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ठण्ड में अस्थमा के मरीज़ो को क्या सावधानियां रखनी चाइये?

Pulmonology | by Dr. Kuldeep Grover on Feb 10, 2026

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सर्दियां अस्थमा के मरीज़ों के लिए एक मुश्किल मौसम हो सकता है। ठंडी हवा, बढ़ा हुआ एयर पॉल्यूशन, वायरल इन्फेक्शन और घर के अंदर के एलर्जन अक्सर सांस लेने में दिक्कत पैदा करते हैं और अस्थमा का दौरा पड़ सकता है। कई मरीज़ देखते हैं कि ठंडे महीनों में उनके लक्षण और खराब हो जाते हैं, भले ही साल के बाकी समय उनका अस्थमा कंट्रोल में रहता हो।

इस ब्लॉग में, हम विस्तार से बात करेंगे कि अस्थमा क्या है, यह कैसे और क्यों होता है, अस्थमा के अलग-अलग प्रकार, आम लक्षण और संभावित जटिलताएं। सबसे ज़रूरी बात, हम उन प्रैक्टिकल सर्दियों की सावधानियों पर ध्यान देंगे जिनका अस्थमा के मरीज़ों को पालन करना चाहिए ताकि दौरे कम पड़ें और सांस की सेहत अच्छी बनी रहे।

अस्थमा क्या है? What is asthma?

अस्थमा सांस की एक पुरानी बीमारी (chronic disease) है जिसमें फेफड़ों की हवा की नलियां सूज जाती हैं, सिकुड़ जाती हैं और संवेदनशील हो जाती हैं। इससे हवा को अंदर और बाहर जाने में दिक्कत होती है, जिससे सांस लेने में परेशानी होती है। अस्थमा किसी भी उम्र के लोगों को प्रभावित कर सकता है और यह हल्का से लेकर गंभीर तक हो सकता है।

हालांकि अस्थमा एक लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है, लेकिन अस्थमा का सही इलाज और लाइफस्टाइल मैनेजमेंट ज़्यादातर मरीज़ों को अपने लक्षणों को कंट्रोल में रखने और एक सामान्य, एक्टिव ज़िंदगी जीने में मदद कर सकता है।

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अस्थमा कैसे होता है? How does asthma occur?

अस्थमा तब होता है जब एयरवेज़ कुछ ट्रिगर्स पर ज़्यादा रिएक्ट करते हैं। जब कोई ट्रिगर साँस के साथ अंदर जाता है या सामने आता है, तो फेफड़ों में तीन मुख्य बदलाव होते हैं:

  • एयरवेज़ की मांसपेशियाँ सिकुड़ जाती हैं, जिसे ब्रोंकोकंस्ट्रिक्शन कहा जाता है।
  • एयरवेज़ की अंदरूनी परत में सूजन आ जाती है।
  • ज़्यादा बलगम (Mucus) बनता है, जिससे हवा का बहाव और भी ब्लॉक हो जाता है।

ये सभी बदलाव मिलकर साँस लेना मुश्किल बना देते हैं और इससे घरघराहट, खाँसी, सीने में जकड़न और साँस फूलने जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।

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अस्थमा क्यों होता है? Why does asthma occur?

अस्थमा के सही कारण हमेशा साफ़ नहीं होते, लेकिन यह आमतौर पर जेनेटिक और पर्यावरणीय कारणों के कॉम्बिनेशन से होता है। अस्थमा के आम कारणों में शामिल हैं:

  • परिवार में अस्थमा या एलर्जी की हिस्ट्री (History of allergy)
  • धूल के कण, पराग, फफूंदी या पालतू जानवरों के बालों जैसे एलर्जेंस के संपर्क में आना
  • वायु प्रदूषण और तंबाकू का धुआँ
  • बचपन में श्वसन संक्रमण (childhood respiratory infections)
  • केमिकल्स या धूल के संपर्क में आना

सर्दियों में, ठंडी हवा और वायरल इन्फेक्शन अस्थमा के आम ट्रिगर बन जाते हैं, जिससे लक्षणों और अस्थमा के अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

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अस्थमा कितने प्रकार का होता है? How many types of asthma are there?

अस्थमा कई प्रकार का होता है, और उन्हें समझने से बेहतर मैनेजमेंट में मदद मिलती है। अस्थमा के आम प्रकारों में शामिल हैं:

  • एलर्जिक अस्थमा (Allergic asthma): धूल, पराग या फफूंदी जैसे एलर्जेंस से ट्रिगर होता है।
  • नॉन-एलर्जिक अस्थमा (Non-allergic asthma): तनाव, इन्फेक्शन, ठंडी हवा या प्रदूषण के कारण होता है।
  • एक्सरसाइज-इंड्यूस्ड अस्थमा (Exercise-induced asthma): शारीरिक गतिविधि के दौरान या बाद में लक्षण दिखाई देते हैं।
  • सीज़नल अस्थमा (Seasonal asthma): कुछ खास मौसमों में, खासकर सर्दियों या पराग के मौसम में बिगड़ जाता है।
  • ऑक्यूपेशनल अस्थमा (Occupational asthma): काम की जगह पर मौजूद इरिटेंट्स के कारण होता है।

कुछ मरीज़ों को एक से ज़्यादा तरह के अस्थमा का कॉम्बिनेशन हो सकता है।

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अस्थमा के लक्षण क्या हैं? What are the symptoms of asthma?

अस्थमा के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं और समय के साथ बदल भी सकते हैं। अस्थमा के आम लक्षणों में शामिल हैं:

  • सांस लेते समय सीटी जैसी आवाज़ आना (घरघराहट)
  • सांस लेने में दिक्कत
  • सीने में जकड़न या दबाव
  • लगातार खांसी, खासकर रात में या सुबह-सुबह

सर्दियों में, ठंडी हवा के संपर्क में आने से खांसी और सांस फूलने की समस्या अक्सर बढ़ जाती है।

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अस्थमा अटैक के लक्षण क्या हैं? What are the symptoms of an asthma attack?

अस्थमा अटैक लक्षणों का अचानक बिगड़ना है जिसके लिए तुरंत ध्यान देने की ज़रूरत होती है। अस्थमा अटैक के लक्षणों में शामिल हैं:

  • सांस लेने में बहुत ज़्यादा दिक्कत
  • तेज़ सांस लेना या हवा के लिए हांफना
  • तेज़ घरघराहट या, गंभीर मामलों में, बिल्कुल भी आवाज़ न आना
  • सीने में दर्द या जकड़न
  • होंठ या नाखूनों का नीला पड़ना (गंभीर अटैक में)

सर्दियों में अस्थमा अटैक अक्सर ठंडी हवा, सांस की इन्फेक्शन, या घर के अंदर के एलर्जी पैदा करने वाली चीज़ों के संपर्क में आने से होते हैं।

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अस्थमा के मरीज़ों के लिए सर्दियों में सावधानियां | Precautions for asthma patients in winter

अस्थमा के दौरे से बचने और हॉस्पिटल जाने से बचने के लिए सर्दियों में देखभाल बहुत ज़रूरी है। सर्दियों में अस्थमा के मरीज़ों को ये ज़रूरी सावधानियां बरतनी चाहिए:

  • खुद को ठंडी हवा से बचाएं: बाहर जाते समय अपने नाक और मुंह को स्कार्फ से ढकें ताकि हवा फेफड़ों में जाने से पहले गर्म हो जाए।
  • अचानक तापमान में बदलाव से बचें: गर्म कमरे से अचानक ठंडी हवा में जाने से लक्षण ट्रिगर हो सकते हैं।
  • घर के अंदर हवा की क्वालिटी बनाए रखें: कमरों में हवा आने-जाने का अच्छा इंतज़ाम रखें लेकिन नमी से बचें। साफ बिस्तर का इस्तेमाल करें और धूल के कीटाणुओं को कम करने के लिए कंबल को नियमित रूप से धोएं।
  • संक्रमण से बचें: सर्दी और फ्लू का संक्रमण सर्दियों में अस्थमा का एक आम कारण है। हाथों की अच्छी साफ-सफाई रखें और बीमार लोगों के साथ नज़दीकी संपर्क से बचें।
  • नियमित रूप से इलाज करें: बताई गई दवाएं लेना न छोड़ें, भले ही लक्षण हल्के लगें। सर्दियों में अस्थमा का लगातार इलाज बहुत ज़रूरी है।
  • घर के अंदर एक्टिव रहें: हल्की-फुल्की इनडोर एक्सरसाइज़ फेफड़ों को ठंडी हवा के संपर्क में आए बिना स्वस्थ रखने में मदद करती है।
  • धुएं के संपर्क से बचें: हीटर, चिमनी या तंबाकू का धुआं अस्थमा के लक्षणों को और खराब कर सकता है।

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क्या अस्थमा ठीक हो सकता है? Can asthma be cured?

फिलहाल, अस्थमा को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता। हालांकि, सही मेडिकल देखभाल, ट्रिगर से बचने और लाइफस्टाइल में बदलाव से अस्थमा को अच्छी तरह से कंट्रोल किया जा सकता है। जब मरीज़ अपने इलाज के प्लान को सही तरीके से फॉलो करते हैं, तो वे लंबे समय तक लक्षणों से मुक्त रहते हैं।

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क्या अस्थमा को रोका जा सकता है? Can asthma be prevented?

अस्थमा को हमेशा रोका नहीं जा सकता, खासकर अगर यह जेनेटिक हो। हालांकि, अस्थमा के अटैक और लक्षणों को बिगड़ने से रोका जा सकता है:

  • ट्रिगर को पहचानकर और उनसे बचकर
  • एलर्जी को प्रभावी ढंग से मैनेज करके
  • बताई गई दवाएं नियमित रूप से लेकर
  • सर्दियों और ज़्यादा जोखिम वाले मौसमों में खास ख्याल रखकर

जल्दी पता चलने और सही मैनेजमेंट रोकथाम में अहम भूमिका निभाते हैं।

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अस्थमा की क्या जटिलताएं हैं? What are the complications of asthma?

अगर अस्थमा को अच्छी तरह से कंट्रोल नहीं किया जाता है, तो इससे कई जटिलताएं हो सकती हैं, जैसे:

बार-बार अस्थमा के अटैक

  • समय के साथ फेफड़ों की कार्यक्षमता में कमी
  • रात के लक्षणों के कारण नींद में दिक्कत
  • सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ना
  • रोज़ाना की गतिविधियों और एक्सरसाइज में रुकावट

गंभीर, बिना इलाज वाले अस्थमा के अटैक कभी-कभी जानलेवा हो सकते हैं, इसलिए नियमित देखभाल ज़रूरी है।

निष्कर्ष

अस्थमा एक पुरानी बीमारी है, लेकिन इसे आपकी ज़िंदगी को कंट्रोल करने की ज़रूरत नहीं है। ठंडी हवा, इन्फेक्शन और घर के अंदर के एलर्जन की वजह से सर्दियों में लक्षणों और अस्थमा के अटैक का खतरा बढ़ सकता है। अस्थमा के कारणों को समझकर, लक्षणों को जल्दी पहचानकर और सर्दियों में सही सावधानियां बरतकर, मरीज़ फ्लेयर-अप को काफी कम कर सकते हैं। अस्थमा का रेगुलर इलाज, ट्रिगर से बचना और हेल्दी लाइफस्टाइल बनाए रखना अस्थमा के मरीज़ों को ठंडे महीनों में भी आसानी से सांस लेने और एक्टिव रहने में मदद कर सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या अस्थमा का मरीज़ नॉर्मल ज़िंदगी जी सकता है?

हां, सही इलाज, ट्रिगर मैनेजमेंट और रेगुलर फॉलो-अप से अस्थमा का मरीज़ एक नॉर्मल, हेल्दी और एक्टिव ज़िंदगी जी सकता है। अस्थमा वाले बहुत से लोग अपनी बीमारी को सफलतापूर्वक मैनेज करते हैं और बिना किसी बड़ी रुकावट के रोज़ाना की एक्टिविटीज़ में हिस्सा लेते हैं।

अस्थमा आमतौर पर किस उम्र में होता है?

अस्थमा किसी भी उम्र में हो सकता है। इसका आमतौर पर बचपन में पता चलता है, लेकिन बहुत से लोगों को बड़े होने पर भी अस्थमा हो जाता है। उम्र चाहे जो भी हो, जल्दी पता चलना और सही देखभाल ज़रूरी है।

  • सर्दी-जुकाम, संक्रमण और प्रदूषण अस्थमा के लक्षणों को बढ़ा सकते हैं और अस्थमा के दौरे का खतरा पैदा कर सकते हैं।
  • अस्थमा एक दीर्घकालिक बीमारी है जिसका इलाज तो संभव नहीं है, लेकिन उचित उपचार से इसे प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।
  • ठंडी हवा और घर के अंदर मौजूद एलर्जी कारकों के कारण सर्दियों में अस्थमा के विभिन्न प्रकार बिगड़ सकते हैं।
  • अस्थमा के शुरुआती लक्षणों और अस्थमा के दौरे के संकेतों को पहचानना गंभीर जटिलताओं को रोकने में सहायक होता है।
  • सर्दी के दौरान कुछ सरल सावधानियां और नियमित अस्थमा देखभाल रोगियों को सामान्य और सक्रिय जीवन जीने में मदद करती है।
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Written and Verified by:

 MBBS, MD (Pulmonary Medicine) Consultant, Pulmonology, & Critical Care Dr. Kuldeep Kumar is a well-renowned pulmonologist, sleep medicine and critical care specialist in Gurgaon. He has an overall experience of 14+ years with some of the best hospitals in the Delhi- NCR region. Focus areas and procedures Interventional Pulmonology Pulmonary Critical Care Antibiotic Stewardship & Infection Control Sleep Related Breathing...