपल, बंद रोमछिद्र | त्वचा की कोशिकाओं का चक्र तेज़ करती है | 8–12 हफ्ते |
| टॉपिकल एंटीबायोटिक | संक्रमण वाले पिंपल | बैक्टीरिया पर सीधा असर — हमेशा किसी और दवा के साथ दी जाती है | 4–6 हफ्ते |
| ओरल दवाइयां | गंभीर, गांठदार या सिस्टिक मुँहासे | शरीर के अंदर से सूजन और बैक्टीरिया पर असर | 3–6 महीने |
| केमिकल पील / लेजर | पुराने दाग और गड्ढे | त्वचा की ऊपरी परत को नया बनाती है | 4–6 सिटिंग |
ज़रूरी सावधानी: बेंज़ोयल पेरोक्साइड और रेटिनोइड शुरू में त्वचा को रूखा या लाल कर सकते हैं — इन्हें रात में, कम मात्रा में और डॉक्टर के बताए तरीके से ही शुरू करें। रेटिनोइड गर्भावस्था में नहीं लिए जाते। इंटरनेट या मेडिकल स्टोर से मिलने वाली किसी भी ‘पिंपल हटाने वाली’ क्रीम को खुद से न लगाएं — कई में बिना बताए स्टेरॉयड मिला होता है, जिससे शुरू में आराम दिखता है और बाद में समस्या कहीं ज़्यादा बढ़ जाती है।
पहले यह समझना ज़रूरी है कि दाग दो तरह के होते हैं, और दोनों का इलाज अलग है:
| प्रकार | कैसा दिखता है | क्या हो सकता है | कितना समय |
|---|---|---|---|
| काले/भूरे धब्बे (PIH) | त्वचा के तल पर ही, सिर्फ़ रंग गहरा | अपने आप फीके पड़ते हैं; सनस्क्रीन और विटामिन C से तेज़ी | 3–6 महीने |
| लाल निशान (PIE) | लाल या गुलाबी, कोई उभार नहीं | समय के साथ हल्के; डॉक्टर की सलाह से इलाज | 2–4 महीने |
| गड्ढेनुमा दाग (एट्रोफिक) | त्वचा में छोटे गड्ढे | घरेलू उपायों से नहीं जाते; पील, माइक्रोनीडलिंग या लेजर चाहिए | 4–6 सिटिंग |
| उभरे दाग (हाइपरट्रॉफिक) | त्वचा से ऊपर उठे हुए | इंजेक्शन या अन्य प्रक्रिया | डॉक्टर तय करेंगे |
दाग रोकने के सबसे असरदार तरीके सिर्फ़ दो हैं — पिंपल को कभी न फोड़ना, और रोज़ सनस्क्रीन लगाना। धूप काले धब्बों को गहरा करती है, इसलिए बिना सनस्क्रीन के कोई भी दाग-हटाने वाला उपाय पूरा असर नहीं दिखाता।
घरेलू उपाय हल्के पिंपल्स के लिए ठीक हैं। इनमें से कोई भी स्थिति हो तो घरेलू उपायों पर और समय न लगाएं:
गड्ढेनुमा दाग बनने से पहले इलाज शुरू करना सबसे ज़रूरी है, क्योंकि दाग बन जाने के बाद उन्हें हटाना कहीं ज़्यादा मुश्किल और लंबा होता है। हमारे डर्मेटोलॉजी विभागमें त्वचा विशेषज्ञ से अपॉइंटमेंट बुक करें
ये घरेलू उपाय नियमित रूप से अपनाने पर आपको पिंपल्स की समस्या में राहत मिल सकती है। अगर समस्या ज्यादा हो तो स्किन डॉक्टर से सलाह लें।
साथ ही, अगर आपको स्किन से संबंधित कोई बीमारी या एलर्जी है तो इन घरेलू उपायों का इस्तेमाल करने से पहले एक बार स्किन डॉक्टर से अवश्य परामर्श करें। वे आपकी त्वचा की सेहत को ध्यान में रखते हुए बेहतर उपाय का सुझाव देंगे।
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