. जाने क्या है डायरिया तथा इसके कारण, प्रकार, लक्षण, इलाज और बहुत कुछ (Diarrhea in Hindi)
Call Now Write to us Whatsapp

जाने डायरिया क्या है? इसके कारण, प्रकार, लक्षण और इलाज (Diarrhea in Hindi)

Must know things regarding Diarrhea in Hindi
Share

डायरिया क्या है? (Diarrhea Meaning in Hindi)

डायरिया को हिंदी और आम बोलचाल की भाषा में दस्त (Loose Motion in Hindi) भी कहते हैं। यह पाचन तंत्र से संबंधित एक विकार यानी डिसऑर्डर है जिसमें मरीज को पतला मल होता है। मुख्य रूप से यह समस्या रोटावायरस के कारण होती है, लेकिन कुछ मामलों में साल्मोनेला या ई. कोलाई जैसे जीवाणु भी इसका कारण बन सकते हैं।

साथ ही, कुछ खास प्रकार की दवाओं के सेवन, हार्मोनल विकार या आंतों में सूजन के कारण भी डायरिया की शिकायत हो सकती है। खान-पान और साफ-सफाई पर ध्यान देकर वायरस या बैक्टीरिया से होने वाले डायरिया को आसानी से रोका जा सकता है।

डायरिया के प्रकार (Types of Diarrhea in Hindi)

डायरिया को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है जिसमें एक्यूट डायरिया, परसिस्टेंट डायरिया और क्रोनिक डायरिया शामिल हैं।

  • एक्यूट डायरिया: यह सबसे कॉमन प्रकार का डायरिया है जिसमें पानी जैसा पतला दस्त होता है। शरीर में पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ जाने पर यह समस्या अपने आप ही कम जाती है।
  • परसिस्टेंट डायरिया: इस प्रकार का दस्त लगभग 2-4 सप्ताह तक रहता है। इस स्थिति में दिन में तीन बार या उससे अधिक ढीले मल होते हैं।
  • क्रोनिक डायरिया: इस प्रकार का डायरिया चार सप्ताह से अधिक समय तक रह सकता है जिससे आपकी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

डायरिया की गंभीरता, उसके प्रकार और कारण की पुष्टि करने के लिए लक्षण और नैदानिक परीक्षण की सहायता लेते हैं।

डायरिया के कारण (Causes of Diarrhea in Hindi)

डायरिया का सबसे बड़ा कारण एक वायरस है जो आंतों पर बुरा प्रभाव डालता है। इसे वायरल गैस्ट्रो एंड्राइड व आंतों का फ्लू भी कहते हैं। हालांकि, डायरिया के दूसरे भी कारण हो सकते हैं जैसे कि:

  • इंफेक्शन होना
  • खान-पान में एहतियात न बरतना
  • किसी दवा का साइड इफेक्ट्स होना
  • खान-पान की चीजों के प्रति एलर्जी होना
  • वायरल इंफेक्शन होना
  • रेडिएशन थेरेपी कराना
  • फूड पोइजनिंग होना
  • गंदगी के कारण

ऊपर दिए गए कारकों पर ध्यान देकर डायरिया के खतरे को कम किया जा सकता है।

डायरिया के लक्षण (Diarrhea Symptoms in Hindi)

डायरिया के कई लक्षण होते हैं जिनकी मदद से आप इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि आपको डायरिया की समस्या है। डायरिया के लक्षणों में निम्न शामिल हैं:

  • पानी का मल (पतला मल) आना
  • अत्यधिक मतली आना
  • पेट में दर्द और सूजन होना
  • शरीर में पानी की कमी होना
  • बार-बार बुखार आना
  • मल के साथ खून आना
  • बदहजमी की शिकायत होना
  • भूख में कमी आना
  • पेट में ऐंठन होना
  • कभी-कभी मतली के साथ उल्टी होना

अगर आप ऊपर दिए गए लक्षणों को खुद में अनुभव करते हैं तो आपको बिना देरी किए डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

डायरिया का इलाज (Treatment of Diarrhea in Hindi)

डायरिया होने पर बार-बार पतला मल होता है जिसके कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है। पानी की कमी के कारण शरीर में कमजोरी और दूसरी समस्याएं पैदा होती है। ऐसे में शरीर में पानी की कमी को दूर करने के लिए डॉक्टर अधिक से अधिक तरल पदार्थों के सेवन का सुझाव देते हैं।
शरीर में पानी की कमी को पूरा करने के लिए डॉक्टर इलेक्ट्रोलाइट या स्पोर्ट्स ड्रिंक आदि का भी सुझाव दे सकते हैं। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर इंट्रावीनस के माध्यम से शरीर में तरल पदार्थ पहुंचाते हैं ताकि शरीर की कमजोरी को दूर किया जा सके। अगर डायरिया का कारण बैक्टीरिया है तो डॉक्टर एंटीबायोटिक्स दवाएं निर्धारित करते हैं।

डायरिया की रोकथाम (Prevention of Diarrhea in Hindi)

डायरिया की रोकथाम करने के लिए आप कुछ बातों को ध्यान में रख सकते हैं जैसे कि:

  • शुद्ध पानी पीएं
  • अच्छी तरह पका हुआ खाना खाएं
  • ताजा पके हुए गर्म खाने का सेवन करें
  • कच्चे भोजन का सेवन करने से बचें
  • चाय, कॉफी, सोडा, चॉकलेट आदि के सेवन से बचें
  • बार-बार हाथ धोएं और साफ-सफाई का खास ध्यान रखें
  • बचे हुए खाने को तुरंत फ्रिज में रख दें

इन सबके अलावा, डायरिया के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श कर उचित इलाज कराएं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:

डायरिया कितने दिन में ठीक होता है?

आमतौर पर डायरिया 3-5 दिनों के अंदर ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ मामलों में यह लंबे समय तक भी रुक सकता है।

डायरिया कितने प्रकार के होते हैं?

मुख्य रूप से डायरिया को तीन भागों में बांटा गया है जिसमें एक्यूट डायरिया, परसिस्टेंट डायरिया और क्रोनिक डायरिया शामिल हैं।

डायरिया में क्या नहीं खाना चाहिए?

डायरिया होने पर अधिक फाइबर, मसालेदार, तैलीय और मीठी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।