गर्दन पर सर्जरी का स्थायी निशान रहने का डर कई मरीजों, खासकर युवा महिलाओं को थायरॉयड का इलाज टालने पर मजबूर कर देता है। भारत में करोड़ों लोग थायरॉयड की समस्या से जूझ रहे हैं, और कई मामलों में दवा के बजाय सर्जरी ही एकमात्र विकल्प होता है।
अब इस डर का आधुनिक समाधान है स्कारलेस थायरॉयडक्टॉमी (बिना निशान थायरॉयड सर्जरी)। यह एक मिनिमल इनवेसिव तकनीक है, जिसमें गर्दन के सामने कोई चीरा लगाए बिना, मुंह के भीतर या बगल जैसी छिपी जगहों से थायरॉयड ग्लैंड को निकाला जाता है।
यदि आप भी निशान के डर से सर्जरी कराने में झिझक रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद उपयोगी है। अपनी रिपोर्ट के आधार पर सही सलाह पाने के लिए आप हमारे अनुभवी विशेषज्ञों से अपॉइंटमेंट भी बुक कर सकते हैं।
थायरॉयडक्टॉमी सर्जरी की जरूरत कब पड़ती है?
थायरॉयड ऑपरेशन आमतौर पर इन स्थितियों में सुझाया जाता है –
- थायरॉयड नोड्यूल (गांठ) जिसमें कैंसर का संदेह हो।
- थायरॉयड कैंसर, खासकर शुरुआती पैपिलरी कैंसर।
- बहुत बड़ी या दबाव बनाने वाली गांठ, जिससे निगलने या सांस लेने में तकलीफ हो।
- दवा से नियंत्रित न होने वाला हाइपरथायरॉइडिज्म, जैसे ग्रेव्स डिजीज।
- बार-बार बढ़ने वाला गॉयटर।
स्कारलेस थायरॉयडक्टॉमी के प्रकार और तकनीकें (TOETVA, RATS, TOaST)
स्कारलेस थायरॉयडक्टॉमी कई प्रकार की होती हैं, जिन्हें हम भी पेशेंट की स्थिति के अनुसार अपने अस्पताल में करते हैं।
- TOETVA (ट्रांसओरल एप्रोच): यह सबसे लोकप्रिय तकनीक है, जिसमें निचले होंठ के अंदर छोटे चीरों के जरिए सर्जरी की जाती है। इससे गर्दन पर कोई निशान नहीं पड़ता।
- RATS (रोबोटिक थायरॉयड सर्जरी): इसमें बगल (armpit) से रोबोटिक हाथों और 3D विज़न की मदद से ग्लैंड को निकाला जाता है। इस प्रक्रिया में निशान पड़ता है, लेकिन कपड़ों के नीचे रहता है।
- TOaST: यह भी मुंह के रास्ते की जाने वाली तकनीक है, जिसमें अस्पताल या सर्जन के अनुसार थोड़ा बदलाव हो सकता है।
BABA जैसी अन्य एंडोस्कोपिक विधियां भी हैं, लेकिन भारत में मुंह के रास्ते (Transoral) की जाने वाली सर्जरी सबसे ज्यादा प्रचलित है।
स्कारलेस थायरॉयडक्टॉमी की प्रक्रिया कैसे की जाती है? (TOETVA प्रक्रिया)
TOETVA प्रक्रिया कैसे की जाती है, यह जानना आपकी घबराहट कम करता है। मुख्य रूप से ये चरण शामिल हैं –
- जांच और योजना: अल्ट्रासाउंड, FNAC, थायरॉयड प्रोफाइल और कई बार CT स्कैन से ग्लैंड के आकार और स्थिति को देखा जाता है।
- जनरल एनेस्थीसिया: मरीज पूरी सर्जरी के दौरान सोया रहता है।
- मुंह की सफाई और एंटीबायोटिक: संक्रमण से बचाव के लिए मुंह को अच्छे से साफ किया जाता है।
- तीन छोटे चीरे: निचले होंठ के अंदर, दांतों के पीछे की तरफ नहीं, बल्कि होंठ और मसूड़े के बीच की जगह में तीन छोटे चीरे लगाए जाते हैं।
- गर्दन में जगह बनाना: ठोड़ी से गर्दन तक एक सुरंग बनाकर गैस से जगह खोली जाती है।
- ग्रंथि निकालना: कैमरे की निगरानी में सर्जन ग्रंथि या ग्लैंड को अलग करते हैं। इस दौरान आवाज की नस और पैराथायरॉयड ग्रंथियों को बचाया जाता है। हम सर्जरी के दौरान नर्व मैनेजमेंट पर भी ध्यान देते हैं।
- बाहर निकालना और टांके: सैंपल निकालकर चीरे अंदर से बंद किए जाते हैं, जिससे निशान बाहर की ओर न दिखें।
TOETVA प्रक्रिया में आमतौर पर 2 से 3 घंटे लग सकते हैं, पर यह गांठ के आकार और ऑपरेशन के प्रकार (आधी या पूरी ग्रंथि) पर निर्भर करता है।
स्कारलेस थायरॉयडक्टॉमी के लाभ और सुविधाएं
स्कारलेस सर्जरी के फायदे सिर्फ सुंदरता तक सीमित नहीं हैं, इस सर्जरी के बाद निम्नलिखित लाभ मिल सकते हैं –
- गर्दन पर कोई दिखने वाला निशान न होना।
- आत्मविश्वास और मानसिक शांति, जो खासकर युवा मरीजों के लिए बड़ी बात है।
- चीरे छोटे होने से आमतौर पर कम दर्द होता है।
- गर्दन में जकड़न और खिंचाव की शिकायत कम होने की संभावना होना।
- कई मामलों में अस्पताल में कम दिनों के लिए रुकना।
- कैमरे से बड़ा और साफ नजारा, जिससे बारीक संरचनाएं देखना आसान होता है।
एक बात ईमानदारी से समझ लें कि सही मरीज में यह विधि ओपन सर्जरी जितनी ही प्रभावी हो सकती है, पर यह हर किसी के लिए बेहतर नहीं है।
स्कारलेस थायरॉयडक्टॉमी की संभावित जटिलताएं और जोखिम
कोई भी सर्जरी जोखिम रहित नहीं होती। बिना निशान थायरॉयड सर्जरी की जटिलताएं हैं, और वह इस प्रकार हैं –
- आवाज की नस (रिकरेंट लैरिंजियल नर्व) को नुकसान: आवाज में भारीपन या बदलाव जो ज्यादातर मामलों में अस्थायी रहता है।
- पैराथायरॉयड ग्लैंड पर असर: शरीर में कैल्शियम कम होना, जिससे हाथ-पैर में झनझनाहट या ऐंठन हो सकती है।
- ठोड़ी या निचले होंठ में सुन्नपन: मेंटल नर्व के कारण, जो अक्सर कुछ हफ्तों या महीनों में ठीक हो जाता है।
- संक्रमण: मुंह के रास्ते से होने के कारण साफ-सफाई और एंटीबायोटिक पर विशेष ध्यान देना पड़ता है।
- ब्लीडिंग या सूजन, जो आमतौर पर कुछ समय के लिए रह सकती है।
- ओपन सर्जरी में बदलना: अगर सर्जरी के दौरान कठिनाई आए, तो सर्जन सुरक्षा के लिए तरीका बदल सकता है।
जोखिम की संभावना सर्जन के अनुभव और मरीज के चयन से काफी प्रभावित होती है। इसलिए किसी ऐसे केंद्र का चुनाव करें जहां सर्जन के पास इन प्रक्रियाओं का पर्याप्त अनुभव हो।
ट्रेडिशनल थायरॉयडक्टॉमी बनाम स्कारलेस थायरॉयडक्टॉमी (ओपन सर्जरी बनाम स्कारलेस सर्जरी)
चलिए इसे आसानी से नीचे बताए गए टेबल से समझने की कोशिश करते हैं –

स्कारलेस विधि महंगी इसलिए होती है, क्योंकि इसमें एंडोस्कोपिक या रोबोटिक उपकरण, नर्व मॉनिटरिंग और विशेष प्रशिक्षित टीम की जरूरत पड़ती है।
कौन स्कारलेस थायरॉयडक्टॉमी के लिए उपयुक्त है और कौन नहीं?
निम्न स्थितियों में स्कारलेस थायरॉयडक्टॉमी का सुझाव दिया जाता है –
- छोटी सौम्य गांठ वाले मरीज।
- शुरुआती, कम जोखिम वाले थायरॉयड कैंसर के चुनिंदा मामले।
- सामान्य वजन और गर्दन की सामान्य बनावट।
निम्न स्थिति में स्कारलेस थायरॉयडक्टॉमी का सुझाव नहीं दिया जाता है –
- बहुत बड़ा गॉयटर या छाती के भीतर तक फैली हुई ग्रंथि।
- एडवांस या फैला हुआ कैंसर।
- पहले गर्दन की सर्जरी या रेडिएशन हो चुका हो।
- सक्रिय थायरॉइडाइटिस
स्कारलेस थायरॉयडक्टॉमी के बाद रिकवरी और देखभाल

रिकवरी और देखभाल की स्थिति में निम्न बातों का खास ध्यान रखें –
- रिकवरी का समय: 1–2 दिन अस्पताल में दाखिला और 1–2 हफ्तों में सामान्य दिनचर्या। कुछ हफ्तों के लिए भारी वजन उठाने व कठिन एक्सरसाइज से बचें।
- दर्द व सूजन: होंठ, ठोड़ी या गर्दन में हल्का दर्द और सूजन सामान्य है, जो दवाइयों व ठंडी सिंकाई से ठीक हो जाती है।
- मुंह की सफाई: संक्रमण से बचाव के लिए बताए गए माउथवॉश का उपयोग करें और खाने के बाद मुंह साफ रखें।
- हार्मोन रिप्लेसमेंट: पूरे ग्लैंड को निकालने पर जीवनभर थायरॉक्सिन की गोली व नियमित TSH जांच जरूरी हैं। आधे ग्लैंड को निकालने पर अक्सर दवा की आवश्यकता नहीं होती।
- खान-पान: शुरुआत में तरल या नरम आहार (सूप, दलिया, खिचड़ी) लें, फिर संतुलित भोजन अपनाएं। कुछ दिन तीखा, गर्म और सख्त खाना न खाएं।
तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें: यदि तेज बुखार हो, सांस लेने में तकलीफ हो, गर्दन में तेजी से सूजन बढ़े या हाथ-पैर/होंठ में झनझनाहट महसूस हो।
निष्कर्ष
थायरॉयड की सर्जरी का मतलब अब जीवनभर का निशान नहीं होना चाहिए। सही जांच, सही तकनीक और अनुभवी सर्जन के साथ स्कारलेस थायरॉयडक्टॉमी एक सुरक्षित और आधुनिक विकल्प हो सकती है। अपनी रिपोर्ट लेकर आज ही हमारे विशेषज्ञ से परामर्श के लिए अपॉइंटमेंट बुक करें और स्वस्थ जीवन की ओर अपना पहला कदम बढ़ाएं।