
पैर के तलवों में दर्द का सबसे आम कारण प्लांटर फैसिआइटिस है। तलवे की एक मजबूत बैंड में बार-बार खिंचाव से आई सूक्ष्म चोट, जिसमें दर्द सुबह पहला कदम रखते ही सबसे ज्यादा महसूस होता है। ज्यादातर मामलों में आराम, सही जूते, स्ट्रेचिंग और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से 6-8 हफ्तों में सुधार दिखने लगता है।
तलवों में दर्द का मतलब है पैरों के नीचे के हिस्से में दर्द या असहजता महसूस होना। यह दर्द हल्का से लेकर तेज या असहनीय हो सकता है। अक्सर चलने या खड़े होने पर यह दर्द बढ़ जाता है।
जब पैरों के तलवों पर एक्स्ट्रा प्रेशर पड़ता है तो यह दर्द होता है। लंबे समय तक खड़े रहना, ज्यादा चलना या गलत जूते पहनना इसके कारण हो सकते हैं। कभी-कभी शारीरिक गतिविधियों के कारण भी दर्द हो सकता है।
अनेक ऐसे कारण जिससे आपको तलवों में दर्द की शिकायत हो सकती है। सामान्य कारणों में शामिल हैं:
इन सबके अलावा, मांसपेशियों की थकावट या लंबी यात्रा या शारीरिक गतिविधियों से मांसपेशियों में खिंचाव हो सकता है जिससे दर्द होता है।
दर्द किस जगह हो रहा है, इससे भी कारण समझने में मदद मिलती है:
| दर्द की जगह | संभावित कारण |
| एड़ी में दर्द | प्लांटर फैसिआइटिस, हील स्पर, अकिलीज़ टेंडनाइटिस |
| तलवे के बीच में दर्द | प्लांटर फैसिआइटिस, मेटाटार्सलजिया, मांसपेशियों में खिंचाव |
| पूरे तलवे में दर्द/सूजन | फ्लैट फीट, आर्थराइटिस, डायबिटिक फुट |
| अंगूठे के पास दर्द | गाउट, बनियन |
इनमें से प्लांटर फैसिआइटिस (Plantar Fasciitis) तलवों/एड़ी में दर्द का सबसे सामान्य कारण है — इसके बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है।
प्लांटर फैसिआइटिस (Plantar Fasciitis) एड़ी और तलवे के दर्द का सबसे सामान्य कारण है, और तलवों में दर्द के ज्यादातर मामलों के पीछे यही स्थिति होती है। इसमें तलवे की एक मोटी, मजबूत बैंड — जिसे प्लांटर फैशिया कहते हैं — पर बार-बार खिंचाव पड़ने से उसमें सूक्ष्म चोट (Micro-tears) आ जाती है। दिलचस्प बात यह है कि नाम में ‘आइटिस’ (सूजन) होने के बावजूद, इसमें पारंपरिक सूजन वाली कोशिकाएं नहीं पाई जातीं यह एक धीरे-धीरे घिसने वाली (डिजेनरेटिव) प्रक्रिया है।
इसकी सबसे पहचानने लायक निशानी है: सुबह बिस्तर से उतरते ही या लंबे समय बैठे रहने के बाद पहले कुछ कदम चलने पर तेज, चुभने वाला दर्द। दिन में चलते-चलते यह दर्द थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन दिनभर खड़े रहने या ज्यादा चलने से फिर बढ़ जाता है।
यह स्थिति कितनी आम है? एक क्लीनिकल रिव्यू के अनुसार, दुनियाभर की लगभग 10% आबादी को जीवन में कभी न कभी प्लांटर फैसिआइटिस होता है, और यह 40 से 60 साल की उम्र के लोगों तथा महिलाओं में ज्यादा देखा जाता है। लगभग आधे मरीजों में एड़ी की हड्डी पर एक छोटी ‘हील स्पर’ (Heel Spur) भी पाई जाती है, लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि स्पर खुद दर्द का कारण नहीं होता
दर्द के साथ-साथ अगर तलवों में सूजन या जलन भी महसूस हो, तो इसका मतलब अलग-अलग हो सकता है । इसलिए दोनों लक्षणों को अलग करके समझना जरूरी है।
सूजन (Swelling): अगर तलवों में दर्द के साथ सूजन, लालिमा या गर्माहट भी हो, तो यह चोट, इन्फेक्शन, आर्थराइटिस या गाउट का संकेत हो सकता है। ऐसे में सिर्फ घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें – डॉक्टर से जांच जरूर करवाएं।
जलन (Burning Sensation): तलवों में जलन का अहसास ज्यादातर नसों से जुड़ी समस्या का संकेत होता है, न कि सिर्फ मांसपेशियों या लिगामेंट का। खासकर डायबिटीज के मरीजों में, यह जलन ‘डायबिटिक न्यूरोपैथी’ (Diabetic Neuropathy) — यानी हाई ब्लड शुगर से नसों को होने वाला नुकसान — का शुरुआती लक्षण हो सकती है। यह जलन आमतौर पर दोनों पैरों में एक साथ होती है, रात में ज्यादा महसूस होती है, और कई बार सुन्नपन (Numbness) के साथ भी आती है (Mayo Clinic, n.d.)।
अगर आपको डायबिटीज है और तलवों में जलन, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस हो रहा है, तो इसे सिर्फ ‘तलवों का दर्द’ मानकर नजरअंदाज न करें । यह नसों की जांच करवाने का संकेत हो सकता है।
अगर आपके तलवों में दर्द महसूस होता है तो सबसे पहले डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर आपकी मेडिकल हिस्ट्री की एनालिसिस करेंगे और शारीरिक जांच करेंगे। वे आपको कुछ टेस्ट, जैसे कि एक्स-रे, एमआरआई या ब्लड टेस्ट करने का सुझाव दे सकते हैं, ताकि दर्द के सही कारण की पुष्टि हो सके।
इलाज के प्रकार का चयन करने से पहले, तलवों में दर्द के सही कारण का पता लगाया जाता है। उसके बाद, कारणों और दर्द की गंभीरता के आधार पर उपचार का चयन किया जाता है।
तलवों में दर्द के सामान्य उपचारों में निम्न शामिल हैं:
अगर 6-8 हफ्तों तक आराम, स्ट्रेचिंग और सही जूतों के बावजूद दर्द ठीक न हो, तो डॉक्टर कुछ एडवांस विकल्प सुझा सकते हैं । जैसे नाइट स्प्लिंट (सोते समय तलवे को हल्के खिंचाव में रखने वाला उपकरण), स्टेरॉयड इंजेक्शन या शॉकवेव थेरेपी। सर्जरी सिर्फ आखिरी विकल्प के तौर पर, और वह भी सिर्फ 5-10% मामलों में ही जरूरी होती है।
नीचे दिए गए टिप्स को अपना कर आप तलवों में होने वाले दर्द की रोकथाम कर सकते हैं:
इन सबके अलावा, स्वस्थ आहार से पैरों और शरीर की ताकत बढ़ाएं। अगर दर्द लगातार हो, तो हड्डी रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।
ज्यादातर मामलों में तलवों का दर्द गंभीर नहीं होता, लेकिन कुछ लक्षण होने पर घरेलू उपायों पर भरोसा करने के बजाय जल्द से जल्द डॉक्टर से मिलना चाहिए:
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