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पायलोनिडल साइनस का कारण और इलाज | Pilonidal Sinus in Hindi

by Dr. Seema Oberoi Lall on Mar 29, 2023 | Last Updated : Aug 23, 2024

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पायलोनिडल को पिलोनाइडल या पायलोनाइडल भी कहा जाता है। पायलोनिडल साइनस को पायलोनिडल सिस्ट या पायलोनिडल फोड़ा कहते हैं। यह एक पुराना त्वचा संक्रमण है जो टेलबोन के ठीक ऊपर, नितंबों के बीच के क्षेत्र को प्रभावित करता है।

पायलोनिडल साइनस के कारण

इस समस्या के कारण बाहर से दिखाई नहीं देते हैं। यह त्वचा के अंदर बालों या अन्य कचरे के इकट्ठे हो जाने से होता है। इससे संक्रमण फैलने की सम्भावना बढ़ जाती है। इस समस्या का मुख्य कारणों में निम्न शामिल हो सकते हैं:

  • घने बालों वाले लोगों में पायलोनिडल साइनस का होना आम होता है
  • गंदे कपड़ों या रेज़ के कपड़ों के इस्तेमाल से भी पायलोनिडल साइनस हो सकता है
  • एक बार इस समस्या के शुरुआती लक्षणों को नज़रअंदाज़ कर दिया जाए तो यह समस्या बढ़ जाती है।
  • शरीर की उष्णता बढ़ जाने पर भी यह समस्या होती है।

अगर आप ऊपर दिए गए कारणों को ध्यान में रखकर कुछ सावधानियां बरतें तो खुद को इस समस्या से बचा सकते हैं।

पायलोनिडल साइनस के लक्षण

पायलोनिडल साइनस के कुछ लक्षण हैं जो इस समस्या की पहचान करने में मदद कर सकते हैं। इसके लक्षणों में निम्न शामिल हो सकते हैं:

  • बैठने या उठने के समय दर्द
  • छूने पर अधिक दर्द
  • इंफेक्शन के कारण जलन और सूजन होना
  • नस या पुराने घावों से निकलने वाला पसीना
  • सिस्ट में सूजन होना
  • सिस्ट से मवाद या रक्त निकलना
  • सिस्ट से बाल निकलना

अगर आप ऊपर दिए गए लक्षणों को खुद में अनुभव करते हैं या इस समस्या से परेशान हैं तो विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श करने का सुझाव दिया जाता है।

पायलोनिडल साइनस का इलाज

पायलोनिडल साइनस का इलाज कई तरह से किया जा सकता है जिसमें सर्जरी, दवाएं और घरेलू नुस्खे आदि शामिल हैं।

अधिकतर मामलों में, पायलोनिडल साइनस के इलाज के लिए सर्जरी की जाती है। सर्जरी में साइनस के चारों ओर की त्वचा को काट दिया जाता है और साइनस के अंदर जमा मल को निकाला जाता है।

कुछ मामलों में, एंटीबायोटिक्स का उपयोग संक्रमण से निपटने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा, कुछ दवाओं का उपयोग साइनस के मुख को फोड़ने या खोलने से पहले साइनस में मल को निकालने में मदद कर सकता है।

साथ ही, सफाई और हाइजीन भी साइनस के इलाज में मददगार साबित हो सकती है। साइनस क्षेत्र को धोने के लिए अच्छे गुणवत्ता वाले साबुन और गर्म पानी का उपयोग किया जाना चाहिए। इसके अलावा, साइनस क्षेत्र को स्वच्छ और सूखा रखना भी बहुत जरूरी होता है।

क्या पायलोनिडल साइनस बिना सर्जरी के ठीक हो सकता है?

पायलोनिडल साइनस के उपचार के लिए सर्जरी सबसे सामान्य और सफल उपाय है। हालांकि, कुछ मरीजों में सर्जरी के बिना भी ठीक होने की संभावना होती है। इसके लिए कुछ उपचार विकल्प होते हैं जो निम्नलिखित हैं:

  • डॉक्टर आपको एंटीबायोटिक्स दवाओं की पांच-सात दिनों की कोर्स की सलाह दे सकते हैं। यह इंफेक्शन को कम करते हैं और रोगी को दर्द से राहत देते हैं।
  • कुछ आयुर्वेदिक दवाईयों का भी इस्तेमाल किया जाता है जो रोगी को दर्द से राहत देती हैं और संक्रमण को कम करती हैं। हालांकि, इसकी आधारभूत जानकारी के बिना आपको किसी भी आयुर्वेदिक उपचार का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • धातु, नमक और लोहे के पुराने तंत्रों का उपयोग भी किया जाता है। ये उपचार रोगी को दर्द से राहत देते हैं और संक्रमण को कम करते हैं।

पायलोनिडल साइनस का घरेलू उपचार

पायलोनिडल साइनस के लिए घरेलू उपचार कुछ इस प्रकार हैं:

  • तुलसी एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होती है और साइनस के लिए उपयोगी होती है। तुलसी के पत्तों को अच्छी तरह से पीस लें और इसको साइनस के ऊपर लगाएं। इसे रोजाना दो बार करें।
  • नींबू में विटामिन सी की मात्रा होती है जो विभिन्न संक्रमणों के लिए उपयोगी होता है। साइनस के लिए नींबू के रस को साइनस पर लगाएं। इसे कुछ मिनटों तक सुखने दें और फिर धो लें। इसको दिन में दो बार करें।
  • लहसुन एक तरह का एंटीबैक्टीरियल है जो साइनस के लिए उपयोगी होता है। लहसुन को छोटे टुकड़ों में काट लें और उन्हें साइनस के ऊपर लगाएं। इसे अच्छी तरह से सुखने दें और फिर धो लें।
  • नारियल तेल एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है जो साइनस के लिए उपयोगी होता है। साइनस क्षेत्र को नारियल तेल से मसाज करें। ऐसा करने से सिस्ट के लक्षणों से राहत मिलती है।

साथ ही, इस बात का भी ध्यान रहे कि आप विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श किए बिना किसी भी घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर आप घरेलू नुस्खों से पायलोनिडल साइनस का दूर करना चाहते हैं तो पहले डॉक्टर से अवश्य परामर्श करें।

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Written and Verified by:

MBBS, MD - Dermatology, Venereology & Leprosy Dr Seema Oberoi Lall is a dynamic dermatologist in Gurgaon. Her experience spans over {{experience_year}} years and she has received specialized aesthetic dermatology training in Bombay. A leading skin specialist in Delhi NCR, Dr Seema brings extensive experience of more than 20+ years with Kaya Skin Clinic, Lall Hospitals (Gurgaon) and Medwin Hospital...