
पीरियड्स का समय ऐसा समय होता है, जिसमें प्रेगनेंसी से लेकर स्वच्छता और आराम तक के संबंध में कई प्रश्न महिलाओं के मन में उत्पन्न होते हैं। कुछ ऐसे प्रश्न भी हैं, जो हर कपल्स के मन में उठते हैं, जैसे कि मासिक धर्म के दौरान या उसके तुरंत बाद संबंध बनाने से क्या होता है, पीरियड्स के कितने समय बाद सम्बन्ध बनाना चाहिए, इत्यादि।
इस ब्लॉग में हम उन सभी प्रश्नों के उत्तर जानेंगे, जिससे महिलाओं को पीरियड्स के संबंध में सभी भ्रांतियों को दूर करने और स्वस्थ एवं चिंता-मुक्त जीवन व्यतीत करने में मदद मिले।
पीरियड्स के बाद कब संबंध बनाना चाहिए, इसका कोई एक निश्चित जवाब नहीं है, क्योंकि हर कपल की अपनी कुछ प्राथमिकताएं होती हैं। हालांकि कुछ कपल्स इस प्रश्न का उत्तर स्वच्छता और आराम के संदर्भ में खोजते हैं। यदि आप भी उन्ही में से एक हैं, तो रक्त हानि बंद होने के एक या फिर दो दिन की प्रतीक्षा करने के बाद आप अपने साथी के साथ संबंध बना सकते हैं।
यदि आप उन कपल्स में से हैं, जो प्रेगनेंसी से बचना चाहते हैं, तो आपको सबसे पहले ओवुलेशन चक्र या ओवुलेशन साइकिल के बारे में समझना होगा। चाहे आप गर्भधारण करने की योजना बना रही हो या गर्भधारण से बचना चाहती हो, ओव्यूलेशन को समझना बहुत जरूरी है।
आमतौर पर ओवुलेशन अगले पीरियड से 12-14 दिन पहले होता है, जिसका अर्थ है कि आपके पीरियड्स के तुरंत बाद के दिन सुरक्षित माने जाते हैं। एक बात का खास ख्याल रखें कि ओवुलेशन साइकिल का समय लंबे समय तक चल सकता है, लेकिन कुछ मामलों में प्रेगनेंसी उस समय भी हो सकती है।
एक बात याद रखें कि जिन महिलाओं का पीरियड्स साइकिल छोटा होता है या जिनमें ओव्यूलेशन साइकिल भी जल्दी आते हैं, तो वह महिलाएं अपने पीरियड के तुरंत बाद भी प्रेग्नेंट हो सकती हैं। इसलिए प्रयास करें कि आप अपने फर्टिलिटी साइकिल को समझें और किसी भी प्रकार की चिंता या जोखिम से दूरी बनाएं।
इसे भी पढ़ें: जानिए प्रेगनेंसी में संबंध बनाना चाहिए या नहीं ?
हां, पीरियड्स के दौरान संबंध बनाने से आप प्रेग्नेंट हो सकते हैं, हालाँकि इसकी संभावना बहुत कम होती है। पुरुष शुक्राणु महिला के शरीर में पांच दिन तक जीवित रहते हैं। यदि महिला का पीरियड साइकिल छोटा होता है और वह जल्दी ओव्यूलेट करती हैं, तो ओव्यूलेट करते समय भी शुक्राणु यूट्रस में मौजूद हो सकते हैं, जिसके बाद प्रेगनेंसी संभव हो सकती है।
क्या मैं पीरियड्स के दौरान सेक्स कर सकती हूं? यह एक ऐसा प्रश्न है, जिसके बारे में बहुत सारी भ्रांतियां फैली हुई है। इसका उत्तर एक व्यक्तिगत उत्तर है। कुछ महिलाएं पीरियड्स के दौरान गंदगी और असहजता का अनुभव करती हैं, जिसके कारण वह पीरियड्स के दौरान संबंध नहीं बनाती हैं।
वहीं कुछ महिलाओं को पीरियड्स में संबंध बनाने से ऐंठन से राहत मिलती है। हालांकि इस प्रश्न का कोई मेडिकल उत्तर नहीं है, लेकिन कोई भी कदम उठाने से पहले स्वच्छता और व्यक्तिगत स्वास्थ्य एवं प्राथमिकता पर विचार किया जाना चाहिए।
पीरियड्स के दौरान संबंध बनाने के निम्न नुकसान हो सकते हैं –
पीरियड्स के दौरान संबंध बनाने से रोगी को बहुत लाभ मिल सकता है जैसे कि –
जी हां, पीरियड्स के बाद संबंध स्थापित करना सुरक्षित माना जाता है। वहीं ऐसा भी माना जाता है कि पीरियड्स के कुछ दिनों के बाद कामेच्छा बढ़ जाती है।
इस प्रश्न का उत्तर भी व्यक्तिगत है। यदि दोनों पार्टनर पीरियड्स के दौरान असहज नहीं है, तो वह सुरक्षित यौन संबंध बना सकते हैं। ऐसा करने से आप संक्रमण से भी बच सकते हैं और यौन सुख का भी आनंद ले सकते हैं।
क्या पीरियड्स के तुरंत बाद प्रेगनेंसी का खतरा होता है?
हां, पीरियड्स खत्म होने के तुरंत बाद गर्भधारण की संभावना बनी रहती है। विशेष रूप से उन महिलाओं में जिनका मासिक धर्म चक्र (Menstrual Cycle) छोटा होता है, ओव्यूलेशन की प्रक्रिया जल्दी शुरू हो सकती है। पुरुष शुक्राणु महिला के प्रजनन मार्ग में पांच दिनों तक जीवित रह सकते हैं, इसलिए पीरियड्स के अंत में किया गया असुरक्षित संभोग फर्टिलाइजेशन का कारण बन सकता है।
ओव्यूलेशन कब होता है और इसका संबंध प्रेगनेंसी से क्या है?
ओव्यूलेशन वह जैविक प्रक्रिया है, जिसमें ओवरी से एक मैच्योर अंडा निकलता है। सामान्यतः यह अगले मासिक धर्म शुरू होने के लगभग 12 से 14 दिन पहले होता है। प्रेगनेंसी के लिए ओव्यूलेशन अनिवार्य है, क्योंकि स्पर्म को फर्टिलाइज करने के लिए एक जीवित अंडे की आवश्यकता होती है। इस समय सीमा के दौरान असुरक्षित यौन संबंध बनाने से गर्भधारण की संभावना उच्चतम स्तर पर होती है।
पीरियड्स के बाद कौन सा समय प्रेगनेंसी के लिए सबसे अनुकूल होता है?
चिकित्सीय दृष्टिकोण से, ‘फर्टाइल विंडो’ (Fertile Window) गर्भधारण के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है। इसमें ओव्यूलेशन का दिन और उससे पांच दिन पहले का समय शामिल होता है। इस अवधि में महिला की प्रजनन क्षमता चरम पर होती है। यदि आप गर्भधारण की योजना बना रहे हैं, तो ओव्यूलेशन प्रेडिक्टर किट या बेसल बॉडी टेम्परेचर के माध्यम से इस समय का सटीक पता लगाया जा सकता है।
पीरियड्स के बाद फर्टाइल विंडो कब शुरू होती है?
फर्टाइल विंडो कब शुरू होगी, यह पूरी तरह आपके शरीर के साइकिल (Cycle) पर निर्भर करता है। एक नॉर्मल 28 दिन के चक्र में, फर्टाइल विंडो पीरियड शुरू होने के लगभग 10वें या 11वें दिन से शुरू हो सकती है। लेकिन हर महिला का शरीर अलग होता है; किसी का साइकिल छोटा होता है तो किसी का लंबा। इसलिए, अपने शरीर के संकेतों जैसे कि व्हाइट डिस्चार्ज में बदलाव या ओव्यूलेशन किट की मदद से आप अपनी सटीक फर्टाइल विंडो को बेहतर तरीके से पहचान सकती हैं।
क्या पीरियड्स के तुरंत बाद प्रेगनेंसी का खतरा होता है?
हां, पीरियड्स खत्म होने के तुरंत बाद गर्भधारण की संभावना बनी रहती है। विशेष रूप से उन महिलाओं में जिनका मासिक धर्म चक्र (Menstrual Cycle) छोटा होता है, ओव्यूलेशन की प्रक्रिया जल्दी शुरू हो सकती है। पुरुष शुक्राणु महिला के प्रजनन मार्ग में पांच दिनों तक जीवित रह सकते हैं, इसलिए पीरियड्स के अंत में किया गया असुरक्षित संभोग फर्टिलाइजेशन का कारण बन सकता है।
ओव्यूलेशन कब होता है और इसका संबंध प्रेगनेंसी से क्या है?
ओव्यूलेशन वह जैविक प्रक्रिया है, जिसमें ओवरी से एक मैच्योर अंडा निकलता है। सामान्यतः यह अगले मासिक धर्म शुरू होने के लगभग 12 से 14 दिन पहले होता है। प्रेगनेंसी के लिए ओव्यूलेशन अनिवार्य है, क्योंकि स्पर्म को फर्टिलाइज करने के लिए एक जीवित अंडे की आवश्यकता होती है। इस समय सीमा के दौरान असुरक्षित यौन संबंध बनाने से गर्भधारण की संभावना उच्चतम स्तर पर होती है।
पीरियड्स के बाद कौन सा समय प्रेगनेंसी के लिए सबसे अनुकूल होता है?
चिकित्सीय दृष्टिकोण से, ‘फर्टाइल विंडो’ (Fertile Window) गर्भधारण के लिए सबसे उपयुक्त समय माना जाता है। इसमें ओव्यूलेशन का दिन और उससे पांच दिन पहले का समय शामिल होता है। इस अवधि में महिला की प्रजनन क्षमता चरम पर होती है। यदि आप गर्भधारण की योजना बना रहे हैं, तो ओव्यूलेशन प्रेडिक्टर किट या बेसल बॉडी टेम्परेचर के माध्यम से इस समय का सटीक पता लगाया जा सकता है।
पीरियड्स के बाद फर्टाइल विंडो कब शुरू होती है?
फर्टाइल विंडो कब शुरू होगी, यह पूरी तरह आपके शरीर के साइकिल (Cycle) पर निर्भर करता है। एक नॉर्मल 28 दिन के चक्र में, फर्टाइल विंडो पीरियड शुरू होने के लगभग 10वें या 11वें दिन से शुरू हो सकती है। लेकिन हर महिला का शरीर अलग होता है; किसी का साइकिल छोटा होता है तो किसी का लंबा। इसलिए, अपने शरीर के संकेतों जैसे कि व्हाइट डिस्चार्ज में बदलाव या ओव्यूलेशन किट की मदद से आप अपनी सटीक फर्टाइल विंडो को बेहतर तरीके से पहचान सकती हैं।
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