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जानें बार बार खुजली होने के कारण और उपाय

Dermatology | by Dr. Ruben Bhasin Passi on Mar 12, 2026 | Last Updated : Mar 13, 2026

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  • खुजली सूखेपन, एलर्जी, इन्फेक्शन या अंदरूनी हेल्थ प्रॉब्लम की वजह से होती है।
  • कान, पैर और प्राइवेट पार्ट आम जगहों में शामिल हैं — हर एक के लिए अलग इलाज की ज़रूरत होती है।
  • हल्के, बिना खुशबू वाले साबुन और नीम और एलोवेरा जैसे नेचुरल इंग्रीडिएंट्स स्किन को आराम देने में मदद करते हैं।
  • नारियल तेल, ओटमील और कोल्ड कंप्रेस जैसे नेचुरल इलाज सुरक्षित आराम देते हैं।
  • घर का बना एंटी-इच पाउडर पसीने और बैक्टीरिया को असरदार तरीके से कंट्रोल करने में मदद करता है।
  • विटामिन और प्रोबायोटिक्स (Probiotics) से भरपूर स्किन-फ्रेंडली डाइट बार-बार होने वाली खुजली को रोकती है।

खुजली सबसे आम और असहज एहसास में से एक है जो लगभग हर किसी को कभी न कभी होता है। यह शरीर पर कहीं भी हो सकती है — स्किन, स्कैल्प, कान, या प्राइवेट पार्ट्स (private parts) पर भी। कभी-कभी होने वाली खुजली नुकसानदायक नहीं हो सकती, लेकिन बार-बार या लगातार होने वाली खुजली किसी अंदरूनी हेल्थ प्रॉब्लम का संकेत हो सकती है जिस पर ध्यान देने की ज़रूरत है। खुजली के कारणों को समझने और खुजली के लिए सही इलाज ढूंढने से आपको लंबे समय तक आराम पाने और हेल्दी स्किन बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

खुजली क्यों होती है? Why does itching occur?

खुजली तब होती है जब स्किन में नर्व एंडिंग में सूखापन, एलर्जी (allergies), इन्फेक्शन (infection), या अंदरूनी हेल्थ प्रॉब्लम (internal health problems) जैसे अलग-अलग ट्रिगर से जलन होती है। आम कारणों में शामिल हैं:

  • फंगल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन: खासकर प्राइवेट पार्ट्स या पैरों में आम है।
  • अंदरूनी बीमारियाँ: लिवर की बीमारियाँ, डायबिटीज़, किडनी की बीमारी, या थायरॉइड का असंतुलन पुरानी खुजली का कारण बन सकता है।
  • ड्राई स्किन: नमी की कमी से स्किन पपड़ीदार और खुजलीदार हो जाती है।
  • एलर्जिक रिएक्शन: डिटर्जेंट, कॉस्मेटिक्स, या कपड़ों के संपर्क में आने से खुजली हो सकती है।
  • कीड़े के काटने: मच्छर या पिस्सू के काटने से अक्सर लोकल खुजली होती है।
  • इमोशनल स्ट्रेस (emotional stress): ​​एंग्जायटी और स्ट्रेस कभी-कभी खुजलाने की इच्छा को बढ़ा देते हैं।

कई मामलों में, खुजली शरीर का जलन, इन्फेक्शन, या असंतुलन का सिग्नल देने का तरीका है जिसे ठीक करने की ज़रूरत है।

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खुजली किस बात का संकेत है? What does itching indicate?

बार-बार खुजली होना कई बीमारियों का लक्षण हो सकता है। जैसे:

  • प्राइवेट पार्ट्स में खुजली यीस्ट इन्फेक्शन, साफ़-सफ़ाई ठीक न होने या टाइट कपड़ों की वजह से हो सकती है।
  • वजाइना में खुजली (Vaginal itching) pH इम्बैलेंस, हार्मोनल बदलाव या फंगल इन्फेक्शन की वजह से हो सकती है।
  • कान में खुजली (कान की नली में जलन) वैक्स जमने, सूखेपन या फंगल इन्फेक्शन की वजह से हो सकती है।
  • पैरों में खुजली या पारंपरिक मान्यता के हिसाब से पैरों में खुजली का मतलब कभी-कभी एनर्जी फ़्लो या आने वाली यात्रा से होता है, लेकिन मेडिकली, यह अक्सर एथलीट फ़ूड जैसे फंगल इन्फेक्शन की ओर इशारा करता है।

अगर खुजली हफ़्तों तक बनी रहती है, तो यह पहचानना ज़रूरी है कि यह ऊपरी समस्या है या कोई गहरी हेल्थ प्रॉब्लम।

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खुजली कितने तरह की होती है? How many types of itching are there?

खुजली को उसकी जगह और कारण के आधार पर बांटा जा सकता है:

  • लोकल खुजली: यह स्कैल्प, पैर, या प्राइवेट पार्ट जैसे किसी खास हिस्से पर असर डालती है।
  • जनरल खुजली: यह पूरे शरीर में फैल जाती है, जो अक्सर एलर्जी या अंदरूनी बीमारियों की वजह से होती है।
  • एलर्जिक खुजली: यह धूल, साबुन, या परफ्यूम जैसे एलर्जन के संपर्क में आने से होती है।
  • इन्फेक्शन वाली खुजली: यह बैक्टीरिया, फंगस, या पैरासाइट की वजह से होती है।
  • साइकोजेनिक खुजली: यह मेंटल स्ट्रेस या इमोशनल गड़बड़ी से जुड़ी होती है।

खुजली के प्रकार को समझने से शरीर की खुजली के लिए सही इलाज या सेंसिटिव हिस्सों की सही देखभाल तय करने में मदद मिलती है।

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खुजली की दवा क्या है? What is the medicine for scabies?

हल्के मामलों में, ओवर-द-काउंटर खुजली की दवाएँ मदद कर सकती हैं। इनमें ये शामिल हो सकते हैं:

  • एंटीहिस्टामाइन (antihistamines): एलर्जी से होने वाली खुजली को कम करने में मदद करते हैं।
  • कैलामाइन लोशन या मेंथॉल-बेस्ड क्रीम (calamine lotion or menthol-based cream): कीड़े के काटने या सनबर्न में आराम देते हैं।
  • हाइड्रोकोर्टिसोन क्रीम (hydrocortisone cream): थोड़े समय के लिए सूजन और लालिमा कम करते हैं।
  • एंटीफंगल या एंटीबैक्टीरियल क्रीम (antifungal or antibacterial cream): वजाइनल या शरीर में खुजली पैदा करने वाले इन्फेक्शन के लिए उपयोगी।

अगर खुजली बहुत ज़्यादा है या किसी अंदरूनी समस्या के कारण है, तो कोई भी दवा इस्तेमाल करने से पहले डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लेना सबसे अच्छा है।

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सबसे अच्छा एंटी-इच साबुन कौन सा है? What is the best anti-itch soap?

स्किन के सूखेपन और जलन को रोकने के लिए सही साबुन चुनना ज़रूरी है। सबसे अच्छे एंटी-इच साबुन हल्के, बिना खुशबू वाले होते हैं, और उनमें एलोवेरा, ओटमील या नीम जैसे नेचुरल मॉइस्चराइज़र (Natural Moisturizer) होते हैं। ऐसे साबुन स्किन के नैचुरल ऑयल को बनाए रखते हैं और सूजन कम करते हैं।

हार्ड केमिकल, आर्टिफिशियल परफ्यूम (Artificial Perfume) या अल्कोहल वाले साबुन (soaps containing alcohol) से बचें, क्योंकि इनसे खुजली बढ़ सकती है या एलर्जी हो सकती है। पूरे शरीर पर इस्तेमाल करने से पहले हमेशा एक नए साबुन को थोड़ी सी जगह पर पैच-टेस्ट करें।

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खुजली को नैचुरली कैसे ठीक करें? How to cure itching naturally?

बार-बार होने वाली खुजली को मैनेज करने के लिए नैचुरल नुस्खे हल्के और असरदार होते हैं। खुजली के लिए कुछ आजमाए हुए घरेलू नुस्खे ये हैं:

  • एलोवेरा जेल: रूखी स्किन को मॉइस्चराइज़ करता है और जलन कम करता है।
  • कोल्ड कंप्रेस: ​​सूजन और खुजली वाली जगहों को शांत करने में मदद करता है।
  • नारियल का तेल: नैचुरल एंटी-फंगल और मॉइस्चराइज़र का काम करता है।
  • नीम के पत्तों से नहाना: इसमें एंटीबैक्टीरियल और आराम देने वाले गुण होते हैं।
  • ओटमील बाथ: एलर्जी और रूखी स्किन की खुजली से राहत देता है।
  • एप्पल साइडर विनेगर: ठीक से पतला करने पर स्कैल्प और कान की खुजली के लिए फायदेमंद है।

ये नैचुरल नुस्खे बिना किसी साइड इफ़ेक्ट के स्किन का बैलेंस ठीक करने में मदद करते हैं।

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घर पर एंटी-इच पाउडर कैसे बनाएं? How to Make Anti-Itch Powder at Home?

आप घर पर आसान चीज़ों का इस्तेमाल करके एक असरदार एंटी-इच पाउडर बना सकते हैं:

सामग्री:

  • 2 बड़े चम्मच मुल्तानी मिट्टी
  • 1 बड़ा चम्मच चंदन पाउडर
  • 1 बड़ा चम्मच नीम पाउडर
  • एक चुटकी कपूर पाउडर

तरीका:

सभी पाउडर को मिलाकर एक सूखे कंटेनर में रख दें। नहाने के बाद खुजली वाली जगहों पर हल्के हाथों से लगाएं। यह पाउडर पसीना सोखने, बैक्टीरियल ग्रोथ को कम करने और स्किन को नैचुरली आराम देने में मदद करता है।

यह DIY उपाय रोज़ाना इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है और गर्म, नमी वाले मौसम में जब खुजली ज़्यादा होती है, तो यह बहुत अच्छा है।

खुजली के लिए क्या खाना चाहिए? What to eat for itching?

स्किन की हेल्थ बनाए रखने में डाइट का बहुत बड़ा रोल होता है। सही खाना अंदरूनी सूजन को रोक सकता है जिससे खुजली होती है।

खाने की चीज़ें:

  • विटामिन E से भरपूर चीज़ें: बादाम, सूरजमुखी के बीज, पालक।
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड: मछली, अलसी के बीज, अखरोट — स्किन का रूखापन कम करते हैं।
  • हाइड्रेटिंग चीज़ें: खीरा, तरबूज, संतरे स्किन को नमीदार रखने के लिए।
  • प्रोबायोटिक चीज़ें: दही और छाछ फंगल इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं।

इन चीज़ों से बचें:

  • मसालेदार और ऑयली चीज़ें
  • प्रोसेस्ड चीनी और जंक फ़ूड
  • ज़्यादा कैफीन या शराब

एक बैलेंस्ड डाइट स्किन को अंदर से ठीक होने में मदद करती है और खुजली को दोबारा होने से रोकती है।

निष्कर्ष

बार-बार होने वाली खुजली सिर्फ़ ऊपरी समस्या नहीं हो सकती। यह एलर्जी, इन्फेक्शन या अंदरूनी असंतुलन का संकेत हो सकती है। सही साफ़-सफ़ाई, हल्के प्रोडक्ट और नेचुरल इलाज से, ज़्यादातर खुजली को घर पर ही असरदार तरीके से मैनेज किया जा सकता है। लेकिन, अगर खुजली बनी रहती है या फैलती है, तो गंभीर कारणों का पता लगाने के लिए हेल्थकेयर प्रोफेशनल से सलाह लेना ज़रूरी है।

खुजली क्यों होती है, यह समझकर, सही एंटी-इच साबुन और दवाइयों का इस्तेमाल करके, और खुजली के लिए नेचुरल इलाज अपनाकर, आप लंबे समय तक आराम पा सकते हैं और हेल्दी, जलन-मुक्त स्किन बनाए रख सकते हैं।

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