एक्जिमा (Eczema) एक पुरानी, बार-बार लौटने वाली त्वचा की बीमारी है। इसमें त्वचा में सूजन, लालिमा और असहनीय खुजली होती है। भारत में पिछले कुछ दशकों में इसकी दर 2 से 3 गुना बढ़ी है, और शहरी इलाकों जैसे दिल्ली और गुरुग्राम में प्रदूषण और बदलते lifestyle की वजह से यह और भी आम हो गई है।
यह बीमारी दिखने में भले ही “छोटी” लगे, लेकिन इसका असर मरीज़ की नींद, काम और मानसिक स्वास्थ्य तक पर पड़ता है। और सबसे ज़रूरी बात – यह संक्रामक नहीं है। सीके बिरला अस्पताल में हमारे त्वचा विशेषज्ञ (dermatologist) एक्जिमा की जड़ तक जाकर इलाज करते हैं। आज ही अपॉइंटमेंट बुक करें।
एक्जिमा त्वचा रोग के कितने प्रकार होते हैं? – Types of Eczema
एक्जिमा सिर्फ एक किस्म की बीमारी नहीं है। इसके कई रूप होते हैं और हर रूप के कारण और इलाज अलग होते हैं। चलिए एक-एक करके सभी को समझते हैं –
- एटोपिक डर्मेटाइटिस (Atopic Dermatitis): यह सबसे आम प्रकार है। बच्चों में ज्यादा देखा जाता है, लेकिन बड़े भी इससे प्रभावित होते हैं। PGIMER चंडीगढ़ के एक रिसर्च में बच्चों में एटोपिक डर्मेटाइटिस सभी एक्जिमा प्रकारों में 30% से ज़्यादा था।
- कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस (Contact Dermatitis): यह समस्या किसी खास चीज़ को छूने से होती है, जैसे कि साबुन, परफ्यूम, गहने, या रसायन।
- डिशाइड्रोटिक एक्जिमा (Dyshidrotic Eczema): हथेलियों और पैरों के तलवों पर छोटे-छोटे पानी भरे छाले।
- न्युमुलर एक्जिमा (Nummular Eczema): गोल सिक्के जैसे चकत्ते जो ज्यादातर हाथ, पैर या पीठ पर होते हैं। ये किसी को भी प्रभावित कर सकते हैं।
- सेबोरेहिक डर्मेटाइटिस (Seborrheic Dermatitis): स्कैल्प पर रूसी और तैलीय त्वचा के साथ होती है। इससे परेशान लोगों को समझ नहीं आता है कि ये सामान्य रूसी है या सेबोरेहिक डर्मेटाइटिस।
- स्टैसिस डर्मेटाइटिस (Stasis Dermatitis): पैरों की नसों में कमजोरी की वजह से होने वाला एक्जिमा कम आम है, लेकिन कई लोगों को परेशान करता है।
एक्जिमा क्यों होता है? जड़ में क्या है? – Eczema Ke Karan

एक्जिमा का कोई एक कारण नहीं है। यह कई चीजों के मिलने से होता है –
- आनुवंशिकता (Genetics): अगर माता-पिता में से किसी को एक्जिमा, अस्थमा, या एलर्जी है, तो बच्चे को एक्जिमा होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
- त्वचा की सुरक्षात्मक परत का कमज़ोर होना: एक्जिमा के मरीज की त्वचा में “फिलाग्रिन (filaggrin)” नाम के प्रोटीन की कमी होती है, जो त्वचा को नमी बनाए रखने में मदद करता है। इस कमी से त्वचा रूखी हो जाती है और बाहरी चीज़ें आसानी से अंदर घुस जाती हैं।
बाहरी ट्रिगर
इसके अतिरिक्त कुछ बाहरी ट्रिगर भी होते हैं, जो आपकी त्वचा को प्रभावित करके एक्जिमा का कारण बन सकते हैं –
- साबुन, डिटर्जेंट, और हार्ड केमिकल
- ऊनी या सिंथेटिक कपड़े जो त्वचा को रगड़ते हैं
- पसीना और गर्मी
- धूल, पराग (pollen), और पालतू जानवरों के बाल
- तनाव और चिंता
दिल्ली-NCR और गुरुग्राम जैसे शहरों में वायु प्रदूषण, कठोर पानी (hard water), और AC वातावरण त्वचा को रूखा बना देते हैं जो एक्जिमा को और बिगाड़ सकते हैं।
एक्जिमा के लक्षण जिन्हें पहचानना जरूरी है – Symptoms of Eczema

एक्जिमा के लक्षण हर व्यक्ति में थोड़े अलग होते हैं और यह भी बदलता रहता है कि त्वचा के किस हिस्से पर है, लेकिन कुछ आम लक्षण हैं, जिन पर आप नजर रख सकते हैं –
- तेज़ खुजली जो रात को और बढ़ जाए – यह सबसे पहला और सबसे पक्का संकेत है।
- त्वचा का लाल और सूजा हुआ होना।
- रूखी और फटी हुई त्वचा जिसमें से कभी-कभी तरल पदार्थ निकलते हैं।
- त्वचा का मोटा और खुरदरा होना जिसे लाइकेनिफिकेशन (lichenification) कहते हैं।
- बच्चों में गालों, कोहनियों और घुटनों के पीछे लाल चकत्ते होना।
- बड़ों में हाथों, कलाइयों, गर्दन और आंखों के आसपास ज़्यादा असर होना।
एक नजरिए से देखें तो एक्जिमा त्वचा की एक “भाषा” है। यह बता रहा है कि शरीर कुछ ऐसी चीज़ से परेशान है, जिसे पहचानना और दूर करना जरूरी है।
कब डॉक्टर के पास जाएं?
बहुत से लोग घर पर ही एक्जिमा का उपाय ढूंढते रहते हैं। लेकिन कुछ स्थितियां ऐसी हैं, जब तुरंत त्वचा विशेषज्ञ से मिलना जरूरी हो जाता है –
- खुजली इतनी ज्यादा हो कि नींद न आए
- त्वचा से पानी या मवाद निकले (संक्रमण का संकेत)
- घरेलू उपायों या खुजली रोधी (Anti-itch) क्रीम से 2 हफ्तों में कोई आराम न हो
- बुखार के साथ त्वचा में सूजन हो
- चेहरे, आंखों के पास या जननांगों के आसपास एक्जिमा हो
- बच्चे में नींद, खाने या पढ़ाई पर असर पड़ रहा हो
एक्जिमा का इलाज कैसे होता है? – Eczema Ka Ilaj
एक्जिमा का इलाज उसके प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करता है।
एक्जिमा के लिए क्रीम और दवाएं:
- मॉइस्चराइज़र (Emollients): यह सबसे पहला और सबसे जरूरी कदम है। त्वचा को दिन में 2 से 3 बार मॉइस्चराइज करना एक्जिमा को काबू में रखने का सबसे असरदार तरीका है। सुगंध (fragrance) रहित और सौम्य मॉइश्चराइजर चुनें।
- टॉपिकल कॉर्टिकोस्टेरॉइड (Topical Corticosteroid) क्रीम: यह सूजन और खुजली कम करती है। डॉक्टर की सलाह के बिना इसे लंबे समय तक न लगाएं क्योंकि लंबे उपयोग से त्वचा पतली हो सकती है।
- टॉपिकल कैल्सिनुरिन इनहिबिटर (Topical Calcineurin Inhibitor): टॉपिकल कैल्सिनुरिन इनहिबिटर जैसे कि टैक्रोलिमस (Tacrolimus) और पिमेक्रोलिमस (Pimecrolimus) बहुत लाभकारी साबित हो सकते हैं। यह स्टेरॉइड का विकल्प है और चेहरे या संवेदनशील क्षेत्रों के लिए सुरक्षित है।
- एंटीहिस्टामाइन (Antihistamine): खुजली कम करने और रात को बेहतर नींद के लिए इसका उपयोग करें।
- बायोलॉजिक थेरेपी (Biologic Therapy): गंभीर एक्जिमा के मामलों में डुपिलुमैब (Dupilumab) जैसी नई दवाएं बेहद असरदार साबित हो रही हैं। यह सीधे इम्यून सिस्टम के उस हिस्से (या प्रोटीन) को टारगेट करती है जो सूजन बढ़ाता है।
- फोटोथेरेपी (Light Therapy): नियंत्रित UV light से त्वचा की सूजन कम की जाती है, जिससे एक्जिमा की समस्या में सुधार होता है।
एक्जिमा के घरेलू उपाय जो सच में काम करते हैं – Home remedies for Eczema
ये उपाय डॉक्टरी इलाज के साथ-साथ उपयोगी हैं। कोई भी उपाय इलाज की जगह नहीं ले सकता है, इसलिए अपने डॉक्टर की सलाह के बिना ट्रीटमेंट शुरू या बंद न करें। नीचे बताए गए उपाय आपकी मदद कर सकते हैं –
- नारियल का तेल (Coconut Oil): शुद्ध नारियल तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। नहाने के बाद गीली त्वचा पर लगाने से नमी बनी रहती है।
- एलोवेरा जेल (Aloe Vera Gel): ताज़े पत्ते से निकाला हुआ जेल सूजन और जलन में राहत देता है। इसे किसी और चीज़ में मिलाए बिना, प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
- ओटमील बाथ (Oatmeal Bath): एक कप कच्चे दलिया को पीसकर गुनगुने पानी में मिलाएं और 15 से 20 मिनट तक प्रभावित क्षेत्र को उसमें भिगोएं। यह खुजली में तुरंत आराम देता है।
- ठंडी सिकाई (Cold Compress): खुजली वाली जगह पर ठंडा और साफ कपड़ा रखने से तुरंत राहत मिलती है।
- हल्दी (Turmeric): हल्दी के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण एक्जिमा में सहायक हो सकते हैं। खाने में इसका उपयोग अच्छा है, लेकिन सीधे त्वचा पर लगाने से पहले डॉक्टर से पूछें।
क्या बदलें:
- नहाने के लिए हमेशा गुनगुना पानी इस्तेमाल करें, गर्म नहीं
- खुशबू और रंग रहित साबुन चुनें
- सूती और ढीले कपड़े पहनें
- नाखून छोटे रखें ताकि खुजलाने पर त्वचा न छिले
निष्कर्ष
एक्जिमा एक ऐसी बीमारी है, जो जीवन शैली और ध्यान से पूरी तरह नियंत्रण में लाई जा सकती है। यह जरूरी नहीं कि आप हमेशा खुजली, रूखेपन और शर्मिंदगी के साथ जिएं। सही डॉक्टर, सही दवा, सही खान-पान और थोड़ी सी सतर्कता – बस इतना काफी है।
याद रखें कि एक्जिमा आपकी कमजोरी नहीं है। यह एक मेडिकल स्थिति है, जिसका बेहतरीन इलाज उपलब्ध है। सीके बिरला अस्पताल में हमारी त्वचा विशेषज्ञ टीम आपको न सिर्फ सही निदान बल्कि एक पूरा केयर प्लान देती है जो आपकी जीवनशैली और जरूरतों के हिसाब से बना हो। आज ही अपॉइंटमेंट बुक करें।