
अगर आपका बच्चा चॉक, मिट्टी या दीवार का प्लास्टर खाता है, तो इसे सिर्फ बुरी आदत समझकर नजरअंदाज न करें। मेडिकल भाषा में इसे पाइका (Pica) कहा जाता है, जिसमें बच्चे ऐसी चीजें खाने लगते हैं जो खाने योग्य नहीं होतीं। यह छोटे बच्चों के हर चीज मुंह में डालने वाले सामान्य व्यवहार से अलग है। इसके कारणों में आयरन, कैल्शियम या जिंक की कमी, सेंसरी जरूरतें और विकास संबंधी समस्याएं शामिल हो सकती हैं। ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर वाले बच्चों में भी पाइका की संभावना अधिक देखी जाती है। ऐसे में बच्चे को डांटने या चिल्लाने से समस्या दूर नहीं होती। बच्चे के आयरन, हीमोग्लोबिन और अन्य स्तरों की जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह से इलाज शुरू करें। खेलते समय बच्चे पर नजर रखें, ऐसी चीजें उसकी पहुंच से दूर रखें, उसे मजेदार गतिविधियों में व्यस्त रखें और संतुलित आहार दें। अगर यह आदत कुछ महीनों से ज्यादा बनी रहे, दो साल की उम्र के बाद भी जारी रहे, या साथ में पेट दर्द, कब्ज, उल्टी, मल में खून, कमजोर विकास या एनीमिया के लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से जांच जरूर कराएं।