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जाने पेशाब में जलन का कारण, लक्षण और इलाज | Peshab me Jalan

peshab me jalan ki jagah
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पेशाब में जलन होने की स्थिति को मेडिकल भाषा में डिस्युरिया कहते हैं। यह एक आम समस्या है जो हर उम्र के पुरुष या महिला को प्रभावित कर सकता है। पेशाब में जलन होना केवल पेशाब से संबंधित नहीं है, बल्कि यह यूरिनरी सिस्टम (मूत्र प्रणाली), किडनी, युरेटर (मूत्रवाहिनी), यूरेथ्रा (मूत्रमार्ग) और यूरिनरी ब्लैडर (मूत्राशय) से संबंधित होता है।

शोध के मुताबिक, पेशाब में जलन की समस्या पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक होती है। इसका मुख्य कारण है महिलाओं और पुरुषों के मूत्रमार्ग की लंबाई में बड़ा अंतर होना। पेशाब में जलन होने के साथ-साथ अन्य भी लक्षण अनुभव हो सकते हैं।

पेशाब में जलन के कारण

कई कारणों से पेशाब में जलन हो सकती है। इसके मुख्य लक्षणों में निम्न शामिल हो सकते हैं:

  • मूत्राशय कैंसर
  • किडनी में पथरी
  • अंडाशय में सिस्ट
  • यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन
  • यौन संचारित संक्रमण
  • पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ जाना
  • सिस्टिटिस यानि मूत्राशय के अंदरूनी भाग में सूजन
  • सिस्टिटिस / इंटरस्टीशियल सिस्टिटिस / मूत्राशय सिंड्रोम
  • यीस्ट, फंगल, बैक्टीरिया के कारण योनि में संक्रमण या जलन

इन सबके अलावा, रसायनिक संवेदनशीलता के कारण भी पेशाब में जलन हो सकती है। रसायनिक संवेदनशीलता यानी उन रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल करना जिन्हें आपका शरीर सहन नहीं करता है।

पेशाब में जलन के लक्षण

पेशाब में जलन होने पर जलन के अलावा आप दूसरे भी लक्षणों को अनुभव कर सकते हैं। इसमें मुख्य रूप से निम्न शामिल हैं:

  • बुखार होना
  • पेशाब से बदबू आना
  • बार-बार पेशाब लगना
  • पेशाब का धुंधला होना
  • अनियंत्रित कंपकंपी होना
  • पेशाब के साथ खून आना
  • मतली, दस्त और उल्दी होना
  • कुछ मामलों में पेट में दर्द होना
  • जांघ में अंदरूनी हिस्सों में दर्द की शिकायत होना
  • पेल्विक क्षेत्र के आसपास छूने पर दर्द महसूस होना

महिलाओं में पेशाब में जलन होने पर उन्हें पेशाब में जलन के साथ-साथ अन्य लक्षण भी अनुभव हो सकते हैं जैसे कि:

  • योनि में दर्द होना
  • योनि में जलन होना
  • योनि में खुजली होना
  • सेक्स के दौरान योनि में दर्द होना
  • योनि से पानी जैसा बदबूदार स्राव होना

पेशाब में जलन का निदान

जैसा कि हमने आपको ऊपर बताया कि पेशाब में जलन के कई कारण हो सकते हैं और बिना कारण की पुष्टि किए उपचार करना उचित नहीं होता है। ऐसे में डॉक्टर मरीज को कुछ जांच करवाने का सुझाव देते हैं ताकि इस बात की पुष्टि हो सके की पेशाब में जलन का मुख्य कारण क्या है।

पेशाब में जलन का निदान करने के लिए डॉक्टर निम्न जांचों का सुझाव दे सकते हैं:

  1. यूरिन कल्चर परीक्षण: इस दौरान डॉक्टर इस बात का पता लगाते हैं कि पेशाब में जलन का कारण कौन से बैक्टीरिया का संक्रमण है।
  2. मूत्र विश्लेषण: इस जांच के दौरान डॉक्टर लाल रक्त कोशिकाओं, सफ़ेद रक्त कोशिकाओं और बैक्टीरिया के बारे में जानने के लिए करते हैं। पेशाब में पाए जाने वाली लाल और सफ़ेद रक्त कोशिकाओं की संख्या संक्रमण की गंभीरता को दर्शाता है।
  3. अल्ट्रासाउंड: इस दौरान डॉक्टर इस बात की पुष्टि करते हैं की पेशाब में जलन का कारण कहीं किडनी स्टोन तो नहीं है। किडनी स्टोन के कारण भी पेशाब में जलन हो सकती है।
  4. कंप्यूटराइज़्ड टोमोग्राफी यानी सिटी स्कैन: जब उपचार के बाद भी बार-बार यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) होता है तो डॉक्टर यूरिनरी ट्रैक्ट में असामान्यता की पुष्टि करने के लिए सिटी स्कैन करते हैं।
  5. मूत्राशयदर्शन परीक्षण यानी सिस्टोस्कोपी टेस्ट: जिसको बार-बार संक्रमण होता है या जब संक्रमण गंभीर रूप ले लेता है तो मूत्रमार्ग और मूत्राशय की जांच करने के लिए यह टेस्ट किया जाता है।

पेशाब में जलन का इलाज

जैसा कि हमने आपको ऊपर ही बताया कि कई कारणों से पेशाब में जलन की शिकायत होती है। इसलिए इसके कारणों को ध्यान में रखते हुए उपचार के प्रकार का चयन किया जाता है। पेशाब में जलन होने पर आपको घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल करने या किसी नीम-हकीम के पास जाने के बजाय विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

आमतौर पर पेशाब में जलन का उपचार करने से पहले डॉक्टर मरीज से कुछ प्रश्न पूछ सकते हैं जैसे कि पेशाब में जलन कितने दिनों से है, क्या पेशाब में अचानक से जलन शुरू हुई है या पहले से ही धीरे-धीरे होती आ रही है आदि। साथ ही, डॉक्टर पहले से मौजूद बीमारी और जीवनशैली एवं खान-पान से संबंधित भी प्रश्न पूछ सकते हैं।

लक्षणों और स्वास्थ्य से सबंधित प्रश्न पूछने के बाद डॉक्टर कुछ जाँच करने का सुझाव देते हैं। जांच के परिणाम के आधार पर पेशाब में जलन के कारण की पुष्टि की जाती है। उसके बाद, उपचार के प्रकार का चयन कर इलाज की प्रक्रिया शुरू की जाती है।

आमतौर पर यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, इंटरस्टीशियल सिस्टिटिस और यौन संचारित संक्रमणों का इलाज करने के लिए डॉक्टर मरीज को एंटीबायोटिक दवाएं निर्धारित करते हैं। इसके अलावा, प्रोस्टेट से संबंधित बिमारियों या किडनी की पथरी का इलाज करने के लिए सर्जरी का इस्तेमाल किया जाता है।

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